मिजोरम से लगी सीमा पर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल तैनात की जाए: बीरेन सिंह
इंफाल. मणिपुर के पूर्व मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने म्यांमा से अवैध प्रवासियों की घुसपैठ की रोकथाम के लिए मिजोरम से लगी सीमा पर पर्याप्त संख्या में पुलिसकर्मी तैनात करने की रविवार को मांग की. म्यांमा के अवैध प्रवासियों ने मिजोरम में कथित तौर पर बस्तियां बसा ली हैं. मणिपुर के चूड़ाचांदपुर और फिरजावल जिले मिजोरम के साथ लगभग 95 किलोमीटर की सीमा साझा करते हैं.
सिंह ने एक कार्यक्रम के इतर संवाददाताओं से कहा, ”मिजोरम में जो अधिकतर घुसपैठ (खासकर 11 नये गांवों के बसने के मामले) हुई है वह 2021 में म्यांमा में सैन्य शासन के साथ संघर्ष के बाद हुई है. मणिपुर का मामला अलग है और म्यांमा से घुसपैठ लंबे समय से हो रही है. पड़ोसी राज्य के छात्र संगठनों ने उस राज्य में अवैध तरीके से बसे गांवों को खाली करवाने की मांग की है.” उनका यह बयान, राज्य में अवैध प्रवासियों की बस्तियों को तत्काल खाली करवाने के लिए मिजो छात्र संघ द्वारा सरकार से आग्रह किये जाने के बाद आया है.
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, ”जब ऐसा (अवैध बस्तियों को हटाया जाएगा) होगा तो क्या होगा… हमारी सीमा मिजोरम से लगी हुई है.ह्व सिंह ने कहा, ”…घुसपैठ को रोकने के लिए राज्य पुलिस को मिजोरम और मणिपुर सीमा पर तैनात किया जाना चाहिए. राज्य पुलिस में नगा, मेइती और कुकी समुदायों के लोग शामिल हैं.” उन्होंने कहा, ”मैं राज्यपाल से मिजोरम से लगी सीमा पर राज्य के पुलिस बलों की तैनाती करने का भी आग्रह करूंगा ताकि अवैध प्रवासियों की किसी भी तरह की घुसपैठ को रोका जा सके. मैं चाहता हूं कि पूरा मणिपुर अवैध प्रवासियों और मादक पदार्थों से संबंधित मुद्दों पर एकजुट हो.”