महात्मा गांधी नरेगा के तहत आवश्यक एवं स्थानीय उपयोगिता के कार्यों के प्रस्ताव शीघ्र भेजें अधिकारी : मुख्य सचिव

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वित्तीय वर्ष 2020-21 में मनरेगा में 18 करोड़ 15 लाख मानव दिवस के कार्य सृजित

मनरेगा के तहत 5 हजार 725 गौठानों और करीब 34 हजार 74 वर्मी कम्पोस्ट टैंकों का निर्माण कार्य पूर्ण

लगभग 92 हजार 690 वनाधिकार पत्रधारी परिवारों को मनरेगा के तहत दिया गया रोजगार

रायपुर : मुख्य सचिव अमिताभ जैन की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार योजना की राज्य स्तरीय सशक्त समिति की बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सम्पन्न हुई। मुख्य सचिव ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए है कि वे अपने विभाग के अंतर्गत महात्मा गांधी नरेगा से कार्य कराने के लिए ऐसे कार्यों का प्रस्ताव भेजे जो जरूरी एवं स्थानीय उपयोगिता के हो। इसके लिए उन्होंने शीघ्र प्रस्ताव भेजने के निर्देश अधिकारियों को दिए है। मुख्य सचिव ने विभागवार नरेगा के कार्यों की समीक्षा की।

बैठक में जानकारी दी गयी कि प्रदेश के विभिन्न जिलों में वित्तीय वर्ष 2020-21 के लेवर बजट के विरूद्ध मनरेगा से करीब 18 करोड़ 15 लाख सृजित मानव दिवस की उपलब्धि हासिल हुई है। इसी प्रकार प्रदेश में मनरेगा के तहत 5 हजार 725 गौठानों के कार्य पूर्ण कर लिए गए हैं। करीब 34 हजार 74 वर्मी कम्पोस्ट टैंकों का निर्माण कार्य पूर्ण कर लिया गया है। राज्य में वनाधिकार पत्र धारकों को मनरेगा में रोजगार प्रदाय किया जा रहा है। राज्य मंे अब तक करीब 92 हजार 690 वनाधिकार पत्र धारी परिवारों को मनरेगा के तहत रोजगार दिया गया है।

महात्मा गांधी नरेगा के अंतर्गत अतिरिक्त 50 दिवस रोजगार की अग्रिम राशि राज्य मद से जारी करने के संबंध में चर्चा हुई। बैठक में महात्मा गांधी नरेगा राज्य, जिला, जनपद और ग्राम पंचायत स्तर पर रिक्त पदों को मानदेय पदों और नवीन तकनीकी पदों पर भर्ती के संबंध में भी चर्चा हुई। भर्ती के संबंध में अधिकारियों को निर्देश दिए गए है कि उपयोगी पदों पर ही शीघ्र भर्ती की जाए। बैठक में गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले मंे महात्मा गांधी नरेगा के अंतर्गत नवीन पद स्वीकृत करने के प्रस्ताव का अनुमोदन भी किया गया।

मुख्य सचिव अमिताभ जैन ने अधिकारियों को निर्देश दिए है कि महात्मा गांधी नरेगा के अंतर्गत माननीय मुख्यमंत्री जी की प्राथमिकता वाले कार्यों को शीघ्र कराएं। धान संग्रहण हेतु नरेगा से जो चबूतरा बनना शेष रह गए है उन्हें शीघ्र बनाए। बैठक में बताया गया कि प्रदेश में धान संग्रहण केन्द्रों में 7 हजार 600 से अधिक चबूतरा निर्माण का कार्य पूर्ण कर लिया गया है। प्रत्येक ग्राम पंचायत में कम से कम एक गौठान का निर्माण और गौठानों में आवश्यकता अनुरूप वर्मी कम्पोस्ट टैंक एवं आजीविका गतिविधि हेतु वर्कशेड के संबंध में बैठक में विस्तार से चर्चा हुई एवं अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए है।

ऐसे नाले जो वन एवं राजस्व क्षेत्र की भूमि से गुजरते है, उनका सम्पूर्ण डी.पी.आर. वन विभाग द्वारा तैयार किए जाए। मुख्य सचिव ने कहा कि वनाधिकार पट्टाधारी हितग्राहियों के भूमि विकास सम्यक प्लान वन विभाग द्वारा तैयार करें। इस संबंध में प्राथमिकता के आधार पर काम करने के निर्देश आधिकारियों को दिए गए है।

बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव आर.प्रसन्ना, वित्त विभाग की सचिव अलरमेल मंगई डी., सचिव खाद्य डॉ. कमलप्रीत सिंह सहित वन, कृषि, ग्रामीण विकास, जल संसाधन, वाटर शेड, पशुधन विकास सहित अन्य विभागों के अधिकारी शामिल हुए।

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