सरदार पटेल की 150वीं जयंती पर एक से पंद्रह नवंबर तक ‘भारत पर्व’ मनाया जाएगा : अमित शाह

पटना. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बृहस्पतिवार को घोषणा की कि नयी दिल्ली में गणतंत्र दिवस परेड की तर्ज पर हर साल 31 अक्टूबर को ‘राष्ट्रीय एकता दिवस’ सरदार वल्लभभाई पटेल की जन्मस्थली गुजरात के एकता नगर में भव्य परेड के साथ मनाया जाएगा. शाह ने यहां संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में देश में एक से 15 नवंबर तक ‘भारत पर्व 2025’ मनाया जाएगा.
गृह मंत्री ने कहा, ”यह परेड मूल रूप से भारत की एकता की परेड होगी, जो देश के सर्वोच्च आदर्शों को जमीन पर उतारने का एक माध्यम होगी.” उन्होंने कहा, ”हर साल 26 जनवरी को नयी दिल्ली में आयोजित होने वाली गणतंत्र दिवस परेड की तर्ज पर हर साल 31 अक्टूबर को एकता नगर में भव्य परेड का आयोजन किया जाएगा.” शाह ने कहा कि यह वार्षिक कार्यक्रम देश के युवाओं को सरदार पटेल के सिद्धांतों और राष्ट्र के लिए उनके द्वारा किए गए उत्कृष्ट कार्यों के बारे में शिक्षित करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम बनेगा.
बिहार में अपने चुनाव प्रचार से समय निकालकर, शाह ने शुक्रवार को आयोजित होने वाले समारोहों के बारे में जानकारी देने के लिए संवाददाता सम्मेलन को संबोधित किया.
शुक्रवार को होने वाले समारोह के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ के पास से मार्च करती विभिन्न पुलिस टुकड़ियों की सलामी लेंगे. शुक्रवार की परेड में महिला पुलिस अधिकारी टुकड़ियों का नेतृत्व करेंगी, तथा विभिन्न राज्यों और अर्धसैनिक बलों के कर्मी सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करेंगे.
शाह ने कहा कि भारतीय वायु सेना की सूर्य किरण टीम एक शानदार ‘एयर शो’ प्रस्तुत करेगी, जो परेड का मुख्य आकर्षण होगा.
शाह ने कहा कि देश भर से 900 से अधिक कलाकार अपनी सांस्कृतिक विरासत को दुनिया के सामने पेश करेंगे. राष्ट्रीय एकता दिवस को गैर-राजनीतिक आयोजन बताते हुए शाह ने कहा कि इसका उद्देश्य केवल 562 रियासतों को भारतीय संघ में एकीकृत करने में सरदार पटेल की अद्वितीय भूमिका का सम्मान करना है.
एक नवंबर से शुरू होकर पखवाड़े भर चलने वाले ‘भारत पर्व 2025’ के बारे में उन्होंने कहा कि यह सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में शुरू होगा और 15 नवंबर को आदिवासी नेता बिरसा मुंडा की जयंती के उपलक्ष्य में ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ पर एक भव्य समारोह के साथ समाप्त होगा. उन्होंने कहा कि इस अवसर पर भोजन और ललित कलाओं में विविधता सहित जनजातीय संस्कृति का प्रदर्शन किया जाएगा.
उन्होंने कहा, ”’लौह पुरुष’ एवं अखंड भारत के निर्माता सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती 31 अक्टूबर को एकता नगर स्थित ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ पर मनाई जाएगी, जो ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना को प्रतिबिंबित करेगी.” शाह ने बताया कि प्रधानमंत्री ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ पर पुष्पांजलि अर्पित करेंगे, जिसके बाद राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह मनाया जाएगा. शाह ने कांग्रेस पर 41 वर्षों तक सरदार पटेल को ‘भारत रत्न’ पुरस्कार न देने का आरोप लगाया.
उन्होंने कहा, ”महात्मा गांधी के साथ मिलकर सरदार पटेल ने भारत के स्वतंत्रता संग्राम की रीढ़ मजबूत की. राष्ट्र की नींव बनाने में उनका योगदान बहुत बड़ा है. फिर भी कांग्रेस ने इसमें कोई कोर कसर नहीं छोड़ी कि देश सरदार पटेल को भुला दे और पार्टी ने उनके नाम पर कोई प्रतिमा या स्मारक नहीं बनवाया.” उन्होंने कहा कि दूसरी ओर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) ने ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ का निर्माण किया, जो आभियांत्रिकी की भव्य मिसाल है.
शाह ने कहा कि हर साल 15,000 पर्यटक ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ देखने आते हैं और अब तक देश-विदेश से 2.5 करोड़ से अधिक लोग इस प्रतिमा को देखने आ चुके हैं. उन्होंने कहा, ”पटेल का जीवन किसानों को सर्मिपत था और इसलिए भारत के लौह पुरुष की प्रतिमा के लिए लोहा किसानों से ही एकत्र किया गया.” शाह ने कहा कि इस वर्ष स्कूलों और कॉलेजों में ‘रन फॉर यूनिटी’ कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा.
