जी20 शिखर सम्मेलन : प्रधानमंत्री मोदी व चीनी राष्ट्रपति ने एक कार्यक्रम में हाथ मिलाया

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बाली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी चिनंिफग ने मंगलवार को यहां जी20 शिखर सम्मेलन के एक कार्यक्रम में हाथ मिलाया. सीमा गतिरोध को लेकर दोनों देशों के तनावपूर्ण संबंधों के बीच दोनों नेताओं की इस मुलाकात ने लोगों का ध्यान अपनी ओर आकृष्ट किया. इंडोनेशियाई राष्ट्रपति जोको विडोडो ने जी20 प्रतिनिधियों के लिए स्वागत रात्रिभोज दिया था. मीडिया के लिए उस कार्यक्रम का सीधा प्रसारण किया गया जिसमें दोनों नेताओं को हाथ मिलाते देखा गया.

जी20 शिखर सम्मेलन से इतर दोनों नेताओं की संभावित द्विपक्षीय बैठक को लेकर अटकलें लगाई जा रही थीं. लेकिन दोनों पक्षों द्वारा साझा किए गए एजेंडा में ऐसी किसी बैठक का उल्लेख नहीं है. मोदी और शी इंडोनेशियाई राष्ट्रपति द्वारा आयोजित रात्रिभोज में भाग ले रहे थे. दोनों नेताओं के बीच हुई बातचीत के बारे में पूछे जाने पर आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि रात्रिभोज के समापन पर दोनों ने एक दूसरे का अभिवादन किया.

गलवान घाटी में दोनों देशों के बीच जून 2020 में हुए संघर्ष में 20 भारतीय सैनिक शहीद हो गए थे. उसके बाद दोनों नेताओं की आमने-सामने की कोई बैठक नहीं हुई है. भारत लगातार कहता रहा है कि वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर शांति द्विपक्षीय संबंधों के समग्र विकास के लिए महत्वपूर्ण है. प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति शी सितंबर में समरकंद में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के वार्षिक शिखर सम्मेलन में आमने-सामने आए थे.

समझा जाता है कि वहां उनकी कोई अलग बैठक नहीं हुई थी, हालांकि ऐसा माना जाता है कि उन्होंने एक दूसरे का अभिवादन किया होगा. बाली में, रात्रिभोज के अंत में दोनों नेताओं ने हाथ मिलाया. वीडियो के अनुसार उन्होंने संक्षिप्त बातचीत भी की. इसके बाद कैमरे का रुख बदल गया और प्रसारण समाप्त हो गया.

रात्रि भोज कुछ हद तक अनौपचारिक माहौल में गरुड़ विष्णु केंकाना सांस्कृतिक पार्क में आयोजित किया गया था. इस दौरान नृत्य प्रस्तुतियां भी की गईं. शी ने सोमवार को अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन के साथ द्विपक्षीय बैठक की थी. मोदी यहां इंडोनेशिया के राष्ट्रपति विडोडो के निमंत्रण पर जी20 शिखर सम्मेलन में भाग लेने आए हैं.

जी-20 शिखर सम्मेलन से इतर मोदी ने बाइडन, सुनक व मैक्रों से बात की

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को यहां जी-20 शिखर सम्मेलन से इतर अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और कई अन्य वैश्विक नेताओं के साथ अनौपचारिक बातचीत की और कई मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान किया.

मोदी ने वार्षिक जी-20 शिखर सम्मेलन के एक सत्र को यहां संबोधित करते हुए कहा कि जलवायु परिवर्तन, कोविड-19 वैश्विक महामारी और यूक्रेन संकट के कारण उत्पन्न वैश्विक चुनौतियों ने दुनिया में तबाही मचा दी है और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला ‘‘चरमरा’’ गई है.

भारत की जी-20 की आगामी अध्यक्षता के संदर्भ में मोदी ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि जब ‘‘(गौतम) बुद्ध और (महात्मा) गांधी की धरती पर जी-20 की बैठक होगी, तो हम सभी एकसाथ विश्व को शांति का ठोस संदेश देंगे.’’ प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने एक ट्वीट में कहा, ‘‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने बाली में जी-20 शिखर सम्मेलन के दौरान बातचीत की.’’ मोदी ने ब्रिटेन के प्रधानमंत्री सुनक से भी मुलाकात की. पिछले महीने सुनक के प्रधानमंत्री बनने के बाद से दोनों के बीच आमने-सामने हुई यह पहली बातचीत थी.

पीएमओ ने एक अन्य ट्वीट में कहा, ‘‘बाली में जी20 शिखर सम्मेलन के पहले दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ऋषि सुनक ने चर्चा की.’’ पीएमओ ने ट्वीट किया, ‘‘राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से जी-20 शिखर सम्मेलन की शुरुआत पर संक्षिप्त चर्चा हुई.’’ जी-20 शिखर सम्मेलन से इतर प्रधानमंत्री मोदी बुधवार को इंडोनेशिया के राष्ट्रपति जोको विडोडो, फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों और सुनक के साथ द्विपक्षीय बैठकें करेंगे.

उन्होंने सेनेगल के राष्ट्रपति और अफ्रीकी संघ के अध्यक्ष मैकी साल से भी मुलाकात की. प्रधानमंत्री मोदी ने नीदरलैंड के राष्ट्रपति मार्क रुट से भी मुलाकात की. पीएमओ ने कहा कि मोदी ने अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) की प्रबंध निदेशक क्रिस्टलिना जॉर्जीवा और आईएमएफ की उप प्रबंध निदेशक भारत में जन्मीं गीता गोपीनाथ से भी मुलाकात की. प्रधानमंत्री ने विश्व बैंक के अध्यक्ष डेविड मलपास से भी मुलाकात की.

