सियोल. उत्तर कोरिया ने शुक्रवार को एक अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल (आईसीबीएम) का प्रक्षेपण किया जो जापान के समुद्री क्षेत्र के पास जाकर गिरी. उत्तर कोरिया का इस महीने यह दूसरा बड़ा परीक्षण है, जो अमेरिकी सरजमीं पर परमाणु हमले करने की उसकी संभावित क्षमता को दिखाता है.

उत्तर कोरिया का हथियारों का परीक्षण करने का मकसद अपने परमाणु शस्त्रागार को बढ़ाना और अंतत: कूटनीतिक वार्ता में अधिक रियायतें हासिल करना है. वह ये कार्रवाईयां ऐसे समय में कर रहा है जब चीन और रूस ने उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से प्रतिबंधों को सख्त करने के अमेरिकी कदमों का विरोध किया है.

दक्षिण कोरिया के ‘ज्वाइंट चीफ आॅफ स्टाफ’ ने एक बयान में कहा कि उत्तर कोरिया के राजधानी क्षेत्र से सुबह करीब सवा 10 बजे आईसीबीएम का प्रक्षेपण किए जाने का पता चला है और हथियार उत्तर कोरिया के पूर्वी तट की ओर जाता नजर आया. जापान ने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि आईसीबीएम ऊंचाई से दागी गई जो होक्काइडो (जापान) के पश्चिम में गिरी.

दक्षिण कोरिया और जापान के एक अनुमान के अनुसार, उत्तर कोरियाई मिसाइल ने एक हजार किलोमीटर (620 मील) की अधिकतम ऊंचाई पर लगभग 6,000-6,100 किलोमीटर (3,600-3,790 मील) की रफ्तार से उड़ान भरी. जापान के रक्षा मंत्री यासुकाजÞु हमदा ने पत्रकारों से कहा कि ऐसा लगता है कि मिसाइल ऊंचाई से दागी गई. मिसाइल के ‘वारहेड’ के वजन के आधार पर हथियार 15,000 किलोमीटर (9,320 मील) से अधिक तक मार करने में सक्षम प्रतीत होता है ‘‘ ऐसे में यह पूरे अमेरिका को निशाना बना सकता है.’’

हमदा ने कहा कि यह प्रक्षेपण ‘‘ एक लापरवाही भरा कदम है जो जापान के साथ-साथ पूरे क्षेत्र और अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए खतरा है.’’ उन्होंने कहा कि उत्तर कोरिया के उकसावे के खिलाफ साझा कार्रवाई के लिए जापान…अमेरिका, दक्षिण कोरिया और अन्य देशों के साथ मिलकर काम करता रहेगा. दक्षिण कोरिया के ‘ज्वाइंट चीफ आॅफ स्टाफ’ ने प्रक्षेपण को उकसावे भरी कार्रवाई और एक गंभीर खतरा करार दिया, जो अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय शांति व सुरक्षा को प्रभावित कर सकता है.

उसने कहा कि अमेरिका के साथ घनिष्ठ समन्वय के साथ दक्षिण कोरिया ‘‘ उत्तर कोरिया के किसी भी उकसावे का कड़ा जवाब देने’’ को तैयार है. बैंकॉक में एक क्षेत्रीय शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने गए जापान के प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा ने पहले पत्रकारों से कहा था कि ऐसा माना जा रहा है मिसाइल जापान के मुख्य उत्तरी द्वीप होक्काइडो के पश्चिम में जापान के विशेष आर्थिक क्षेत्र के अंदर समुद्र में गिरी.

विशेषज्ञों का कहना है कि तीन नवंबर को उत्तर कोरिया द्वारा प्रक्षेपित एक आईसीबीएम उम्मीद के मुताबिक उड़ान नहीं भर पाई. ऐसा माना जा रहा है कि तीन नवंबर के परीक्षण में एक नए प्रकार की आईसीबीएम शामिल थी. उत्तर कोरिया के पास दो अन्य प्रकार के आईसीबीएम ‘’’ासोंग-14’ और ‘’’ासॉन्ग-15’ हैं. 2017 में उनके परीक्षण से स्पष्ट हो गया था कि वे अमेरिका की सरजमीं तक पहुंचने में सक्षम हैं.

दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति कार्यालय ने उत्तर कोरियाई के प्रक्षेपण पर चर्चा करने के लिए एक आपात सुरक्षा बैठक बुलाई है. इससे पहले, उत्तर कोरिया के विदेश मंत्री चो सोन ह्यू ने अमेरिका द्वारा क्षेत्र में अपने सहयोगियों-दक्षिण कोरिया और जापान की सुरक्षा को लेकर दृढ़ प्रतिबद्धता जताने के जवाब में ‘‘कड़ी’’ सैन्य कार्रवाई शुरू करने की बृहस्पतिवार को धमकी दी थी.

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