गुजरात में दिल्ली से शासन चलाया जा रहा, डबल इंजन सरकार का दावा खोखला: चिदंबरम

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अहमदाबाद. आगामी गुजरात विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम ने मंगलवार को दावा किया कि राज्य में ‘‘दिल्ली से शासन’’ किया जा रहा है और इसी कारण पिछले छह वर्ष में तीन मुख्यमंत्री बनाये गए हैं. उन्होंने कहा कि ‘डबल इंजन’ सरकार महज शेखी बघारना है.

अपनी पार्टी के लिए चुनाव प्रचार करने आए चिदंबरम ने सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के ‘‘अहंकार’’ को लेकर उसकी आलोचना की और कहा कि 135 लोगों की मौत का कारण बने मोरबी पुल हादसे के लिए अब तक ना किसी के माफी मांगी है, ना इस्तीफा दिया है. गुजरात विधानसभा चुनाव दो चरणों में हो रहा है, जिसके तहत एक और पांच दिसंबर को मतदान होगा. मतगणना आठ दिसंबर को होगी.

चिदंबरम ने यहां संवाददाता सम्मेलन में दावा किया कि ‘‘गुजरात में दिल्ली से शासन चलाया जा रहा है’’ और यही कारण है कि पिछले छह वर्षों में राज्य में तीन मुख्यमंत्री बनाये गये हैं.’’ उन्होंने दावा किया, ‘‘डबल इंजन सरकार का दंभ महज शेखी बघारना भर है. गुजरात एक बैलगाड़ी है जो लोगों के एक बड़े हिस्से, विशेष रूप से अनुसूचित जनजाति, महिलाएं, युवा और गरीब को पीछे छोड़ते हुए एक कच्ची सड़क पर धीमी गति से चल रही है.’’ गौरतलब है कि मोरबी में ब्रिटिश काल का केबल पुल 30 अक्टूबर को टूट कर गिर गया था. इस हादसे में 135 लोगों की मौत हो गई थी. एक निजी कंपनी द्वारा मरम्मत किए जाने के बाद पुल को 26 अक्टूबर को लोगों के लिए फिर से खोला गया था.

चिदंबरम ने कहा, ‘‘ जहां तक मुझे पता है, इतने बड़े हादसे के लिए न किसी ने माफी मांगी है और न किसी ने इस्तीफा दिया है. अगर ऐसा किसी अन्य देश में हुआ होता, तो तुरंत इस्तीफा दे दिया गया होता. मोरबी हादसे की जवाबदेही का पूरा अभाव है.’’ पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘‘ उन्होंने माफी इसलिए नहीं मांगी कि यहां की सरकार को लगता है कि वह आगमी चुनाव आसानी से जीत जाएगी और उन्हें हादसे के लिए जवाबदेह होने की जरूरत नहीं है.’’ उन्होंने गुजरात के लोगों से भाजपा सरकार को बदलने और कांग्रेस को मौका देने की अपील करता हूं.

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने कहा, ‘‘सभी परिपक्व लोकतंत्र में लोग समय-समय पर सरकारें बदलते हैं.प्रत्येक कुछ साल पर आपको सरकार बदलनी चाहिए.’’ उन्होंने कहा, ‘‘स्वास्थ्य एवं शिक्षा जैसे सामाजिक संकेतक केरल और तमिलनाडु जैसे राज्यों में उच्च क्यों हैं? क्योंकि वहां सरकारें हर पांच या 10 साल पर बदल दी जाती हैं.’’

चिदंबरम ने कहा, ‘‘गुजरात के लोगों से मेरी अपील है कि अपनी सरकार बदल दीजिए. अपने लोकतांत्रिक अधिकारों को उपयोग करें. संसदीय लोकतंत्र के सिद्धांत को स्थापित करें. इस बार कांग्रेस पार्टी को वोट दीजिए. हम बेहतर काम कर सकते हैं और हम भाजपा से बेहतर काम करेंगे.’’ केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) जैसी केंद्रीय जांच एजेंसियों का दुरुपयोग किए जाने के बारे में पूछे जाने पर चिदंबरम ने आरोप लगाया, ‘‘ वे भाजपा के नौकर हैं.’’

भाजपा नीत राज्य सरकारों द्वारा समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को लागू करने के लिए समिति बनाने की घोषणा करने के बारे में पूछे पर चिदंबरम ने कहा, ‘‘ एक बच्चा भी जानता है कि समान नागरिक संहिता (यूसीसी) राज्यों द्वारा नहीं, बल्कि संसद में पारित कानून द्वारा ही लागू की जा सकती है.’’ भारतीय अर्थव्यवस्था के भविष्य के बारे में उनके विचार पूछे जाने पर पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री ने कहा कि यूरोपीय देशों या अमेरिका जैसी मंदी भारत में नहीं आएगी, लेकिन अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर धीमी पड़ जाएगी. उन्होंने कि वृ्िद्ध दर कई कारणों से धीमी पड़ेगी–एक, तो यह कि निवेश कम आएगा. दूसरा, निर्यात घट जाएगा. तीन, मुद्रास्फीति और रुपये के अवमूल्यन से लोगों की आय प्रभावित होगी, इसलिए उपभोग घट जाएगा.