हिमाचल प्रदेश में सामूहिक नेतृत्व के तहत चुनाव लड़ रही है कांग्रेस: बघेल

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शिमला. कांग्रेस के वरिष्ठ पर्यवेक्षक भूपेश बघेल ने हिमाचल प्रदेश में पार्टी के अंदर ‘‘अंतर्कलह’’ के भाजपा के दावों को खारिज करते हुए रविवार को कहा कि कांग्रेस राज्य में ‘‘सामूहिक नेतृत्व’’ के तहत चुनाव लड़ रही है और पार्टी चुनाव से पहले तब मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार का ऐलान नहीं करती जब राज्य में उसका मुख्यमंत्री नहीं होता.

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री बघेल ने यह भी कहा कि प्रदेश में राजनीतिक कामकाज राज्य के नेता देखेंगे. दरअसल अटकलें लगाई जा रही हैं कि प्रियंका गांधी वाद्रा 12 नवंबर को होने वाले चुनाव में पार्टी की जीत होने पर प्रमुख भूमिका निभा सकती हैं. बघेल ने ‘पीटीआई-भाषा’ को दिए एक साक्षात्कार में आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार \’डबल इंजन\’ नहीं ‘ट्रबल इंजन’ वाली है, जिसके कारण हिमाचल के लोग ‘‘कई परेशानियों’’ का सामना कर रहे हैं और इन मुसीबतों को कांग्रेस समाप्त कर सकती है.

कांग्रेस के घोषणापत्र में किए गए बड़े वादों जैसे – एक लाख नौकरियां, वयस्क महिलाओं के लिए 1500 रुपये, 680 करोड़ रुपये के स्टार्टअप- कोष को शुरू करने आदि के लिए संसाधन जुटाने के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, ‘‘हम लोगों की क्रय शक्ति बढ़ाकर वित्तीय अनुशासन सुनिश्चित करेंगे और संसाधन जुटाएंगे. उनकी क्रय शक्ति बढ़ जाने पर राज्य के खजाने में स्वाभाविक रूप से वृद्धि होगी क्योंकि हमें अधिक कर मिलेगा.’’

बघेल ने कहा कि कांग्रेस ‘‘लोगों की थाली में वह सब वापस रखेगी जो भाजपा ने जीएसटी के माध्यम से छीन लिया है.’’ उन्होंने कहा, ‘‘हम लोगों की आय बढ़ाने की बात कर रहे हैं क्योंकि महंगाई के कारण उनका जीवन कठिन हो गया है. उनका पैसा बर्बाद हो रहा है. भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार महंगाई बढ़ा रही है और कांग्रेस, यदि सत्ता में आती है, तो लोगों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाएगी. हमने छत्तीसगढ़ में ऐसा किया है और हिमाचल प्रदेश में भी करेंगे.’’ उन्होंने कहा कि महंगाई बढ़ने से हिमाचल में बेरोजगारी बढ़ी है. बघेल ने सत्तारूढ़ भाजपा पर कटाक्ष करते हुए कहा, ‘‘यह ‘डबल इंजन’ वाली सरकार नहीं , बल्कि ‘ट्रबल इंजन’ वाली सरकार है.’’

हिमाचल में चुनाव अभियान की अगुवाई कर रहीं प्रियंका गांधी वाद्रा की भूमिका के बारे में पूछे जाने पर बघेल ने कहा, ‘‘प्रियंका गांधी एक राष्ट्रीय नेता हैं. राज्य की राजनीति प्रदेश के नेता करेंगे.’’ हिमाचल कांग्रेस के कई नेताओं में मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार बनने की चाहत को लेकर भाजपा की आलोचनाओं पर बघेल ने कहा कि हर राजनीतिक दल अपने लक्ष्यों के आधार पर राज्यों में अपनी रणनीति बनाता है और कांग्रेस जहां भी विपक्ष में होती है, सामूहिक नेतृत्व में चुनाव लड़ती है.

बघेल ने कहा, ‘‘हमने बहुत कम जगहों पर मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार की घोषणा की है. जहां भी हमारा मुख्यमंत्री होता है, वही नेता होता है. भाजपा भी तो यही करती है. वे सवाल क्यों उठा रहे हैं.’’ उन्होंने यह भी पूछा कि क्या भाजपा ने 2017 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में, या अन्य राज्यों में जहां वे विपक्ष में थे, मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किया था.

कांग्रेस में अंतर्कलह के भाजपा के आरोपों को खारिज करते हुए बघेल ने कहा, ‘‘छत्तीसगढ़ में भी भाजपा कह रही है कि मुख्यमंत्री पद का कोई उम्मीदवार नहीं है. वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चेहरे पर चुनाव लड़ने का दावा करते हैं.’’ उल्लेखनीय है कि शनिवार को हिमाचल में रैलियों को संबोधित करते हुए, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि कांग्रेस अंदरूनी कलह और गुटबाजी में फंसी हुई है, और वह कभी हिमाचल को स्थिरता व समृद्धि प्रदान नहीं कर सकती.

भाजपा का हिमाचल चुनाव घोषणापत्र पुराने वादों की ‘कट-कॉपी-पेस्ट’, कुछ हमसे उधार लिया: कांग्रेस

कांग्रेस ने हिमाचल प्रदेश के लिए सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के चुनावी घोषणापत्र को लेकर रविवार को निशाना साधा और इसे 2017 के उसके वादों का ‘‘कट-कॉपी-पेस्ट’’ तथा कांग्रेस के 2022 के चुनावी दस्तावेज से ‘‘कुछ उधार लेकर तैयार किया गया’’ बताया.

