कोरोना वायरस : छत्तीसगढ़ में पिछले 24 घंटे में सामने आए 1423 नए मरीज

रायपुर : छत्तीसगढ़ में पिछले 24 घंटे में राज्य के 1,423 लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। वहीँ सोमवार को 419 लोग ठीक हुए। 18 कोरोना संक्रमितों की मौत भी हुई। छत्तीसगढ़ में अब एक्टिव मरीजों की संख्या 2,01,081 हो चुकी है। सोमवार को 8283 लोगों की टेस्टिंग की गई थी। सबसे ज्यादा 509 मरीज अकेले दुर्ग से मिले। रायपुर से 442, बिलासपुर से 95, राजनांदगांव से 73, रायगढ़ से 7, कोरबा से 13 मरीज मिले। गरियाबंद, सुकमा, नारायणपुर और बीजापुर राज्य के ऐसे जिले रहे जहां बीते 24 घंटों में एक भी कोरोना संक्रमित व्यक्ति नहीं मिला।

सोमवार को केंद्र सरकार ने ऐसे राज्यों के बारे में बताया जहां मरने वालों का औसत राष्ट्रीय औसत से अधिक है। कोरोना की वजह से इस कैटेगरी में 18 राज्यों को रखा गया है। इनमें 15वें नंबर पर छत्तीसगढ़ है। नंबर 1 की पोजिशन पर देश की राजधानी दिल्ली है। इस औसत की गणना प्रति 10 व्यक्तियों में हो रही मौत पर की गई है। देश का औसत 117 है, छत्तीसगढ़ 138 और दिल्ली का औसत 588 है। छत्तीसगढ़ में पिछले 1 साल में अब तक 4096 लोगों की मौत हो चुकी है। राज्य सरकार के ताजा आंकड़ों के मुताबिक 419 लोग सोमवार रात तक ठीक हुए रायपुर और दुर्ग में अभी मिल रहे हैं।

राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं के संचालक नीरज बंसोड़ ने बताया कि कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए निजी चिकित्सालयों में कोविड मेडिकल फैसेलिटी और आइसोलेशन सेंटर को फिर से शुरू किया जा रहा है। अब प्राइवेट अस्पताल में कोविड मरीजों के उपचार के लिए अस्पताल में संचालित कुल बेड में से कोविड एवं नान कोविड सहित 50% बेड में ऑक्सीजन की फैसिलिटी उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है। ताकि वहां मरीजों को सुविधा मिले।

अंबेडकर हॉस्पिटल के संयुक्त संचालक और अधीक्षक डॉक्टर विनीत जैन ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से कोरोना मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी दिख रही है। हॉस्पिटल में कोरोना के गंभीर लक्षण के साथ भर्ती होने वाले मरीजों की संख्या में भी वृद्धि हुई है।उन्होंने बताया कि पिछले कुछ समय में लोग लापरवाह हुए हैं, जिसमें मास्क ना लगाना, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन न करना शामिल है। इस तरह मरीजों में अपने आप को छिपाने की प्रवृत्ति भी बढ़ी है। कई बार जांच देर से कराने या देरी से हॉस्पिटल पहुंचने के कारण गंभीर अवस्था में मरीजों को बचाया जाना संभव नहीं हो पाता। बचाव हमेशा इलाज से बेहतर होता है।