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संभल के लोगों ने योगी से की हिंदुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग

संभल. उत्तर प्रदेश के संभल जिले में पिछले साल नवंबर में शाही जामा मस्जिद के एएसआई सर्वेक्षण के दौरान भड़की हिंसा के मामले की जांच कर रहे तीन सदस्यीय न्यायिक आयोग के समक्ष गवाही देने वाले लोगों ने बृहस्पतिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से हिंदुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने और जिले से उनके पलायन को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने का आग्रह किया. संभल हिंसा मामले की जांच के लिये गठित न्यायिक आयोग ने आज अपनी रिपोर्ट मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सौंप दी.

न्यायिक आयोग के समक्ष अपना बयान दर्ज कराने वाले संजय शंखधर ने कहा कि उन्होंने न्यायिक आयोग के समक्ष संभल में हिंदुओं की घटती आबादी का मुद्दा उठाया था. शंखधर ने कहा, ”वर्ष 1948 में संभल में हिंदुओं की जनसंख्या 50 प्रतिशत थी, जो अब घटकर 15-18 प्रतिशत रह गई है. यह पलायन के बारे में बहुत कुछ संकेत दे रहा है.” उन्होंने कहा, ”सवाल यह है कि यहां हिंदुओं का अनुपात क्यों बदल रहा है? यहां से हिंदुओं का पलायन कैसे रोका जाए, यह विचारणीय प्रश्न है.” आयोग के सामने बयान दर्ज कराने वाले कई लोगों ने आयोग के प्रति आभार व्यक्त किया और उम्मीद जताई कि रिपोर्ट के जरिये ‘संभल की हकीकत’ को सरकार के सामने रखा गया है.

आयोग के समक्ष पेश हुए संजय कुमार पोली ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ”हम न्यायिक आयोग के बहुत आभारी हैं, जो उन्होंने संभल की सत्यता को उजागर किया. अब हम शासन से मांग करेंगे कि शासन इस ओर ध्यान दे और हमारी सुरक्षा की गारंटी लें.” हालांकि, न्यायिक जांच आयोग ने अपनी रिपोर्ट में क्या कहा है इस बारे में कुछ भी आधिकारिक रूप से सामने नहीं आया है. आयोग के सदस्यों ने रिपोर्ट को ‘गोपनीय’ बताते हुए उसकी विषय वस्तु के बारे में कुछ भी बताने से इनकार किया है. मगर इसे लेकर लोग अपने-अपने दावे कर रहे हैं.

पोली ने दावा किया, ”हमने न्यायिक आयोग से जो बातें कही थीं, आज न्यायिक आयोग ने उनका सत्यापन कर दिया है. हम न्यायिक आयोग के अत्यंत आभारी हैं. संभल में जिस तरह से हिंदुओं का पलायन हुआ और यहां आतंकवाद फैलाया गया, यह अब स्पष्ट हो चुका है कि संभल को आज सुरक्षा की आवश्यकता है.” उन्होंने कहा, ” मैं माननीय योगी आदित्यनाथ जी से मांग करता हूं कि संभल के हिंदू लोगों की सुरक्षा की व्यवस्था कराएं जिससे संभल से पलायन रुक सके.” संभल के सभासद गगन वाष्र्णेय ने कहा, ”हमने न्यायिक आयोग से मांग की थी कि संभल में हिंदू लोग अल्पसंख्यक हैं इसलिये संभल के हिंदुओं को अल्पसंख्यक का दर्जा दिया जाए और अल्पसंख्यकों को मिलने वाली सुविधाएं हमें मिले. न्यायिक आयोग ने हमारा दर्द समझा होगा हमें ऐसी उम्मीद है.”

गौरतलब है कि संभल में पिछले साल 24 नवंबर को शाही जामा मस्जिद के सर्वेक्षण के दौरान हुई हिंसा के मामले की जांच के लिये गठित इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायाधीश देवेंद्र कुमार अरोड़ा की अध्यक्षता वाले तीन सदस्यीय न्यायिक आयोग ने बृहस्पतिवार को अपनी रिपोर्ट मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सौंप दी.

आयोग का गठन 28 नवंबर 2024 को किया गया था. उसके बाद उसने एक दिसंबर को पहली बार गवाहों के बयान दर्ज करने के लिए हिंसा प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया था. न्यायिक आयोग में शामिल उत्तर प्रदेश के पूर्व पुलिस महानिदेशक ए.के. जैन ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, “हां, हमने अपनी रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंप दी है. यह एक विस्तृत रिपोर्ट है.” जैन ने रिपोर्ट को ‘गोपनीय’ करार देते हुए उसमें शामिल की गयी बातों का खुलासा करने से इनकार कर दिया.

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