प्रयागराज. इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने काशी विश्वनाथ मंदिर-ज्ञानवापी मस्जिद परिसर मामले में सुनवाई बृहस्पतिवार को चार नवंबर तक के लिए टाल दी. अंजुमन इंतेजामिया मस्जिद ने वाराणसी की अदालत के उस आदेश को चुनौती दी है जिसमें इस मामले की पोषणीयता को लेकर अंजुमन इंतेजामिया मस्जिद की आपत्ति खारिज कर दी गई थी.

मामले की सुनवाई बृहस्पतिवार को दोपहर दो बजे शुरू हुई, लेकिन कुछ समय बाद अदालत ने सुनवाई शुक्रवार तक के लिए टाल दी.
उल्लेखनÞीय है कि पांच ंिहदू महिलाओं ने वाराणसी की अदालत में वाद दायर कर ज्ञानवापी मस्जिद परिसर में मां श्रृंगार गौरी, भगवान गणेश, भगवान हनुमान और अन्य दृश्य एवं अदृश्य देवी देवताओं दर्शन, पूजा अर्चना और सभी अनुष्ठान करने की अनुमति मांगी है.

अंजुमन इंतेजामिया मस्जिद कमेटी ने वाराणसी की दीवानी अदालत के उस निर्णय को चुनौती दी है जिसमें वाद की पोषणीयता के मुद्दे पर उसका आवेदन खारिज कर दिया गया था. वाराणसी के जिला जज ने अपने आदेश में कहा था कि इन वादियों (महिलाओं) का वाद पूजा स्थल (विशेष प्रावधान) अधिनियम, 1991, वक्फ एक्ट, 1995 और यूपी श्री काशी विश्वनाथ मंदिर अधिनियम, 1983 से बाधित नहीं होता.

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