देशमुख्य समाचार

उच्चतम न्यायालय का CBI जांच का आदेश रद्द किया जा सकता है: करूर भगदड़ पर द्रमुक ने कहा

चेन्नई/दिल्ली. द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) ने सोमवार को कहा कि करूर भगदड़ की सीबीआई जांच के उच्चतम न्यायालय के आदेश को रद्द किए जाने की संभावना है. करूर भगदड़ में 41 लोग मारे गए थे. मुख्य विपक्षी दल अन्नाद्रमुक ने न्यायालय के फैसले को “स्पष्ट रूप से द्रमुक के मुंह पर तमाचा” करार दिया और भाजपा ने केंद्रीय एजेंसी से जांच के लिए न्यायालय के आदेश का स्वागत किया.

द्रमुक के राज्यसभा सदस्य और भगदड़ मामले में तमिलनाडु सरकार का प्रतिनिधित्व करने वाले अधिवक्ता पी. विल्सन ने कहा कि दो लोगों ने अदालत को सूचित किया है कि उनकी जानकारी के बिना उनके नाम का इस्तेमाल याचिका दायर करने के लिए किया गया है.
उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को करूर भगदड़ की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से जांच का आदेश दिया और इसकी निगरानी के लिए शीर्ष अदालत के पूर्व न्यायाधीश अजय रस्तोगी को एक समिति का प्रमुख नियुक्त किया.

न्यायमूर्ति जे के माहेश्वरी और न्यायमूर्ति एन वी अंजारिया की पीठ ने 27 सितंबर को अभिनेता विजय की रैली में हुई भगदड़ से संबंधित याचिकाओं पर विचार करने और एसआईटी जांच का आदेश देने के लिए मद्रास उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति एन सेंथिलकुमार की आलोचना भी की. दिल्ली में पत्रकारों से बात करते हुए विल्सन ने कहा कि लोग पहले से ही जश्न मना रहे हैं, लेकिन अगर यह साबित हो जाता है कि याचिकाएं धोखाधड़ी से दायर की गई हैं तो संभावना है कि न्यायालय का आदेश रद्द किया जा सकता है.

उन्होंने कहा, “कल यदि यह (दो लोगों की याचिका) साबित हो जाता है, तो संभावना है कि आदेश रद्द किया जा सकता है, क्योंकि अदालतें इस सिद्धांत का पालन करती हैं कि ‘धोखाधड़ी सभी गंभीर कानूनी प्रक्रियाओं को अवैध कर देती है’.” उन्होंने यह भी कहा कि न्यायालय ने उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश अरुणा जगदीशन की अध्यक्षता वाले एक सदस्यीय आयोग को अपनी जांच जारी रखने देने का निर्णय लिया है.

इस बीच, अन्नाद्रमुक प्रवक्ता कोवई सत्यन ने कहा कि उच्चतम न्यायालय का फैसला “स्पष्ट रूप से द्रमुक के मुंह पर तमाचा है”.
उन्होंने ‘पीटीआई वीडियो’ को बताया, “वे पीड़ित परिवारों के साथ न्याय करने के बजाय झूठी कहानियां और असत्य फैला रहे थे. इस मामले में द्रमुक ने जिस तरह से जांच को आगे ब­ढ़ाया, उसमें घोर खामियां थीं.” तमिलनाडु भाजपा के पूर्व अध्यक्ष के अन्नामलाई ने कहा कि यह उचित ही है कि सीबीआई जैसी प्रशिक्षित एजेंसी को जांच का जिम्मा संभालना चाहिए जिसने ऐसे कई मामलों की जिम्मेदारी उठाई है. उन्होंने यहां संवाददाताओं से कहा, “यह 41 लोगों की जिंदगी का मामला है. हमें इसकी तह तक जाना होगा. क्या यह आयोजकों की गलती है, स्थानीय प्रशासन की या भीड़ में से किसी की.”

admin

Vedant Bhoomi is a trusted name in the real estate industry, dedicated to crafting sustainable, elegant, and high-quality living spaces. With a deep understanding of design, nature, and community living, we aim to create projects that inspire a harmonious and fulfilling lifestyle.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button