71 बेटियों को एनएमडीसी की नौकरी मिलने की संभावना की दिशा में एक कदम आगे

  • सर्वे के लिए गठित प्रशासनिक दल की आयोग के छ सदस्य करेंगे निगरानी
  • आयोग द्वारा दिए निर्देश पर महिला को मिली सहायक शिक्षिका की नौकरी
  • पुत्र की मृत्यु के प्रकरण में बुजुर्ग मां को आयोग ने दिलाया 50 हजार रुपए की अनुग्रह राशि

जगदलपुर, 18 जनवरी 2021 : जमीन विस्थापन के बाद एनएमडीसी से नौकरी की उम्मीद में महिला आयोग का दरवाजा खटखटाने वाली महिलाओं की उम्मीदें बढ़ गई हैं। छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष किरणमयी नायक ने आज सुनवाई के दौरान प्रकरण के शीघ्र निराकरण की दिशा में कदम बढ़ाते हुए भू-विस्थापितों की सूची तैयार करने के लिए सर्वेक्षण के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि इस सर्वेक्षण दल की निगरानी आयोग द्वारा सुझाए गए सदस्यों द्वारा की जाएगी। उन्होंने इसके लिए भू-विस्थापितों की प्रतिनिधि के रुप में योगिता बाला प्रकाश और अरुणा पटनायक, यूनियन से महेन्द्र जाॅन और जितेन्द्र नाथ, जनप्रतिनिधि मनोहर लुनिया और अधिवक्ता आलोक दुबे को इसकी जिम्मेदारी दी।

सुनवाई के दौरान नायक ने कहा कि संविधान के विपरीत किसी भी कानून को मान्यता नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि भू-विस्थापित बेटियों को मात्र मुआवजा दिया गया, जबकि नौकरी नहीं दी गई। बेटों के मामलों में भी छूट देते हुए नौकरी दे दी गई, किन्तु बेटियों को इससे वंचित रखा गया। उन्होंने कहा कि जो भूमि अधिग्रहित की गई थी, वे उस भूमि की स्वामी थीं, न कि भूमि स्वामी के परिवार की सदस्य।

सुनवाई के दौरान कलेक्टर रजत बंसल द्वारा पूर्व अधिकारियों द्वारा प्रशासनिक प्रक्रिया को समझने की चूक के कारण इस प्रकरण के पटाक्षेप में विलंब की बात कहते हुए इसके शीघ्र निराकरण के लिए पुनः सर्वेक्षण की बात कही गई। अध्यक्ष किरणमयी नायक ने आयोग द्वारा नामित सदस्यों की निगरानी में एक माह के भीतर सर्वेक्षण के साथ ही संभाग आयुक्त से अनुमति लेकर सूची एनएमडीसी को उपलब्ध कराने और आयोग को सूचित करने के निर्देश दिए। सर्वेक्षण का कार्य पूर्ण होते ही आयोग द्वारा पुनः सुनवाई की बात उन्होंने कही।