मुख्यमंत्री बघेल ने श्रीगुहान गौठान में लगाई चौपाल

  • गौठान परिसर में बाल वाटिका ’मोर घर बुंदिया’ का लोकार्पण
  • गौठान के तालाब में पीचिंग, महिला समूहों के लिए भवन, सीसी रोड तथा देवगुड़ी बनाने की घोषणा की

रायपुर, 27 जनवरी 2021 : मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कांकेर प्रवास की शुरूआत आज विकासखण्ड नरहरपुर स्थित ग्राम श्रीगुहान स्थित गौठान से की, जहां ग्रामीणों ने पारम्परिक नृत्य, तिलक-आरती और खुमरी पहनाकर उनका स्वागत किया। मुख्यमंत्री बघेल ने गौठान पहुंचकर गौवंश की पूजा अर्चना की। इस दौरान वे 54 लाख 58 हजार रूपये की लागत से बनने वाले श्रीगुहान से कोहकाटोला सड़क निर्माण का भूमिपूजन भी किया।

मुख्यमंत्री बघेल ने श्रीगुहान गौठान का अवलोकन किया और वहां चौपाल लगाकर ग्रामीणों से बातचीत की। उन्होंने गौठान में ग्रामीणों की सहभागिता की सराहना की और कहा कि गांधी जी ग्राम सुराज की बात करते थे। गौठान में संचालित गतिविधियों में महिला स्व-सहायता समूहों को काम मिलेगा, ग्रामीणों की आय में वृद्धि होगी, आर्थिक रूप से स्वावलम्बी बनकर अपने पैरों में खड़े होंगे, यही ग्राम सुराज है।

मुख्यमंत्री ने चौपाल में ग्रामीणों की मांग को पूरा करते हुए तालाब में 400 मीटर पीचिंग निर्माण, महिला समूहो के लिए भवन एवं गांव में 400 मीटर सीसी रोड तथा देवगुड़ी बनाने के लिए 5 लाख रुपये देने की घोषणा की। इस अवसर पर कांकेर जिले के प्रभारी मंत्री गुरु रुद्र कुमार, उद्योग मंत्री कवासी लखमा, राज्यसभा सांसद  फूलोदेवी नेताम, संसदीय सचिव एवं कांकेर विधायक शिशुपाल सोरी, कोंडागांव विधायक मोहन मरकाम संसदीय सलाहकार राजेश तिवारी, पूर्व विधायक शंकर धु्रवा, पुलिस उप महानिरीक्षक विनीत खन्ना, कलेक्टर

चंदन कुमार, पुलिस अधीक्षक एम आर अहिरे सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने गौठान समिति श्रीगुहान के अध्यक्ष परऊराम कुंजाम के साथ गौठान का अवलोकन किया।

गौठान का निरीक्षण करते हुए मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय आजीविका मिशन तथा स्थानीय महिला स्व-सहायता समूहों, पशुपालकों द्वारा किये जा रहे विभिन्न आजीविका संवर्धन गतिविधियों की भरपूर सराहना की। मुख्यमंत्री ने गौठान में गौवंश को चारा खिलाया, तत्पश्चात उन्होंने महिला स्व सहायता समूहों के महिलाओं से रूबरू होते हुए उन्हें प्रोत्साहित किया। ज्योति स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने मुख्यमंत्री को बताया कि गोधन न्याय योजनांतर्गत उनके द्वारा वर्मी कम्पोस्ट का निर्माण किया जा रहा है।

जय माँ भवानी स्व सहायता समूह की महिलाओं ने बताया कि उनके द्वारा 100 नग बतख पालन तथा मछली पालन किया गया है। महिलाओं ने बताया कि बतख से प्राप्त होने वाले अंडे को आंगनबाड़ी केंद्रों में सुपोषण अभियान अंतर्गत वितरण में किया जाएगा। जय बम्लेश्वरी स्व सहायता समूह की महिलाओं ने बताया कि उनके द्वारा मुर्गी पालन एवं मशरूम का उत्पादन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने मशरूम के उत्पादन को और बढ़ाने के लिए कहा।

तुलसी स्व सहायता एवं जय माँ लक्ष्मी स्व सहायता समूह की महिलाओं ने बताया कि उनके द्वारा गौठान में बने सामुदायिक बाड़ी में करेला, बरबट्टी, भिंडी, लौकी, कद्दू, मिर्च एवं टमाटर की उपज ली जा रही है। मुख्यमंत्री ने सभी समूह की महिलाओं के कामों की सराहना की।

मुख्यमंत्री बघेल ने इस गौठान परिसर में बच्चों के मनोरंजन के लिए बनाए गए बाल वाटिका ‘‘मोर घर बुंदिया’’ का लोकार्पण किया। गौठान में बनाये गए बाल वाटिका में ग्रामीण बच्चों एवं गौठान में संचालित विभिन्न गतिविधियों में कार्य करने वाली महिलाओं के बच्चें मनोरंजन कर पाएंगे। मुख्यमंत्री बघेल ने श्रीगुहान गौठान में जय तुलसी स्व सहायता समूह की महिलाओं को कृषि यांत्रिकीकरण सब मिशन योजना अंतर्गत एक ट्रैक्टर, थ्रेसर, सीड ड्रिल, कल्टीवेटर, रीपर, स्पेयर, कैचबिल दिया गया।

ट्रैक्टर एवं अन्य उपकरण के मिल जाने से समूह की महिलाओं को आधुनिक कृषि में आसानी होगी एवं फसल उत्पादन में वृद्धि भी होगी। इसके अलावा 5 किसानों को सिंचाई पेट्रोल पंप, 5 नग स्प्रिंकलर, 10 किसानों को मूंग मिनीकिट, 10 किसानों को उड़द मिनीकिट, 10 किसानों को मक्का मिनीकिट के अलावा 5 किसानों को 30-30 किलो का 1-1 बैग वर्मी कम्पोस्ट दिया गया।

मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय आजीविका मिशन (बिहान) की महिला समूहों द्वारा लगाये गये स्टॉलों का निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने गौठान में राष्ट्रीय आजीविका मिशन द्वारा लगाए गए स्टाल में शीतला स्व सहायता समूह की महिलाओं द्वारा सीता फल से बनाई गई रबड़ी एवं आइसक्रीम का स्वाद चखा। मुख्यमंत्री ने स्वाद चखकर इसकी तारीफ की। इन स्टॉलों में महिला समूहों द्वारा मशरूम उत्पादन, स्थानीय उत्पादित अनाज जैसे काला चावल, जैविक कीटनाशक, जैविक खाद, वाशिंग पाउडर, तीखुर के पैकेट को विक्रय हेतु रखा गया था। इसके अलावा बिहान के सौजन्य से यहां पापड़, अचार, मसाले, मिठाईयां, गोबर से बने हुए दीये, साबुन, क्लीनर जैसे दैनिक उपयोग मे आने वाली सामग्रियों का समूह की महिलाओं द्वारा विक्रय किया जा रहा है।