अमेरिका के साथ संबंधों को और प्रगाढ़ बनाने की दिशा में काम करेगा भारत: सीतारमण

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नयी दिल्ली. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को कहा कि भारत और अमेरिका द्विपक्षीय रिश्तों को नई ऊंचाई पर ले जाने के लिये पूरे उत्साह के साथ काम करेंगे और इसको लेकर दोनों देशों का नजरिया काफी सकारात्मक है. नौवीं भारत-अमेरिका वित्तीय भागीदारी मंच की बैठक की शुरुआत के मौके पर अमेरिकी वित्त मंत्री जेनेट येलेन के साथ संयुक्त रूप से संवाददाताओं को संबोधित करते हुए सीतारमण ने कहा कि द्विपक्षीय वार्ता से हमारे बीच लंबे समय से चले आ रहे बेहतर संबंधों को और मजबूती मिलेगी.

उन्होंने कहा ‘‘भारत एक विश्वसनीय भागीदार के रूप में अमेरिका के साथ अपने संबंधों को काफी महत्व देता है. हमारे बीच पारंपरिक रूप से मजबूत द्विपक्षीय संबंध हैं जो साझा मूल्यों, व्यापक मुद्दों पर आपसी हितों और दोनों देशों के लोगों के जीवंत संपर्क पर आधारित है.’’ वित्त मंत्री ने कहा कि आर्थिक और वित्तीय भागीदारी मंच के माध्यम से पर्याप्त और बहुआयामी सहयोग द्विपक्षीय संबंधों की एक प्रमुख आधारशिला है.

उन्होंने कहा, ‘‘हमारी बैठक हमारे आर्थिक संबंधों को और अधिक मजबूती देगी, दोनों देशों की कंपनियों के बीच संबंधों को मजबूत करेगी और वैश्विक आर्थिक चुनौतियों को दूर करने के लिये समन्वित नीतिगत रुख को सुगम बनाएगी.’’ मंच की नौवीं बैठक ऐसे समय हो रही है जब भारत जी-20 की अध्यक्षता संभालाने वाला है.

सीतारमण ने कहा, ‘‘हम वैश्विक आर्थिक चुनौतियों का अधिक समन्वित तरीके से और बहुपक्षीय व्यवस्था को मजबूत कर अमेरिका के साथ निकट सहयोग जारी रखेंगे.’’ अमेरिकी वित्त मंत्री येलेन ने कहा कि भारत-अमेरिका सहयोग न केवल आर्थिक विकास और स्थिरता को बढ़ावा देगा बल्कि यह ंिहद-प्रशांत क्षेत्र में आर्थिक समृद्धि के समर्थन के लिहाज से भी मददगार हो सकता है.

येलेन ने कहा, ‘‘भारत आने वाले दिनों में जी-20 की अध्यक्षता संभालने जा रहा है. इसको देखते हुए, हम अपनी साझा प्राथमिकताओं पर चर्चा करने को उत्सुक हैं.’’ उन्होंने कहा, ‘‘हम यह भी उम्मीद करते हैं कि हमारे बीच जो आपसी समझ बनी है, उससे हमें अपने साझा लक्ष्यों को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी. इसमें जलवायु परिवर्तन के जोखिम को कम करना, बहुपक्षीय संस्थानों को विकसित करना और कई विकासशील देशों पर जारी कर्ज बोझ को दूर करना शामिल है.’’ येलेन ने कहा कि अमेरिका, भारत के साथ द्विपक्षीय आर्थिक संबंधों को मजबूत करने और सहयोग के स्तर को और प्रगाढ़ बनाने को लेकर प्रतिबद्ध है. भारत एक दिसंबर को जी-20 की अध्यक्षता संभालेगा.