थाना डी.डी. नगर क्षेत्र में हुये अंधे कत्ल का खुलासा,6 घंटे के भीतर हत्या में शामिल दोनों आरोपी गिरफ्तार

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आरोपियान मृतक वकील कैवर्त की मंजीत ग्रीन सिटी के पीछे खाली प्लाट ग्रांउड डी.डी.नगर में हत्या कर जला दिये थे शव को।

आरोपियान मृतक की धारदार हथियार से मारकर हत्या कर साक्ष्य छिपाने की नियत से क्रांकीट पत्थर से सर को कुचलकर पेट्रोल डालकर

जला दिये थे शव को।

आरोपियान मृतक की हत्या कर उसके डी.आई. वाहन को हड़पने की बनाये थे योजना।

आरोपियान योजना के अनुसार दिये थे पूरी घटना को अंजाम।

आरोपी रिश्ते में है मामा-भांजा।

सायबर सेल एवं थाना डी.डी.नगर की संयुक्त टीम द्वारा 06 घंटे की भीतर हत्या में शामिल दोनों आरोपियों को किया गया गिरफ्तार।

आरोपियों के कब्जे से मृतक का मोबाईल फोन किया गया बरामद।

आरोपियों के कब्जे से मृतक के वाहन का नंबर प्लेट बदलकर दूसरा नंबर लिखने हेतु पेंट एवं ब्रश को भी किया गया बरामद।

आरोपियों के विरूद्ध थाना डी.डी. नगर में अपराध क्रमांक 13/21 धारा 302, 201, 34 भादवि. के तहत् किया गया है अपराध पंजीबद्ध।

विवरण : दिनांक 08.01.2021 को सुबह मार्निंग वाक करने वाले लोगों ने बताया कि मंजीत सिटी के पीछे खाली मैदान के पास खाली प्लाट की जमीन में एक अज्ञात व्यक्ति का शव उम्र लगभग 30 साल जली हालत में जमीन पर पडा है तथा मृतक का शव जली हालत मंे है। सिर से खून निकला है चेहरा जला हुआ है पहचान नहीं आ रहा है। शव के सिर की तरफ एक सीमेन्ट क्रान्कीट का ईट पड़ा है जिसमें खून लगा हुआ है।

पैर के नीचे तरफ थोडी दूर में एक धारदार हथियार टूटा हालत में पडा है तथा जमीन में खून के धब्बा का निशान है। पैर के तरफ ही कुछ दूर पर एक पर्स तथा नोट पडा है। कोई अज्ञात व्यक्ति मृतक को धारदार हथियार तथा सीमेन्ट क्रान्कीट के ईट से मारकर हत्या कर अज्ञात व्यक्ति के शव का पहचान छिपाने के लिये शव को जला दिया है। जिस पर अज्ञात आरोपी के विरूद्ध थाना डी डी नगर में अपराध क्रमांक 13/21 धारा 302, 201 भादवि. का अपराध पंजीबद्ध किया गया।

हत्या की घटना को पुलिस उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक महोदय अजय यादव द्वारा गंभीरता से लेते हुये अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर लखन पटले, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अपराध अभिषेक माहेश्वरी, नगर पुलिस अधीक्षक पुरानी बस्ती मनोज ध्रुव एवं थाना प्रभारी डी.डी. नगर योगिता खापर्डे को मृतक अज्ञात पुरूष की शिनाख्त करते हुये अज्ञात आरोपी की पतासाजी कर आरोपी को गिरफ्तार करने हेतु आवश्यक दिशा निर्देश दिये।

जिस पर वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में सायबर सेल एवं थाना डी.डी.नगर की एक संयुक्त टीम का गठन किया गया। टीम द्वारा घटना स्थल का बारिकी से निरीक्षण किया जाकर हत्या के सब पहलुओं को ध्यान में रखते हुये मृतक अज्ञात पुरूष की पहचान करने के साथ ही अज्ञात आरोपी के संबंध में पतासाजी करते हुये जानकारियां जुटाना प्रारंभ किया गया। टीम द्वारा मृतक अज्ञात पुरूष के संबंध में जानकारी एकत्रित करते हुये मृतक की पहचान वकील कैवर्त पिता विपत कैवर्त निवासी ग्राम फुलवारी जिला मुंगेली के रूप में की गई जो रायपुर में डूमतराई में किराये के मकान में रहता था एवं डूमरतराई थोक सब्जी बाजार से अपने डी.आई. वाहन से सब्जी सप्लाई करने का काम करता था। टीम द्वारा अज्ञात आरोपी की पतासाजी करते हुये घटना के संबंध में प्रार्थी से विस्तृत पूछताछ करते आसपास के लोगों से भी पूछताछ किया गया।

