नयी दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बाली में जी20 शिखर सम्मेलन के दौरान दुनिया भर के नेताओं को उपहार देने के लिये गुजरात और हिमाचल प्रदेश की समृद्ध विरासत का प्रतिनिधित्व करने वाली कलाकृतियां और पारंपरिक वस्तुओं का चयन किया।

अधिकारियों ने कहा कि मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन को कांगड़ा के लघु चित्रों (मिनियेचर पेंंिटग) भेंट की, जो ‘श्रृंगार रस’ को दर्शाती हैं। उन्होंने ब्रिटिश समकक्ष ऋषि सुनक को हाथ से बना गुजराती कपड़ा ‘माता नी पछेड़ी’ भेंट की, यह देवी मां के मंदिरों में भेंट का एक रूप होता है।

उनके ब्रिटेन के समकक्ष ऋषि सुनक को \’माता नी पछेड़ी\’ के साथ प्रस्तुत किया, एक हस्तनिर्मित गुजरात कपड़ा जिसका मतलब देवी मां के मंदिरों में एक भेंट के रूप में होता है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री ने आॅस्ट्रेलियाई नेता एंथनी अल्बनीज से मुलाकात के दौरान उन्हें गुजरात के छोटा नागपुर इलाके के राठवा कलाकारों द्वारा बनाई जाने वाली परंपरागत जनजातीय लोक चित्रकला ‘पिथौरा’ तोह्फे के तौर पर दी। अधिकारियों के मताबिक प्रधानमंत्री ने इतालवी समकक्ष जॉर्जिया मेलोनी को ‘पाटन पटोला’ दुपट्टा भेंट किया।

उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने फ्रांस, जर्मनी और ंिसगापुर के नेताओं को उपहार में ‘एगेट’ (गोमेद) के प्याले दिए जो गुजरात के कच्छ क्षेत्र से जुड़े पारंपरिक शिल्प का काम है। प्रधानमंत्री ने दुनिया के नेताओं को उपहार देने की प्रथा का उपयोग भारत के समृद्ध और प्राचीन कलाकृति व शिल्प को देश के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ी वस्तुओं के साथ प्रस्तुत करने के लिए किया है।

इस बार उन्होंने तोह्फों के तौर पर देने के लिये हिमाचल प्रदेश और गुजरात के परंपरागत काम को चुना। हिमाचल में 12 नवंबर को विधानसभा चुनाव हुए हैं तो वहीं गुजरात में दो चरणों में एक दिसंबर व पांच दिसंबर को विधानसभा के लिये वोट डाले जाएंगे।
अधिकारियों ने बताया कि मोदी ने मेजबान देश इंडोनेशिया के नेता को सूरत के कलाकारों द्वारा बनाया गया चांदी का कटोरा और किन्नौर के कारीगरों द्वारा बनाई गई शॉल भेंट की।

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