सरकार ने लॉकडाउन-2 के लिए जारी की नई गाइडलाइंस, क्या हैं बंदिशें, किसे मिली राहत? पढ़िये पूरी खबर

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देश में कोरोना वायरस (कोविड-19) के बढ़ते मामलों के मद्देनजर लॉकडाउन को बढ़ाकर 3 मई तक कर दिया गया है। अब केंद्र की ओर बढ़ाए गए लॉकडाउन पर बुधवार को नई गाइडलाइन्स जारी की गई हैं। इन दिशा निर्देशों के मुताबिक, खाने-पीने और दवा बनाने वाली तमाम इंडस्ट्रीज खुली रहेंगी। इसके साथ ही ग्रामीण भारत में सारे कल-कारखाने खोलने का निर्देश दिया गया है। नए नियमों के अनुसार मनरेगा के कार्यों को भी अनुमति दी गई है जिसके तहत कहा गया है कि सिंचाई और जल संरक्षण को प्राथमिकता दें। इसमें स्पष्ट किया गया है कि सार्वजनिक स्थानों और काम करने की जगह पर मास्क पहनना अनिवार्य होगा। पब्लिक प्लेस पर थूकने पर सजा और जुर्माना देना होगा। 20 अप्रैल के बाद जो सेवाएं जारी रहेंगी, उनका पॉइंट 5 से 20 तक विस्तार से जिक्र है। इसमें अस्पताल, खेती, सरकारी-निजी दफ्तर और उद्योगों से जुड़ी बातें हैं।

इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को देशभर में 21 दिन से जारी लॉकडाउन 19 दिन और बढ़ा दिया था। उन्होंने कहा था कि इस बार लॉकडाउन से बाहर निकलने के नियम बहुत सख्त होंगे, जहां कोरोना नहीं फैलेगा, वहां 20 अप्रैल से कुछ जरूरी चीजों को सशर्त छूट मिलेगी। पहले फेज का लॉकडाउन 25 मार्च से 14 अप्रैल तक था।

लॉकडाउन में कौन सी सुवधाएं जारी रहेंगी?

दूसरे चरण के लॉकडाउन से जरूरी सेवाओं को बाहर रखा गया है। इसमें खाने-पीने की जरूरी चीजों की दुकानें, हेल्थ वर्कर्स (डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ), सफाईकर्मी, मीडिया पर्सन, सुरक्षाकर्मी (पुलिस, सुरक्षाबल) शामिल हैं। कुछ राज्यों में किसानों और कृषि क्षेत्र से जुड़े लोगों को अपने उत्पादन के सामान को स्थानीय मंडियों में ले जाने की मंजूरी दी गई है। लेकिन इस मामले में राष्ट्रीय स्तर पर अभी कोई आदेश जारी नहीं किया गया है। इसके साथ ही कोरोना वायरस का इलाज करने वाले सभी सरकारी अस्पताल या इससे जुड़े निजी अस्पताल, सरकारी दफ्तर, रसोई गैस एजेंसियों के ऑफिस, पेट्रोल पंप, थोक और खुदरा मंडियां, पैथोलॉजी, डायग्नोस्टिक सेंटर्स अपनी सेवाएं देते रहेंगे। दिल्ली की आजादपुर सब्जी मंडी में व्यापारियों ने सामाजिक दूरी का पालन करने के लिए ऑड-ईवन फॉर्मूला अपनाया है। ऑड नंबर वाले व्यापारी रोजाना सुबह 6 से 11 और ईवन नंबर वाले व्यापारी 2 से शाम 6 बजे तक मंडियों में माल बेचेंगे। इस लॉकडाउन में सामान ले जाने और ले आने वाले ट्रकों को भी छूट दी गई है। कंटेनमेंट जोन में जो लोग नहीं रहते हैं, वह जरूरी सामान लेने के लिए घर से बाहर जा सकते हैं। ऐसे में संबंधित शख्स को सामाजिक दूरी का पालन करना होगा। इसके अलावा एक जरूरी बात ये भी है कि परिवार का एक ही शख्स सामान लेने बाहर आ सकता है। बैंक और एटीएम खुले रहेंगे। इसके साथ ही इंश्योरेंस कंपनियां भी अपना काम करेंगी।

लॉकडाउन में क्या बंद रहेगा?

सभी पैसेंजर ट्रेनें, विशेष ट्रेनें, प्रीमियम ट्रेनें बंद रहेंगी। घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानें भी 3 मई तक बंद रहेंगी। पब्लिक ट्रांसपोर्ट जैसे बस, मेट्रो, शेयर कैब भी लॉकडाउन खत्म होने तक सेवाएं नहीं दे सकेंगे। एसी बसें जो सरकार या राज्य सरकार द्वारा जारी लिस्ट में नहीं हैं, वो भी नहीं चलेंगी। इनमें लग्जरी बसें भी शामिल हैं। सभी सार्वजनिक जगहें जैसे जिम, स्वीमिंग पूल, मूवी थियेटर, शॉपिंग मॉल, मल्टीप्लेक्स, पार्क, मार्केट बंद रहेंगे। धार्मिक जगहों में बहुत भीड़ हो जाती है, लिहाजा सामाजिक दूरी के लिए इन्हें भी बंद रखा जाएगा। कंटेनमेंट जोन घोषित किए गए इलाके के लोगों को अपने घर से बाहर निकलने की इजाजत नहीं है। इन्हें जरूरत का सामान होम डिलीवरी के जरिए पहुंचाया जाएगा। सभी शैक्षिक और प्रशिक्षण संस्थान भी बंद रहेंगे। अंतिम संस्कार आदि की स्थिति में एक समय पर 20 से ज्यादा लोग एकत्रित नहीं हो सकते। 20 अप्रैल के बाद यहां छूट मिल सकती है? कुछ फैक्ट्रियां, कृषि क्षेत्र से जुड़े फर्म, फार्मा इंडस्ट्रीज जो नॉन हॉटस्पॉट एरिया में हैं, को छूट मिल सकती है। हाईवे में बने ढाबों, ट्रक रिपेयरिंग करने वाली दुकानों को भी 20 अप्रैल के बाद खोला जा सकता है। ये सभी गतिविधियां राज्य / केंद्रशासित प्रदेशों द्वारा अनुमति देने के बाद शुरू होंगी हालांकि इससे पहले सामाजिक दूरी के उपाय भी किए जाएंगे।

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