नोएडा: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुद्धपेय जल की आवश्यकता पर जोर देते हुए मंगलवार को कहा कि उनकी सरकार ने स्वच्छ पानी सुनिश्चित करने के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं और भूमिगत जल संरक्षण के लिए राज्य में तालाबों का जीर्णोद्वार किया जा रहा है।

आदित्यनाथ ने ग्रेटर नोएडा के एक्सपो मार्ट में भारत जल सप्ताह के सातवें संस्करण के उद्घाटन के लिए यहां आईं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का स्वागत किया। आदित्यनाथ ने इस अवसर पर कहा कि उनकी सरकार हिमालय से निकलकर उत्तर प्रदेश में बहने वाली कई विलुप्त नदियों को पुनर्जीवित करने का प्रयास कर रही है और ‘नमामि गंगे’ परियोजना के तहत गंगा में गिरने वाले प्रदूषित जल को रोका गया है।

उन्होंने कहा कि भूमिगत जल संरक्षण के लिए उत्तर प्रदेश में तालाबों का जीर्णोद्धार किया जा रहा है और ’जल जीवन मिशन’ के तहत शुद्ध पेय जल की योजना लागू की गई है। मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश के विभिन्न प्राधिकरणों को निर्देश दिया कि जल संचयन को ध्यान में रखते हुए मकानों का नक्शा मंजूर किया जाए। उन्होंने कहा कि जीवन को बचाने के लिए शुद्ध पेयजल की नितांत जरूरत है।

आदित्यनाथ ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश के 38 जनपदों में अशुद्ध पानी के चलते हजारों मौतें हुआ करती थीं, लेकिन उनकी सरकार ने शुद्ध जल आपूर्ति करके 95 प्रतिशत मौतों को रोका है। इस बीच, मुख्यमंत्री ने ग्रेटर नोएडा में आयोजित कार्यक्रम में गौतम बुद्ध नगर जिले के लिए 1,670 करोड़ रुपए से ज्यादा की निर्माणाधीन एवं तैयार बुनिया ढांचा परियोजनाओं की घोषणा की।

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