मोदी, बाइडन ने बाली में बैठक के दौरान भारत-अमेरिका संबंधों की समीक्षा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने उभरती प्रौद्योगिकियों तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता सहित अन्य क्षेत्रों में भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी की स्थिति की मंगलवार को समीक्षा की. समझा जाता है कि इंडोनिशिया के बाली शहर में आयोजित जी20 शिखर सम्मेलन से इतर अपनी बैठक के दौरान मोदी और बाइडन ने रूस-यूक्रेन युद्ध और उसके प्रभावों के बारे में भी चर्चा की. विदेश मंत्रालय के बयान में हालांकि सिर्फ यह कहा गया है कि दोनों नेताओं ने अपनी बैठक के दौरान मौजूदा वैश्विक एवं क्षेत्रीय घटनाक्रम पर चर्चा की.

बयान के अनुसार, ‘‘ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति जोसेफ आर. बाइडन से आज बाली में जी20 नेताओं की शिखर बैठक से इतर मुलाकात की.’’ बयान में कहा गया है, ‘‘ दोनों नेताओं ने उभरती प्रौद्योगिकियों, एडवांस्ड कंप्यूंिटग, कृत्रिम बुद्धिमत्ता आदि भविष्योन्मुखी क्षेत्रों में प्रगाढ़ होते सहयोग सहित भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी की समीक्षा की.’’ विदेश मंत्रालय ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने में निरंतर सहयोग करने के लिए राष्ट्रपति बाइडन का शुक्रिया अदा किया.

बयान में कहा गया है, ‘‘उन्होंने विश्वास जताया कि भारत की जी20 अध्यक्षता के दौरान दोनों देश करीबी समन्वय जारी रखेंगे.’’ व्हाइट हाउस के एक बयान में कहा गया है कि बाइडन ने मोदी और इंडोनेशिया के राष्ट्रपति जोको विडोडो से जी20 शिखर सम्मेलन से इतर मुलाकात की, जिसका उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय आर्थिक सहयोग के शीर्ष मंच के तौर पर जी20 के लिए अपनी साझा प्रतिबद्धता को जताना था.

बयान में कहा गया है, ‘‘महत्वपूर्ण वैश्विक चुनौतियों का सामना करने के लिए, नेताओं ने सतत एवं समावेशी विकास को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से बड़ी अर्थव्यस्थाओं को साथ लाने में जी20 की सामूहिक क्षमता प्रर्दिशत करने पर भी चर्चा की. साथ ही, उन्होंने जलवायु, ऊर्जा और खाद्य संकट तथा प्रौद्योगिकी परिवर्तन को बढ़ावा देने पर चर्चा की.’’ विदेश मंत्रालय के अनुसार, दोनों नेताओं ने ‘क्वाड’ और ‘आई2यू2’ जैसे नये समूहों में भारत तथा अमेरिका के करीबी सहयोग पर संतोष जताया. ज्ञात हो कि क्वाड समूह के सदस्य देश भारत,अमेरिका, आस्ट्रेलिया और जापान हैं, जबकि आई2यू2 समूह में अमेरिका, संयुक्त अरब अमीरात और इजराइल शामिल हैं.

इस बीच, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अंिरदम बागची ने मोदी-बाइडन मुलाकात को ‘उपयोगी’ बताया . बागची ने एक ट्वीट में कहा, ‘‘ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन के बीच जी20 शिखर बैठक से इतर उपयोगी चर्चा हुई. दोनों नेताओं ने भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी को प्रगाढ़ बनाने तथा क्वाड, आई2यू2 जैसे समूहों में करीबी सहयोग जारी रखने की सराहना की. दोनों ने जी20 के दौरान करीबी सहयोग बनाये रखने पर सहमति जतायी . ’’

मोदी और बाइडन के बीच यह बातचीत ऐसे समय में हुई है, जब कुछ ही दिन पहले विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अपने अमेरिकी समकक्ष एंटनी ंिब्लकन के साथ कांबोडिया की राजधानी नाम पेन्ह में आसियान शिखर बैठक से इतर मुलाकात की थी . दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय मुद्दों, रूस-यूक्रेन युद्ध, ऊर्जा, जी-20 तथा हिंद-प्रशांत क्षेत्र में स्थिति पर चर्चा की थी.

फरवरी में यूक्रेन संकट शुरू होने के बाद से, मोदी ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की, दोनों से कई बार टेलीफोन पर बातचीत की है. मोदी ने चार अक्टूबर को जेलेंस्की के साथ फोन पर बातचीत में कहा था कि यूक्रेन संकट का ‘‘कोई सैन्य समाधान नहीं हो सकता’’ और भारत शांति के किसी भी प्रयास में योगदान देने के लिए तैयार है.

उज्बेकिस्तान के समरकंद शहर में 16 सितंबर को पुतिन के साथ बैठक में, मोदी ने रूसी राष्ट्रपति को यह कहते हुए यूक्रेन में युद्ध समाप्त करने के लिए प्रेरित किया था कि ‘‘आज का युग युद्ध का नहीं है.’’ पिछले कुछ महीनों में, भारत ने रूस से रियायती कच्चे तेल का आयात बढ़ाया है.

 

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