लोगों को राहुल की मेहनत को समझना चाहिए : रॉबर्ट वाद्रा ने ‘वोट चोरी’ के आरोपों पर कहा
चंडीगढ़. राहुल गांधी के ”वोट चोरी” के आरोपों के बीच उनके बहनोई और व्यवसायी रॉबर्ट वाद्रा ने बृहस्पतिवार को कहा कि लोगों को कांग्रेस नेता की मेहनत को समझना चाहिए, अन्यथा भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ”गलत तरीके” से चुनाव जीतती रहेगी. उन्होंने भाजपा नीत केंद्र पर भी निशाना साधा और उस पर राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ जांच एजेंसियों का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया.
वाद्रा ने हरियाणा के पंचकूला स्थित गुरुद्वारा नाडा साहिब में मत्था टेका और लंगर हॉल में ‘सेवा’ की. उन्होंने लंगर भी ग्रहण किया.
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के पति ने बाद में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि देश में शांति और आपसी भाईचारा होना चाहिए. उन्होंने कहा, ”मैं पूरे देश में धार्मिक यात्राएं करता हूं. मैं यहां आया और मत्था टेका.” उन्होंने कहा, ”जैसा कि सभी जानते हैं, गलत हो रहा है जो सरकार (केंद्र) हर तरह से कर रही है. इसे रोकना चाहिए.”
वाद्रा ने कहा, ”राहुल और प्रियंका मेहनत कर रहे हैं. लोगों को जागरूक होना चाहिए. देश के नागरिकों को जागरूक होना चाहिए और उन्हें राहुल की मेहनत को समझना चाहिए. उन्होंने (राहुल ने) इसका सबूत भी दिया है. सबकुछ सामने है.” उन्होंने आरोप लगाया, ”मेरा मानना है कि अगर हम अब जागरूक नहीं हुए, तो यह सरकार (चुनाव) गलत तरीके से जीतती रहेगी, चलती रहेगी, लोगों को बांटेगी तथा उन्हें और मुश्किल में डालेगी.” कुछ दिन पहले, बिहार में मतदाता सूची के पुनरीक्षण और कथित ”वोट चोरी” के खिलाफ राहुल सहित कई विपक्षी नेताओं ने दिल्ली में प्रदर्शन किया था.
राहुल गांधी ने तब कहा था कि निर्वाचन आयोग “चुप” है, जबकि सच्चाई पूरे देश के सामने है. इससे पहले उन्होंने आरोप लगाया था कि उनकी पार्टी के शोध में कर्नाटक की एक विधानसभा सीट पर एक लाख से ज्यादा वोट फर्जी पाए गए. दिल्ली में कुछ ‘मृत’ मतदाताओं के साथ गांधी द्वारा चाय पीने के बारे में पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए वाद्रा ने कहा कि राहुल जो भी बोल रहे हैं, वह सबूत के साथ कह रहे हैं.
उन्होंने कहा, “आप देख रहे हैं कि निर्वाचन आयोग पूरी जानकारी नहीं दे रहा है. वे गलत तरीके अपना रहे हैं. वे दबाव में हैं.” राहुल गांधी ने भाजपा और निर्वाचन आयोग के बीच मिलीभगत के माध्यम से चुनावों में “बड़े पैमाने पर आपराधिक धोखाधड़ी” का विस्फोटक दावा किया था. उन्होंने कर्नाटक के एक निर्वाचन क्षेत्र में एक विश्लेषण का हवाला दिया था और कहा था कि यह “संविधान के खिलाफ अपराध” है. यह पूछे जाने पर कि निर्वाचन आयोग ने राहुल से शपथ पत्र देने को कहा है, वाद्रा ने आयोग से कहा कि उन्हें पहले यह भी बताना चाहिए कि किस तरह के चुनाव हो रहे हैं.
वाद्रा ने कहा, “वे (आयोग) कोई जवाब नहीं देना चाहते और उनसे सिर्फ शपथ पत्र देने की मांग कर रहे हैं. राहुल और प्रियंका संसद में हैं, जहां उन्होंने शपथ ली है. वे लोगों की आवाज उठाते हैं. देश में हो रही किसी भी गलत चीज के खिलाफ वे दिन-रात लड़ते हैं.” हरियाणा भूमि सौदे से जुड़े धन शोधन मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए वाद्रा ने कहा कि उन्होंने कुछ भी गलत नहीं किया है.
उन्होंने कहा, ”देखिए, मैं 24 बार प्रवर्तन निदेशालय गया हूं. जो वे पूछ रहे हैं, यह मामला 20 साल पुराना है. उनके पास शुरू से सारी जानकारी है. मैंने सभी जवाब दिए हैं और मैंने कुछ भी गलत नहीं किया है. उन्हें सबूत दिखाना चाहिए. मैं देश में हूं और जब भी वे (ईडी) मुझे बुलाते हैं, मैं पहुंचता हूं. इससे अधिक स्पष्टीकरण देने की जरूरत नहीं है.” वाद्रा ने कहा, ”आगे जो भी होगा, हम देखेंगे. मैं सभी जवाब दे रहा हूं. डरने की जरूरत नहीं है और छुपाने के लिए कुछ नहीं है.”
वाद्रा ने दावा किया, “वे (ईडी अधिकारी) मुझसे अंदर कहते हैं कि वे क्या कर सकते हैं, क्योंकि ऊपर से दबाव है. वे यह भी जानते हैं कि आरोप निराधार हैं.” उन्होंने कहा, “पिछले 20 सालों से यही बेतुका सवाल पूछा जा रहा है. जब से भाजपा सरकार आई है, वे मुझे बुला रहे हैं.” वाद्रा ने यह भी कहा कि जब पंजाब में कांग्रेस नेता चरणजीत सिंह चन्नी उम्मीदवार थे, तो उन्हें और उनके परिवार को भी परेशान किया गया था. उन्होंने कहा, “एजेंसियों का दुरुपयोग करना गलत था.” वाद्रा 2008 के हरियाणा भूमि सौदे से जुड़े धन शोधन मामले में ईडी के सामने अपना बयान दर्ज करा चुके हैं.