टीम द्वारा घटना स्थल के आसपास लगे सी.टी.टी.व्ही. कैमरों के फुटेजों का अवलोकन किया गया। अज्ञात आरोपी की पतासाजी के संबंध में मुखबीर लगाने के साथ ही तकनीकी विश्लेषण किया जाकर भी अज्ञात आरोपी के पहचान सुनिश्चित करने के प्रयास किये जा रहे थे तथा डूमरतराई सब्जी मण्डी में भी जाकर अज्ञात आरोपी के संबंध में जानकारियां एकत्र की जा रही थी। इसी दौरान आरोपियों की गिरफ्तारी में लगी टीम को सूचना प्राप्त हुई कि कुछ दिनों पूर्व मृतक ने अपने एक साथी को बताया था कि दीपक यादव निवासी चंगोराभाठा डी.डी.नगर जो स्वयं भी डूमरतराई थोक सब्जी मण्डी में सब्जी सप्लाई का कार्य करता है ने मृतक को बोला था कि उसके वाहन में कुछ सामान चंगोराभाठा डी.डी. नगर रायपुर लेकर बिलासपुर जाना है इस कार्य हेतु वह 6,000/- रूपये देगा। इसी सूचना के आधार पर टीम द्वारा दीपक यादव की पतासाजी कर उसे पकड़कर घटना के संबंध में पूछताछ करने पर उसके द्वारा किसी भी प्रकार से अपराध में अपनी संलिप्तता नहीं होना बताकर बार – बार अपना बयान बदल रहा था एवं टीम को लगातार गुमराह करने का प्रयास कर रहा था। जिस पर टीम का शक दीपक यादव के उपर और भी गहरा हो गया एवं प्राप्त साक्ष्यों के आधार पर टीम के सदस्यों द्वारा कड़ाई से पूछताछ करने पर दीपक यादव अपने झूठ के सामने टिक न सका और अंततः अपने भांजा शेखर यादव के साथ मिलकर हत्या की उक्त घटना को कारित करना स्वीकार किया गया। जिस पर टीम द्वारा घटना में शामिल शेखर यादव को भी गिरफ्तार किया गया।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि मृतक एवं आरोपियों की पहचान डूमरतराई थोक सब्जी मण्डी में हुई थी।

कुछ दिनों पूर्व आरोपियों की वाहन सीज हो गई थी जिनसे इनका काम बंद हो गया था। इसी दौरान आरोपियों ने मृतक वकील कैवर्त की हत्या कर उसके वाहन को हड़पने की योजना बनायी तथा योजना के मुताबिक आरोपियान मृतक को उसके वाहन में कुछ सामान लेकर रायपुर से बिलासपुर जाना है कहकर बुलाये तथा तीनों शराब पीने बैठ गये आरोपियान मृतक को बहुत ज्यादा शराब पिला दिये तथा मौका देखकर आरोपियान मृतक के वाहन में रखें धारदार हथियार को निकालकर मृतक के शरीर पर ताबड़तोड़ हमला किये तथा पास रखें क्रांकीट पत्थर को भी मृतक के सिर पर पटक दिये थे।

योजनानुसार आरोपियान अपने साथ पेट्रोल लेकर गये थे उसी पेट्रोल को मृतक के शरीर पर डालकर आग लगाकर मृतक को जला दिये एवं फरार हो गये। आरोपियों की निशानदेही पर उनके कब्जे से मृतक का मोबाईल फोन, आरोपियों के खून लगे कपड़े एवं पेंट व ब्रश जिससे आरोपियान मृतक के वाहन का नंबर प्लेट बदलकर दूसरा फर्जी नंबर लिखने हेतु ले गये थे को जप्त किया गया है। आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके विरूद्ध अग्रिम कार्यवाही किया गया।

गिरफ्तार आरोपी

01. दीपक यादव पिता भईया राम यादव उम्र 27 साल निवासी चंगोराभाठा श्रीराम नगर डी.डी. नगर रायपुर।

02. शेखर यादव पिता राधेश्याम यादव उम्र 18 साल निवासी चंगोराभाठा श्रीराम नगर डी.डी. नगर रायपुर।

आरोपियों को गिरफ्तार करने में निरीक्षक योगिता खापर्डे थाना प्रभारी डी.डी. नगर, उप निरीक्षक अमित कश्यप सायबर सेल, सायबर सेल से प्र.आर. संतोष सिंह, कुलदीप द्विवेदी, महेन्द्र राजपूत, आर. विजय पटेल, उपेन्द्र यादव, नोहर देशमुख, जसवंत सोनी, धनंजयपुरी गोस्वामी, संतोष सिन्हा, थाना डी.डी.नगर से आर. गुरूदयाल सिंह, दीपक पाण्डेय एवं अभिलाष नायर की महत्वपूर्ण भूमिका रहीं।

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