धान खरीदी का हुआ शुभारंभ, पहले ही दिन 3 हजार 951 किसानों ने 10 हजार 257 मीटरिक टन उपज बेची

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रायपुर. खरीफ विपणन वर्ष 2022-23 के अंतर्गत छत्तीसगढ़ में आज से धान खरीदी का काम शुरू हो गया. पहले दिन 775 उपार्जन केंद्रों द्वारा 10 हजार 257 मीटरिक टन धान की खरीदी की गई. प्रथम दिवस 3 हजार 951 किसानों द्वारा धान बेचा गया. मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में शुरू की गई राजीव गांधी किसान न्याय योजना से हर साल धान खरीदी का नया रिकार्ड बन रहा है. इस साल भी फसल अच्छी होने से किसानों में उत्साह है.

राज्य में आज से शुरू हुई धान खरीदी 31 जनवरी 2023 तक जारी रहेगी. इस साल 110 लाख मीटरिक टन धान की खरीदी की तैयारी शासन द्वारा की गई है. इस वर्ष 2497 उपार्जन केंद्र बनाए गए हैं. धान विक्रय के लिए 25 लाख 93 हजार किसानों ने पंजीयन कराया है. धान का कुल पंजीकृत रकबा 31.13 लाख हेक्टेयर है. इस वर्ष 02 लाख 3 हजार नये किसानों ने पंजीकरण कराया है. पहले दिन के लिए 5341 टोकन जारी किए गए थे. टोकन तुंहर हाथ एप के माध्यम से 268 टोकन जारी किए गए. पहले दिन के धान उपार्जन के लिए किसानों को भुगतान करने के लिए मार्कफेड द्वारा 279 करोड़ रुपए अपेक्स बैंक को जारी किए गए हैं.

प्रदेश में राजीव गांधी किसान न्याय योजना लागू होने के बाद हर साल किसानों की संख्या और खेती के रकबे में बढ़ोतरी हुई है. साथ ही हर साल धान खरीदी का नया रिकार्ड भी बन रहा है. खरीफ विपणन वर्ष 2021-22 में 97.98 लाख मीटरिक टन धान की खरीदी की गई थी, जो राज्य निर्माण के बाद से अब तक का एक रिकार्ड है. तब 21 लाख 77 हजार किसानों ने धान बेचा था. उन्हें 19038.04 करोड़ रुपए के समर्थन मूल्य का भुगतान किया गया था. इसके अलावा राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत उन्हें इनपुट सब्सिडी का लाभ भी मिला है.

इससे पहले वर्ष 2020-21 में 92.02 लाख मीटरिक टन धान का उपार्जन हुआ था. 20.53 लाख किसानों ने धान का विक्रय किया था. उन्हें 17240.55 करोड़ रुपए समर्थन मूल्य का भुगतान किया गया था. इसके अलावा राजीव गांधी किसान न्याय योजना का लाभ भी उन्हें मिला था. वर्ष 2019-20 में 83.94 लाख मीटरिक टन धान का उपार्जन हुआ था. 18.38 लाख किसानों ने धान बेचा था. उन्हें 15285.85 करोड़ रुपए का भुगतान किया गया था. इसके अलावा राजीव गांधी किसान न्याय योजना का लाभ भी उन्हें मिला था. वर्ष 2018-19 में राज्य शासन ने 2500 रुपए क्विंटल के भाव से 80.38 लाख मीटरिक टन धान की खरीदी की थी. किसानों को समर्थन मूल्य समेत 20094.32 करोड़ रुपए का कुल भुगतान किया गया था.