हार के डर से राहुल गांधी हिमाचल में चुनाव प्रचार करने नहीं आ रहे : रविशंकर प्रसाद

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शिमला. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने मंगलवार को कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी हिमाचल प्रदेश में चुनाव प्रचार में इसलिए भाग नहीं ले रहे हैं ताकि राज्य में आगामी विधानसभा चुनाव में पार्टी की हार पर उन्हें जिम्मेदारी नहीं लेनी पड़े.

प्रसाद ने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘राहुल गांधी कहां हैं, वह कहां लापता हैं? वह एक (भारत जोड़ो) यात्रा पर हैं, लेकिन हिमाचल के साथ इतनी उदासीनता क्यों. कांग्रेस के पूरे नेतृत्व, इससे मेरा आशय है प्रभावी नेतृत्व, उसकी हिमाचल के प्रति उदासीनता क्यों है.’’ उन्होंने कहा, ‘‘चुनाव प्रचार एक या दो दिन में थम जाएगा लेकिन ना तो राहुल गांधी और ना ही उनकी मां (सोनिया गांधी) को यहां देखा गया.’’ प्रसाद ने कहा कि राहुल गांधी को चुनाव हार जाने का डर है, इसलिए वह राज्य में नहीं आकर जिम्मेदारी लेने से बच रहे हैं.

उन्होंने कहा, ‘‘राहुल गांधी हिमाचल में चुनाव प्रचार क्यों नहीं कर रहे? हम यह पूछना चाहते हैं. क्या कांग्रेस पार्टी को हार का डर है? इसकी वजह है क्योंकि अभी छह राज्यों में सात विधानसभा सीटों पर उपचुनाव हुए और भाजपा ने छह सीटों पर चुनाव लड़ा तथा चार पर जीत प्राप्त की. कांग्रेस एक भी सीट नहीं जीत सकी और जमानत भी जब्त करा ली.’’ प्रसाद ने कहा, ‘‘तेलंगाना में, जहां से राहुल गांधी की यात्रा महाराष्ट्र में प्रवेश कर रही है, वहां मुनुगोड़े उपचुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार की जमानत जब्त हो गयी. इसलिए राहुल गांधी के हिमाचल प्रचार के लिए नहीं आने का स्पष्ट कारण है हिमाचल प्रदेश में चुनाव में हार की जिम्मेदारी लेने से बचना.’’

उन्होंने कहा, ‘‘हार और जीत चुनाव के पहलू हैं. उनके नेता हिमाचल में आराम के लिए आएंगे, लेकिन जब राजनीतिक प्रक्रिया के तहत राज्य की जनता से संपर्क की बात आएगी तो वे दूर रहेंगे. यह किस तरह की राजनीति है?’’ प्रसाद ने कहा, ‘‘इसलिए, मेरा स्पष्ट मानना है कि राहुल गांधी और सोनिया गांधी नहीं आ रहे क्योंकि वे जानते हैं कि चुनाव परिणाम क्या होगा.’’ हिमाचल प्रदेश में विधानसभा चुनाव के लिए 12 नवंबर को मतदान होगा.

इस बीच प्रसाद ने भाजपा के महिला घोषणापत्र ‘स्त्री संकल्प पत्र’ को देश की राजनीति में नया ‘मील का पत्थर’ बताया. उन्होंने कहा, ‘‘महिलाओं के व्यक्तिगत सशक्तीकरण की बात हो या उनके स्वास्थ्य, तकनीकी विकास, शैक्षणिक सशक्तीकरण की बात हो, यह समग्र घोषणापत्र है.’’ उन्होंने कांग्रेस पर बिना कोई रोडमैप बताये लंबे-चौड़े वादे करने का आरोप लगाया.

प्रसाद ने कहा, ‘‘मैं कांग्रेस को जिम्मेदार नहीं ठहरा रहा, क्योंकि वे जानते हैं कि वे हिमाचल में नहीं जीत रहे, इसलिए चांद-तारे के वादे करने में क्या नुकसान है? उन्होंने उत्तर प्रदेश, असम और उत्तराखंड में भी बड़े-बड़े वादे किये. सब उनका ट्रैक रिकॉर्ड जानते हैं.’’ उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश भारत में सबसे अच्छी तरह शासित राज्यों में से एक है और जयराम ठाकुर सरकार ने अच्छा काम किया है.

जब प्रसाद से पूछा गया कि इस साल मार्च में हुई हिमाचल प्रदेश पुलिस कांस्टेबल परीक्षा में प्रश्नपत्र कथित तौर पर लीक होने के मामले में किसी अधिकारी को तलब क्यों नहीं किया गया तो उन्होंने कहा कि एसआईटी मामले की जांच कर रही है और जो भी दोषी पाया गया उसे दंडित किया जाएगा. राज्य में कांग्रेस ने पुरानी पेंशन योजना बहाल करने का वादा किया है. पुरानी पेंशन योजना पर भाजपा का रुख पूछे जाने पर प्रसाद ने कहा कि सरकार ने इस बारे में विचार करने के लिए एक समिति बनाई है जिसकी रिपोर्ट के आधार पर आगे कदम उठाया जाएगा.