मैं EWS आरक्षण का विरोध करता हूं क्योंकि यह बांटने वाला है : कार्ति चिदंबरम

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नयी दिल्ली/चेन्नई. पार्टी के रुख से अलग राय व्यक्त करते हुए कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम ने बुधवार को कहा कि वह आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण का विरोध करते हैं क्योंकि यह ‘‘बांटने वाला’’ है. उन्होंने आरक्षण पर न्यायालय के फैसले के खिलाफ उच्चतम न्यायालय में पुर्निवचार याचिका दायर करने के द्रविड मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के फैसले का स्वागत किया.

न्यायालय ने सोमवार को शैक्षणिक संस्थानों और सरकारी नौकरियों में ईडब्ल्यूएस के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण 3-2 के बहुमत से बरकरार रखते हुए कहा था कि यह भेदभावपूर्ण नहीं था और संविधान के मूल ढांचे का उल्लंघन नहीं करता. कांग्रेस ने न्यायालय के फैसले का स्वागत किया था और कहा था कि इसके लिए मार्ग प्रशस्त करने वाला संशोधन मनमोहन सिंह सरकार द्वारा शुरू की गई प्रक्रिया का परिणाम था.

चिदंबरम ने ट्विटर पर कहा, ‘‘मैं ईडब्ल्यूएस कोटा का विरोध करता हूं क्योंकि यह बांटने वाला है और सभी समावेशी नहीं है.’’ शिवगंगा से लोकसभा सदस्य ने एक अन्य ट्वीट में कहा, ‘‘यदि \’आर्थिक\’ मानदंड लागू किया जाता है, तो यह \’जाति\’ के आधार पर लोगों को बाहर नहीं कर सकता है, यह ईडब्ल्यूएस आरक्षण पर मेरी मौलिक आपत्ति है.’’ द्रमुक पदाधिकारी के उस ट्वीट को ‘टैग’ करते हुए, जिसमें कहा गया था कि उनकी पार्टी (द्रमुक) एक पुर्निवचार याचिका दायर करेगी, चिदंबरम ने कहा कि वह इस पहल का स्वागत करते हैं.

पुर्निवचार याचिका दायर करेगी द्रमुक, कार्ति चिदंबरम ने कदम का स्वागत किया

द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) 10 प्रतिशत ईडब्ल्यूएस आरक्षण को बरकरार रखने वाले उच्चतम न्यायालय के फैसले के खिलाफ एक समीक्षा याचिका दायर करेगी. पार्टी के इस कदम का कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम ने स्वागत किया है. द्रमुक महासचिव और तमिलनाडु के जल संसाधन मंत्री दुरईमुरुगन ने न्यायालय की पांच सदस्यीय पीठ के 3-2 के बहुमत के फैसले की ओर इशारा किया और कहा कि यह संविधान द्वारा परिकल्पित समानता की अवधारणा को प्रभावित करेगा.

उन्होंने एक विज्ञप्ति में कहा, ‘‘द्रमुक की ओर से अनुसूचित जाति/जनजाति की 82 फीसदी आबादी के सामाजिक न्याय की रक्षा, संविधान के बुनियादी ढांचे की रक्षा और मंडल आयोग में दिए गए आरक्षण को स्थापित करने के लिए पुर्निवचार याचिका दायर की जाएगी.’’ तमिलनाडु में शिवगंगा से कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम ने द्रमुक के कदम का स्वागत किया. उन्होंने ट्वीट कर कहा, ‘‘मैं ईडब्ल्यूएस कोटा का विरोध करता हूं क्योंकि यह बांटने वाला है और समावेशी नहीं है.’’

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कांग्रेस दोनों ने सोमवार को आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) आरक्षण को अपने प्रयासों की जीत बताते हुए उसका श्रेय लेने की कोशिश की थी. शिवगंगा से लोकसभा सदस्य ने एक अन्य ट्वीट में कहा, ‘‘यदि \’आर्थिक\’ मानदंड लागू किया जाता है, तो यह \’जाति\’ के आधार पर लोगों को बाहर नहीं कर सकता है, यह ईडब्ल्यूएस आरक्षण पर मेरी मौलिक आपत्ति है.’’

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