नयी दिल्ली. कांग्रेस ने शुक्रवार को कहा कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरंिवद केजरीवाल ने वायु प्रदूषण की खतरनाक स्थिति की जिम्मेदारी ली है जिसके बाद उन्हें पद से तत्काल इस्तीफा देना चाहिए और राष्ट्रीय राजधानी के लोगों से माफी मांगनी चाहिए.
पार्टी ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और दिल्ली सरकार को बताना चाहिए कि अगले 15 दिनों में वायु गुणवत्ता सुधारने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं.

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने ट्वीट किया, ‘‘दिल्ली दुनिया का शायद इकलौता शहर होगा जहां स्कूलों और कार्यालयों को प्रदूषण के कारण बंद किया गया है. पिछले आठ वर्षों से दिल्ली सरकार न तो प्रदूषण के कारणों की शिनाख्त नहीं कर पाई और न ही इसे रोकने के लिए कोई नीति बना पाई.’’ उन्होंने तंज कसते हुए कहा, ‘‘दिल्ली के लोग जब सांस लेने के लिए जद्दोजहद कर रहे हैं तो मुख्यमंत्री केजरीवाल और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चुनावी हवा में सांस ले रहे हैं.’’ अरंिवद केजरीवाल ने राष्ट्रीय राजधानी में प्रदूषण के बढ़ते स्तर को देखते हुए शनिवार से प्राथमिक स्कूलों को बंद करने की घोषणा की.

कांग्रेस के गौरव वल्लभ ने आरोप लगाया कि जब दिल्ली के लोग जहरीली हवा में सांस लेने को मजबूर हैं तो \”अप्रवासी प्रधानमंत्री\’\’ नरेंद्र मोदी और \’\’अप्रवासी\” मुख्यमंत्री केजरीवाल दिल्ली से बाहर घूम रहे हैं. वल्लभ ने संवाददाताओं से कहा, \”दिल्ली की हवा में जहर है और अप्रवासी मुख्यमंत्री भ्रमण को चले जाते है. दिल्ली के लोग बिना सिगरेट पिए, रोज 10 सिगरेट का धुंआ ले रहे हैं.\” उन्होंने कहा, \”जब वह (केजरीवाल) दिल्ली की हवा में जहर घोलने की जिम्मेदारी लेते हैं, तो इस्तीफा क्यों नहीं दे देते. उन्हें तत्काल इस्तीफा देना चाहिए और दिल्ली के लोगों से माफी मांगनी चाहिए.\” उनका कहना था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केजरीवाल साथ बैठकर चर्चा करें और बताएं कि वायु गुणवत्ता में सुधार के लिए क्या कदम उठाये जा रहे हैं.

वल्लभ ने कहा कि अब भाजपा और आम आदमी पार्टी तथा केंद्र एवं दिल्ली सरकार को आरोप-प्रत्यारोप का खेल बंद कर देना चाहिए.
उन्होंने ‘सेंटर फॉर साइंस एंड इनवायरमेंट’ (सीएसई) के एक अध्ययन का हवाला देते हुए कहा कि दिल्ली में 33 प्रतिशत प्रदूषण के लिए स्थानीय स्रोत जिम्मेदार हैं तथा ऐसे में केजरीवाल को बताना चाहिए कि स्थानीय स्तर पर प्रदूषण के लिए जिम्मेदार कारणों को दूर करने के लिए उन्होंने क्या कदम उठाए हैं.

एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि प्रदूषण का विषय संसद में उठाया जाएगा और उम्मीद है कि इस पर गंभीर चर्चा होगी.
उल्लेखनीय है कि अरंिवद केजरीवाल ने राष्ट्रीय राजधानी में प्रदूषण के बढ़ते स्तर को देखते हुए शनिवार से प्राथमिक स्कूलों को बंद करने की घोषणा की.

केजरीवाल ने स्वीकार किया कि पंजाब में पराली जलाने की घटनाओं की जिम्मेदारी उनकी पार्टी की है क्योंकि वहां आम आदमी पार्टी की सरकार है. मुख्यमंत्री केजरीवाल ने कहा, ‘‘चूंकि, पंजाब में हमारी सरकार है इसलिए पराली जलाने की घटनाओं के लिए हम जिम्मेदार हैं. हमें वहां सरकार बनाए केवल छह महीने हुए हैं और कुछ ऐसे मुद्दे हैं, जिनका समाधान किया जा रहा है. हम हल ढूंढ रहे हैं. समस्या के समाधान के लिए हमें एक साल का समय दें.’’

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