विपक्ष को दबाने की कोशिश में सरकार, कांग्रेस नेतृत्व दबने वाला नहीं है: बघेल
नयी दिल्ली.छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी की प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के समक्ष पेशी को लेकर सोमवार को केंद्र सरकार पर विपक्ष को दबाने का प्रयास करने का आरोप लगाया और कहा कि ‘प्रतिशोध की भावना’ से हो रही इस कार्रवाई से सोनिया गांधी और राहुल गांधी दबने वाले नहीं हैं.
उन्होंने संववाददाताओं से कहा, ‘‘ईडी की कार्रवाई द्वेषपूर्ण है. केंद्र की भाजपा सरकार राजनीतिक प्रतिशोध की भावना से कांग्रेस के राष्ट्रीय नेतृत्व को परेशान कर रही है. उनके ऊपर झूठे केस लगाकर उन्हें फंसाया जा रहा है.’’ कांग्रेस के ‘सत्याग्रह’ और मार्च में शामिल हुए बघेल ने कहा, ‘‘कानून का राज कहां है? यहां तो तानाशाही हो रही है. केंद्र सरकार ईडी, आईबी, सीबीआई का दुरुपयोग कर विपक्ष की आवाज को दबाना चाहती है, जिसका कांग्रेस विरोध करती है.’’
उन्होंने कहा, ‘‘संकट में फंसे ‘नेशनल हेराल्ड’ को उबारने के लिए कांग्रेस पार्टी ने अलग-अलग समय में 90 करोड़ का ऋण दिया था. किसी भी राजनीतिक दल द्वारा ऋण देना भारत में किसी भी कानून के तहत आपराधिक कृत्य नहीं है. फिर, कांग्रेस पार्टी की तरफ से एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड को कुल 90 करोड़ रुपये का ऋण देना कैसे आपराधिक कृत्य माना जा सकता है? ’’ बघेल ने कहा, ‘‘इस मामले में कोई प्राथमिकी नहीं है. एक शिकायत के आधार पर कार्रवाई की जा रही है. 2015 में मामला बंद भी कर दिया गया था. हम और हमारा नेतृत्व दबने वाले नहीं हैं. सोनिया गांधी जब ईडी के सामने पेश होंगी, तब इससे बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा.’’
सभी ‘निराधार’ आरोपों से मुक्त होंगे राहुल: रॉबर्ट वाद्रा
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी की प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के समक्ष पेशी से पहले उनके बहनोई रॉबर्ट वाद्रा ने सोमवार को उनके साथ एकजुटता प्रकट करते हुए कहा कि राहुल सभी ‘निराधार आरोपों’ से मुक्त होंगे. वाद्रा ने अपने खिलाफ दर्ज मामले का हवाला देते हुए कहा कि ईडी ने उन्हें 15 बार बुलाया और पूछताछ की. उन्होंने एक फेसबुक पोस्ट में कहा कि सरकार ‘उत्पीड़न’ के जरिये देश के लोगों को दबा नहीं सकेगी. वाद्रा ने कहा, ‘‘राहुल, आप निश्चित तौर पर इन निराधार आरोपों से मुक्त होंगे.’’
सोनिया और राहुल समझौता नहीं करेंगे, प्रधानमंत्री का अहंकार खत्म होगा: गहलोत
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी की प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के समक्ष पेशी को लेकर सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर हमला करते हुये कहा कि उनकी पार्टी के दोनों शीर्ष नेता समझौता नहीं करेंगे तथा विचारधारा के आधार पर लड़ाई लड़ते रहेंगे. गहलोत ने कहा कि अहंकर किसी का नहीं बचा और ऐसे में प्रधानमंत्री और गृह मंत्री का अहंकार भी खत्म होगा.
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गहलोत ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘राहुल गांधी और सोनिया गांधी जी ने यह संदेश दे रखा है कि हम समझौता नहीं करेंगे, हम विचारधारा के आधार पर लड़ाई लड़ेंगे…इस सरकार ने सीबीआई, इनकम टैक्स, ईडी, डीआरआई, न्यायपालिका सब पर इतना दबाव बना रखा है कि वे निष्पक्ष होकर कोई काम करना चाहें तो भी नहीं कर सकतीं.’’ गहलोत ने कहा, ‘‘वक्त आ गया है कि हर ंिहदुस्तानी को यह सोचना चाहिए कि हम देश को कहां ले जाना चाहते हैं. राहुल गांधी ने ये बात लंदन में कही थी कि भाजपा ने पूरे देश के अंदर कैरोसिन छिड़क दिया है. अब आप देख लीजिए, क्या हो रहा है? दंगे हो रहे हैं, दंगे भड़काए जा रहे हैं, तनाव हो रहा है.’’
उन्होंने जोरे देकर कहा, ‘‘मोरारजी देसाई देश के प्रधानमंत्री थे. उस वक्त इंदिरा गांधी जी को जेल में डाल दिया गया था. पूरा देश उठ खड़ा हुआ था और इंदिरा गांधी की आंधी चली थी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह अहम-घमंड के साथ चल रहे हैं. अहम-घमंड तो आज तक किसी का चला ही नहीं, इनका भी नहीं चलने वाला, आज नहीं तो कल खत्म होगा.’’ राजस्थान के पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट ने कहा, ‘‘यह सरकार जांच एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है. दबाव बनाने की राजनीति चल रही है, यह जगजाहिर हो गया है.’’ उन्होंने कहा, ‘‘इस मामले में छिपाने के लिए कुछ नहीं है. सिर्फ विरोधियों को निशाना बनाने की राजनीति हो रही है.’’
