नयी दिल्ली. वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने भारतीय अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेला (आईआईटीएफ) की तर्ज पर एक प्रदर्शनी मई-जून में आयोजित करने का सोमवार को सुझाव देते हुए कहा कि इसमें स्वदेशी क्षमताओं और इसकी बढ़ती ताकत को दर्शाया जा सकता है.

गोयल ने यहां के प्रगति मैदान में आयोजित आईआईटीएफ का उद्घाटन करते हुए कहा कि र्गिमयों में होने वाली उस प्रदर्शनी में महिला उद्यमियों और एमएसएमई इकाइयों को शामिल होने के लिए खास तौर पर प्रोत्साहित किया जाना चाहिए. गोयल ने कहा, \”भारत की क्षमता में खासी बढ़ोतरी हुई है. क्या हम आईआईटीएफ की ही तरह की एक प्रदर्शनी र्गिमयों में भी आयोजित कर सकते हैं ?

उस समय लोग उत्तर भारतीय इलाकों में जाने के लिए दिल्ली से होकर गुजरते हैं. हमें वह प्रदर्शनी मई-जून में आयोजित करने के बारे में सोचना चाहिए जिसमें स्टार्टअप, एमएसएमई और व्यापार संगठनों पर खास ध्यान दिया जाए. क्या हम अपनी स्वदेशी क्षमताओं के प्रदर्शन के लिए एक स्वदेशी मेला आयोजित कर सकते हैं?\” उन्होंने कहा कि र्गिमयों में होने वाली इस प्रदर्शनी को लोकप्रिय बनाने के लिए इंडिया ट्रेड प्रमोशन आॅर्गनाइजेशन (आईटीपीओ) इसे \’न नफा, न नुकसान\’ के मॉडल पर आयोजित करने के बारे में सोच सकता है. आईआईटीएफ का भी आयोजन आईटीपीओ ही करता है.

इसके साथ ही उन्होंने रामनवमी या दिवाली के समय अयोध्या में भी एक व्यापार मेला आयोजित करने का सुझाव दिया. उन्होंने कहा कि अयोध्या का मेला पर्यटकों के लिए एक आकर्षक गंतव्य बन सकता है. प्रगति मैदान में 14-17 नवंबर तक चलने वाले आईआईटीएफ में ब्रिटेन और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) समेत 12 देशों के अलावा घरेलू स्तर के भी करीब 2,500 प्रतिभागी शिरकत कर रहे हैं. इस साल बिहार, झारखंड एवं महाराष्ट्र इस मेले में साझेदार राज्य हैं जबकि उत्तर प्रदेश और केरल फोकस राज्य हैं. लेह-लद्दाख पहली बार इस मेले में शामिल हो रहे हैं.

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