काठमांडू: चुनावों को लोकतांत्रिक प्रणाली की आत्मा बताते हुए नेपाल के प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा ने देश के मतदाताओं से रविवार को होने वाले संसदीय तथा प्रांतीय चुनाव को सफल बनाने की अपील की है। नेपाल में संसद और प्रांतीय विधानसभाओं के लिए मतदान एक चरण में 20 नवंबर को होगा। देश के सात प्रांतों में 1.79 करोड़ से अधिक लोग मतदान का अधिकार रखते हैं।

संघीय संसद के कुल 275 सदस्यों में 165 का चुनाव सीधे मतदान से और बाकी 110 का अनुपातिक पद्धति से होगा। इसी तरह प्रांतीय विधानसभाओं के कुल 550 सदस्यों में 330 का चुनाव प्रत्यक्ष और 220 का अनुपातिक तरीके से होगा। देउबा ने मतदान से पहले बृहस्पतिवार को प्रसारित एक वीडियो संदेश में जनता को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘हमें संघीय लोकतांत्रिक गणराज्य प्रणाली को मजबूत करते हुए देश को समृद्धि के मार्ग पर आगे ले जाने की जरूरत है।’’

उन्होंने कहा कि चुनाव लोकतांत्रिक प्रणाली की आत्मा है और सभी नेपाल वासियों को 20 नवंबर के ऐतिहासिक तथा प्रांतीय विधानसभा चुनावों को सफल बनाना चाहिए। पांच बार देश के प्रधानमंत्री रह चुके देउबा ने कहा कि उनकी सरकार युवाओं के लिए काम करेगी।
सत्तारूढ़ गठबंधन में शामिल सीपीएन-माओवादी सेंटर के नेता पुष्प कमल दहल प्रचंड ने 20 नवंबर के चुनाव को प्रगतिशील तथा दमनकारी ताकतों के बीच जनमतसंग्रह बताया।

दहल ने एक वीडियो संदेश में सभी मतदाताओं से अपने मताधिकार का इस्तेमाल करने और गठबंधन को जिताने की अपील की। उन्होंने कहा, ‘‘शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के अवसरों तक जनता की पहुंच के माध्यम से नेपाल को समृद्ध बनाने और आत्म-निर्भर अर्थव्यवस्था बनाने की जिम्मेदारी हमारे कंधों पर आ गयी है।’’

निर्वाचन आयोग के प्रवक्ता शालिग्राम शर्मा पौडयाल ने कहा कि भारत, भूटान, बांग्लादेश और मालदीव के मुख्य निर्वाचन आयुक्त अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षकों के रूप में यहां पहुंच रहे हैं। भारत के मुख्य निर्वाचन आयुक्त राजीव कुमार की अगुवाई में आयोग के अधिकारियों का एक प्रतिनिधिमंडल 18 नवंबर से 22 नवंबर तक नेपाल में राजकीय मेहमान के रूप में रहेगा।

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