सेना ने पुंछ में LOC पर घुसपैठ की कोशिश को नाकाम किया, 3 आतंकवादी ढेर

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जम्मू. सेना ने बृहस्पतिवार को जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पास घुसपैठ की कोशिश को नाकाम कर दिया और तीन आतंकवादियों को मार गिराया. अधिकारियों ने यह जानकारी दी. उन्होंने बताया कि सैनिकों ने एक आतंकवादी का शव बरामद कर लिया जबकि दो शव एलओसी के उस पार पड़े थे जिन्हें पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) के ग्रामीण ले गए.

एक रक्षा प्रवक्ता ने कहा, \”आज लगभग 10 बजे, सेना के सतर्क जवानों ने पुंछ सेक्टर में नियंत्रण रेखा पर कुछ व्यक्तियों की संदिग्ध गतिविधियां देखीं. वे लोग नियंत्रण रेखा को पार कर भारतीय सीमा में घुसपैठ करने की कोशिश कर रहे थे.’’ प्रवक्ता के अनुसार सैनिकों ने घुसपैठियों को ललकारा जिन्होंने जवानों पर गोलियां चलाईं. इसके बाद हुई मुठभेड़ में एक आतंकवादी मारा गया. उन्होंने बताया कि एक आतंकवादी का शव बरामद कर लिया गया है. घटनास्थल से दो एके-47 राइफल, एक पिस्तौल और अन्य साजोसामान भी बरामद किए गए हैं. उन्होंने बताया कि अभियान अभी जारी है और इलाके में तलाशी ली जा रही है.

जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद अंतिम सांस गिन रहा है : मनोज सिन्हा

जम्मू-कश्मीर के उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने बृहस्पतिवार को कहा कि यहां आतंकवाद अंतिम सांस गिन रहा है. उन्होंने सभी हितधारकों से केंद्र शासित प्रदेश में स्थायी शांति और सामान्य स्थिति लाने में अपनी भूमिका निभाने की अपील की. उन्होंने कहा, ‘‘केवल पुलिस और सुरक्षाबल ही स्थायी शांति नहीं ला सकते हैं. निर्वाचित जन प्रतिनिधियों और प्रशासन के अन्य धड़े भी इसमें बड़ी भूमिका निभा सकते हैं.’’ उप राज्यपाल का यह बयान केंद्र शासित प्रदेश में कश्मीरी पंड़ितों की चुन-चुनकर हत्या की घटनाओं को लेकर राजनीतिक दलों द्वारा की जा रही आलोचना के जवाब में आया है.

सिन्हा ने गरखाल सीमावर्ती इलाके में बुधवार शाम को आयोजित कार्यक्रम में कहा था, ‘‘मैं पूरे भरोसे से कह सकता हूं कि आतंकवाद अपनी अंतिम सांस गिन रहा है.’’ उन्होंने कहा कि अब ऐसी व्यवस्था की जरूरत है जिसके प्रति आम लोगों को यह विश्वास हो कि उन्हे न्याय मिलेगा और प्रशासन उनकी मदद करेगा. उन्होंने कहा कि ऐसी व्यवस्था केंद्र शासित प्रदेश में शांति और सामान्य स्थिति बहाल करने में बड़ी पहल साबित होगी. सिन्हा ने कहा कि भ्रष्टाचार के प्रति पारर्दिशता और कतई बर्दाश्त नहीं करने के सिद्धांत ने परियोजनाओं के क्रियान्वयन में क्रांति लाई है.