भाजपा अध्यक्ष जे पी नड्डा ने हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी का घोषणापत्र जारी करते हुए रविवार को समान नागरिक संहिता (यूसीसी), सरकारी नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण और विभिन्न क्षेत्रों के लिए रियायतों का वादा किया.

ंिहदुत्व, विकास और कल्याणकारी वादों के मिश्रण वाले ‘संकल्प पत्र’ के साथ नड्डा ने महिलाओं के लिए एक अलग घोषणापत्र भी जारी किया. यह मतदाताओं का वह वर्ग है जहां मुफ्त अनाज, रसोई गैस कनेक्शन और शौचालय की व्यवस्था जैसे उपायों से विभिन्न चुनावों में भाजपा को अनुकूल प्रतिक्रियाएं मिली हैं.

हिमाचल प्रदेश के कांग्रेस प्रभारी राजीव शुक्ला और पार्टी नेता अलका लांबा ने भाजपा के घोषणापत्र को ‘‘कट-कॉपी-पेस्ट’’ दस्तावेज करार दिया. शुक्ला ने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘उनका 2022 का घोषणापत्र झूठ का पुंिलदा है. जब उन्होंने पिछले वादों को पूरा नहीं किया, तो अब क्या करेंगे?’’ शुक्ला ने यह भी कहा कि भाजपा के घोषणापत्र में पुरानी पेंशन योजना के बारे में एक शब्द भी नहीं कहा गया है, जिसे बहाल करना सरकारी कर्मचारियों की प्रमुख मांग रही है.

उन्होंने कहा, ‘‘पुरानी पेंशन योजना एक बड़ी मांग है, लेकिन वे इस बारे में कुछ नहीं कर रहे हैं. राजस्थान और छत्तीसगढ़ में हमारी सरकारों ने इसे लागू किया है.’’ हिमाचल प्रदेश में सत्ता में आने की स्थिति में समान नागरिक संहिता लागू करने के भाजपा के वादे पर शुक्ला ने पूछा कि उसे उत्तराखंड में ऐसा करने से किसने रोका, जहां उन्होंने पूर्व में वादा किया था.

घोषणापत्र को लेकर भाजपा पर निशाना साधते हुए शुक्ला ने कहा, ‘‘पहले वे इसे चार नवंबर को जारी करने वाले थे. फिर किसी ने उन्हें बताया कि कांग्रेस पांच नवंबर को अपना घोषणापत्र जारी कर रही है. उन्होंने हमारे दस्तावेजÞ से कुछ ंिबदुओं की कॉपी की और उनका उपयोग किया. लेकिन वे यह भूल गए कि उन्होंने 2017 में अपना घोषणापत्र जारी किया था और उन्होंने फिर से कुछ वादों को शामिल किया है जो पहले पूरे नहीं हुए थे.’’

शुक्ला ने आरोप लगाया, ‘‘इसलिए, उन्होंने 2017 के अपने ही घोषणापत्र और कांग्रेस के वर्तमान चुनावी घोषणापत्र की कॉपी की. उन्होंने 2017 में न तो वादों को पूरा किया और न ही वे अब ऐसा करने जा रहे हैं, वे केवल लोगों को गुमराह करते हैं.’’ शुक्ला ने कहा कि 2017 में भाजपा ने वादा किया था कि सभी गांवों को सड़कों से जोड़ा जाएगा, लेकिन उसने कुछ नहीं किया और अब वादा दोहराया है.

उन्होंने दावा किया, ‘‘भाजपा ने पिछली बार स्टार्ट-अप कोष का वादा किया था और पांच साल तक कुछ नहीं किया. अब जब उन्होंने कांग्रेस के घोषणापत्र में 680 करोड़ रुपये के स्टार्टअप फंड की बात देखी तो उन्होंने फिर से यह वादा किया.’’ शुक्ला ने कहा कि 2017 में भाजपा ने युवाओं को एक जीबी डेटा मुफ्त देने का वादा किया था, लेकिन उसने इसे पूरा नहीं किया.

उन्होंने कहा, ‘‘कांग्रेस ने 2022 के अपने घोषणापत्र में पांच लाख नौकरियों का वादा किया है, जिसमें से एक लाख सरकारी नौकरियां होंगी. भाजपा ने चरणबद्ध तरीके से रोजगार के आठ लाख अवसर पैदा करने का वादा किया है. उन्होंने इसे समयबद्ध नहीं बनाया है. इसलिए, यह सिर्फ एक जुमला है.’’ कांग्रेस ने सवाल किया भाजपा ने कहा है कि सेब उत्पादकों के लिए माल एवं सेवा कर (जीएसटी) 12 प्रतिशत तक सीमित रहेगा, लेकिन वे जीएसटी को खत्म क्यों नहीं कर रहे हैं. पुरानी पेंशन योजना के बारे में अलका लांबा ने कहा कि कांग्रेस शासित राजस्थान और छत्तीसगढ़ ने केंद्र की मदद के बिना इसे लागू किया है और लाभार्थियों को लाभ मिल रहा है. उन्होंने कहा, ‘‘सत्ता में आने के 10 दिनों के भीतर हम इसे हिमाचल प्रदेश में भी लागू कर देंगे.’’