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निर्वाचन आयोग की अक्षमता और पक्षपात पूरी तरह से उजागर हो गया है: कांग्रेस

नयी दिल्ली/अकोला/इंदौर/लखनऊ. कांग्रेस ने “वोट चोरी” के अपने आरोपों को लेकर रविवार को निर्वाचन आयोग की प्रतिक्रिया के बाद पलटवार करते हुए कहा कि आयोग की न केवल “अक्षमता” बल्कि ”पक्षपात” भी ”पूरी तरह से उजागर” हो गया है. कांग्रेस ने आयोग के इस दावे को भी हास्यास्पद बताया कि वह सत्तारूढ़ पार्टी और विपक्ष के बीच कोई अंतर नहीं करता.

कांग्रेस के आरोपों पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और दोनों चुनाव आयुक्तों के संवाददाता सम्मेलन के तुरंत बाद पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने सवाल किया क्या आयोग उच्चतम न्यायालय के 14 अगस्त के आदेशों को अक्षरश? लागू करेगा.
उन्होंने कहा, ”आज, श्री राहुल गांधी द्वारा सासाराम से ‘इंडिया’ जनबंधन की मतदाता अधिकार यात्रा शुरू करने के कुछ ही देर बाद, मुख्य चुनाव आयुक्त और दोनों चुनाव आयुक्तों ने यह कहना शुरू किया कि वे सत्तारूढ़ दल और विपक्ष के बीच कोई अंतर नहीं करते.” रमेश ने ‘एक्स’ पर लिखा, ”यह हास्यास्पद है. मुख्य चुनाव आयुक्त ने श्री राहुल गांधी के किसी भी तीखे सवाल का सार्थक जवाब नहीं दिया.”

निर्वाचन आयोग राहुल के सवालों का जवाब नहीं दे सका; ‘वोट चोरी’ से सत्ता में आई ‘महायुति’: आव्हाड

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के नेता जितेंद्र आव्हाड ने रविवार को आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा चुनाव में धांधली के संबंध में उठाए गए सवालों का जवाब देने में विफल रहा. उन्होंने दावा किया कि 2024 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में हेराफेरी हुई थी और ‘महायुति’ गठबंधन ने वोट चुराकर जीत हासिल की.

अकोला में संवाददाता सम्मेलन में आव्हाड ने कहा, “महाराष्ट्र में (मतदान के अंतिम घंटे में) 76 लाख वोट कैसे बढ़ गए? मैं फिर से कह रहा हूं कि विधानसभा चुनाव में हेराफेरी हुई थी. यह सरकार वोट चुराकर सत्ता में आई.” उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग राहुल गांधी द्वारा उठाए गए सवालों का जवाब नहीं दे सका.

‘भाजपा का अंग’ बनकर काम कर रहा निर्वाचन आयोग ‘वोट चोरी’ पर जवाब दे : दिग्विजय सिंह

कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य दिग्विजय सिंह ने निर्वाचन आयोग पर हमला बोलते हुए रविवार को आरोप लगाया कि आयोग सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का अंग बनकर काम कर रहा है. मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि आयोग आरोप-प्रत्यारोप में पड़ने के बजाय कथित ‘वोट चोरी’ को लेकर लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और विपक्षी दलों के अन्य नेताओं के सवालों के जवाब दे.

सिंह ने आयोग के रविवार को आयोजित संवाददाता सम्मेलन पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए यह बात कही. प्रेस सम्मेलन में मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार ने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी को मतदाता सूची में अनियमितताओं के अपने आरोपों पर सात दिन के भीतर शपथपत्र देना चाहिए, अन्यथा उनके ‘वोट चोरी’ के दावे ‘निराधार और अमान्य’ माने जाएंगे.
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सिंह ने इंदौर में एक पुस्तक के विमोचन के कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा,”निर्वाचन आयोग आज पूरी तरह भाजपा का एक अंग बनकर काम कर रहा है. लोकतंत्र को बचाने के लिए आवश्यकता है कि हम इस बात को हर मतदान केंद्र पर साबित करें और निष्पक्ष चुनावों के लिए मिलकर काम करें.” सिंह ने महाराष्ट्र और देश के अन्य राज्यों में फर्जी मतदाताओं को पंजीकृत किए जाने का आरोप लगाया और कहा कि ‘सफल लोकतंत्र’ के लिए ‘निष्पक्ष चुनाव’ आवश्यक हैं. उन्होंने दावा किया कि राहुल गांधी ने प्रमाणित कर दिया है कि पूरे देश में किस तरह से ‘वोट चोरी’ हो रही है.

निर्वाचन आयोग के कंधों पर लोकतंत्र बचाने का ‘ऐतिहासिक दायित्व’: अखिलेश

समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने रविवार को कहा कि वर्तमान में लोकतंत्र को बचाने का ‘ऐतिहासिक’ दायित्व निर्वाचन आयोग के कंधों पर है और जब आयोग ‘सही रास्ते’ पर चल पड़ेगा तो करोड़ों भारतवासियों का साथ उनका रक्षा कवच बन जाएगा. यादव ने यहां जारी एक बयान में कहा कि आयोग का एक ‘सही और साहसिक कदम’ देश की अनंत पीढि.यों का भविष्य और कल्याण सुनिश्चित कर सकता है.

उन्होंने कहा, ”निर्वाचन आयोग को सुधार ही नहीं, आमूलचूल परिवर्तन की अपरिहार्यता है. आज लोकतंत्र को बचाने का ऐतिहासिक दायित्व उसके कंधों पर है. माना उनके ऊपर कई प्रकार के अवांछित दबाव काम कर रहे हैं लेकिन वो ये न समझे कि वो अकेले हैं.” यादव ने कहा, ”जब निर्वाचन आयोग सही रास्ते पर चल निकलेगा तो करोड़ों भारतवासियों का साथ उनका रक्षा कवच बन जाएगा. सत्य के मार्ग पर चलनेवालों के साथ जनता और जनविश्वास स्वयं चलने लगता है. निर्वाचन आयोग का एक सही और साहसिक कदम देश की अनंत पीढि़यों का भविष्य और कल्याण सुनिश्चित कर सकता है. सबको अंतरात्मा की आवाज़ सुननी चाहिए.”

उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, ”समाजवादी पार्टी ने वोट की डकैती के 18 हजार शपथ पत्र भारत निर्वाचन आयोग को दिए लेकिन कार्रवाई सिफर रही.” उन्होंने कहा कि गलत कार्यों और कारनामों की एक लंबी फेहरिस्त बनती जा रही है, जिनका न तो अब तक कोई जवाब आया है और “न ही हमारे दिए गए हलफनामों का” कोई उत्तर मिला है.

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