माइकोलैव. रूस के रक्षा मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा कि उसने यूक्रेन के दक्षिणी खेरसॉन क्षेत्र में नीपर नदी के पश्चिमी किनारे से अपने सभी सैनिकों की वापसी पूरी कर ली है. यह कदम यूक्रेन में युद्ध के दौरान रूस के लिए एक और झटका माना जा रहा है. रूस की सरकारी समाचार एजेंसियों ने मंत्रालय के हवाले से एक बयान में कहा कि शुक्रवार सुबह पांच बजे सैनिकों की वापसी पूरी की गयी और अब एक भी सैन्य इकाई वहां नहीं बची है.

जिन क्षेत्रों से रूस की सेना ने वापसी की है उनमें खेरसॉन शहर भी शामिल है. यह एकमात्र क्षेत्रीय राजधानी है जिस पर मॉस्को ने यूक्रेन पर अपने हमलों के दौरान कब्जा किया था. हालांकि रूस शुक्रवार को बचाव की मुद्रा में रहा और जोर देता रहा कि सैनिकों की यह वापसी किसी भी तरह रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के लिए असहज स्थिति पैदा करने वाली नहीं है. क्रेमलिन प्रवक्ता दमित्री पेस्कोव ने संवाददाताओं से कहा कि मॉस्को अब भी खेरसॉन क्षेत्र को रूस के हिस्से के रूप में देख रहा है. उन्होंने कहा कि क्रेमलिन को करीब एक महीने पहले खेरसॉन और तीन अन्य यूक्रेनी क्षेत्रों पर अवैध कब्जे की खुशी मनाने पर कोई अफसोस नहीं है.

रूस की सैनिकों की वापसी की इस घोषणा से कुछ देर पहले ही यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की के कार्यालय ने खेरसॉन क्षेत्र की स्थिति को ‘मुश्किल’ वाली कहा था. खबर है कि रूस ने उन कुछ गांवों और शहरों पर गोलाबारी की है जिन पर यूक्रेन के सैनिकों ने खेरसॉन क्षेत्र में अपने अभियान के दौरान पिछले कुछ हफ्तों में पुन: नियंत्रण प्राप्त किया है. यूक्रेन के अधिकारियों को रूसी सैनिकों की वापसी की घोषणा के बाद आशंका है कि ये सैनिक खेरसॉन शहर में घात लगाकर हमलों में शामिल हो सकते हैं.

सैन्य विश्लेषकों ने पूर्वानुमान व्यक्त किया था कि रूस की सेना को सैनिकों की वापसी पूरी करने में कम से कम एक सप्ताह लगेगा.
यूक्रेन के राष्ट्रपति के सलाहकार माइखैलो पोदोलियाक ने बृहस्पतिवार को कहा कि वापसी कर रहे रूसी सैनिकों ने खेरसॉन को ‘मौत का शहर’ बनाने के लिए बारूदी सुरंग बिछाई हैं. उन्होंने यह भी आशंका जताई कि वे नीपर नदी से हटने के बाद शहर में गोलाबारी कर सकते हैं.

खेरसॉन क्षेत्र में नीपर नदी के पश्चिमी और पूर्वी किनारों को जोड़ने वाले एंतोनिवस्की पुल की स्थिति अभी तक पता नहीं चली है और इसके पता चलने पर साफ होगा कि क्या वास्तव में रूसी सैनिक पूरी तरह खेरसॉन शहर छोड़ गये हैं. रूसी मीडिया की खबरों में कहा गया है कि सैनिकों की वापसी के बाद पुल को विस्फोट कर उड़ा दिया गया. क्रेमलिन समर्थक संवाददाताओं ने पुल की तस्वीर डाली जिसमें उसका बड़ा हिस्सा गायब है. हालांकि, खेरसॉन में रूस द्वारा तैनात अधिकारी सर्जेई येलीसेयेव ने इंटरफैक्स समाचार एजेंसी से कहा कि ‘एंतोनिवस्की पुल को उड़ाया नहीं गया है. यह यथा स्थिति में है.’’

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