जनरल मनोज पांडे चार दिवसीय दौरे पर फ्रांस रवाना, शीर्ष सैन्य अधिकारियों के साथ करेंगे वार्ता

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नयी दिल्ली. थलसेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे तेजी से बदल रही भू-राजनीतिक स्थिति के बीच भारत तथा फ्रांस की सेनाओं में ‘‘विश्वास के बंधन’’ को और मजबूत करने के उद्देश्य से चार दिवसीय दौरे पर रविवार को फ्रांस रवाना हो गए. जनरल पांडे फ्रांस के शीर्ष सैन्य अधिकारियों के साथ व्यापक बातचीत करेंगे, जिनमें चीफ आॅफ डिफेंस स्टाफ, थलसेना प्रमुख और लैंड कॉम्बैट फोर्सेज के कमांडर शामिल हैं. सेना ने एक बयान में कहा कि थलसेना प्रमुख 14 से 17 नवंबर तक फ्रांस के दौरे पर रहेंगे. सेना ने कहा, ‘‘चार दिवसीय दौरे के दौरान, वह दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग बढ़ाने के उद्देश्य से अपने समकक्षों और फ्रांस के वरिष्ठ सैन्य नेतृत्व से मुलाकात करेंगे.’’ सेना ने कहा कि जनरल पांडे प्रथम विश्व युद्ध के दौरान 4,742 भारतीय सैनिकों के बलिदान की याद में बनाए गए ‘न्यूव चैपल इंडियन मेमोरियल’ पर पुष्पांजलि अर्पित करेंगे.

सेना ने कहा, ‘‘पांडे चीफ आॅफ डिफेंस स्टाफ, सेना प्रमुख, और कमांडर कमांडमेंट डेस फोर्सेस टेरेस्ट्रेस (सीएफटी) /लैंड कॉम्बैट फोर्सेज की कमान से मिलने वाले हैं, जहां वह भारत-फ्रांस रक्षा संबंधों को मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा करेंगे.’’ सेना ने कहा कि थलसेना प्रमुख ‘इकोले मिलिटेयर’ का भी दौरा करेंगे, जिसमें पेरिस में विभिन्न सैन्य प्रशिक्षण प्रतिष्ठान शामिल हैं. बयान में कहा गया कि पांडे फ्रांसीसी सैन्य अकादमी ‘इकोले डी गुएरा-टी’ में एक पाठ्यक्रम में शामिल वरिष्ठ स्टाफ अधिकारियों को संबोधित करेंगे.
सेना ने कहा कि पांडे ड्रैगुइगन में प्रमुख प्रशिक्षण प्रतिष्ठान सैन्य स्कूल का भी दौरा करेंगे, जहां कमीशन प्राप्त अधिकारियों और गैर-कमीशन अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया जाता है.

बयान में कहा गया, ‘‘विस्तारित रक्षा सहयोग, जिसमें विभिन्न गतिविधियों का व्यापक पहलू शामिल है, ने दोनों सेनाओं के बीच हर स्तर पर मजबूत संबंध स्थापित किए हैं.’’ बयान के अनुसार थलसेना प्रमुख की फ्रांस यात्रा से दोनों सेनाओं के बीच विश्वास तथा समझ का बंधन और मजबूत होगा. जनरल पांडे की फ्रांस यात्रा, फ्रांसीसी वायु और अंतरिक्ष बल के चीफ आॅफ स्टाफ जनरल स्टीफन मिल के भारत दौरे के कुछ दिनों बाद हो रही है. फ्रांसीसी कमांडर ने एयर चीफ मार्शल वी आर चौधरी और जनरल पांडे के साथ व्यापक बातचीत की थी.

भारत और फ्रांस के बीच सैन्य सहयोग में पिछले कुछ वर्षों में एक बड़ा विस्तार देखा गया है. अगस्त में तीन राफेल विमानों के साथ फ्रांसीसी वायु और अंतरिक्ष बल का एक दल तमिलनाडु में भारतीय वायु सेना के सुलूर बेस पर ठहरा था. यह दल प्रशांत महासागर में बृहद अभियान में हिस्सा लेने के क्रम में यहां रूका था. मार्च में, भारतीय और फ्रांसीसी नौसेनाओं ने अरब सागर में पांच दिवसीय युद्धाभ्यास किया, जिसमें अग्रिम पोत, पनडुब्बी, समुद्री गश्ती विमान, लड़ाकू विमान और हेलीकॉप्टर शामिल थे. भारतीय और फ्रांसीसी नौसेनाओं ने पिछले साल अप्रैल में भी अरब सागर में अभ्यास किया था.

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