हमला सिर्फ मुझ पर नहीं, बल्कि दिल्ली की सेवा करने के हमारे संकल्प पर हुआ: मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता
'जन सुनवाई' के दौरान मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर हमला, आरोपी गिरफ्तार; हत्या के प्रयास का मामला दर्ज
नयी दिल्ली/राजकोट. दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बुधवार को कहा कि ‘जन सुनवाई’ कार्यक्रम के दौरान उन पर हुआ हमला लोगों की सेवा करने के उनके संकल्प को डिगाने का एक ”कायरतापूर्ण प्रयास” है, लेकिन इससे उनका मनोबल नहीं टूटा है.
मुख्यमंत्री ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ”आज सुबह जन सुनवाई के दौरान मेरे ऊपर हुआ हमला केवल मेरे ऊपर नहीं, बल्कि दिल्ली की सेवा और जनता की भलाई के हमारे संकल्प को डिगाने के लिए किया गया एक कायराना प्रयास है.” उन्होंने कहा, ”स्वाभाविक है कि इस हमले के बाद मैं सदमे में थी, लेकिन अब बेहतर महसूस कर रही हूं. मैं अपने सभी शुभचिंतकों से निवेदन करती हूं कि कृपया मुझसे मिलने के लिए परेशान न हों. मैं बहुत जल्द ही आपके बीच काम करती हुई दिखाई दूंगी.” गुप्ता ने कहा, ”ऐसे हमले मेरे हौसले और जनता की सेवा के संकल्प को कभी तोड़ नहीं सकते. अब मैं पहले से कहीं अधिक ऊर्जा और समर्पण के साथ आपके बीच रहूंगी. जन सुनवाई और जनता की समस्याओं का समाधान पहले की तरह ही गंभीरता और प्रतिबद्धता के साथ जारी रहेगा. आपका विश्वास और समर्थन ही मेरी सबसे बड़ी ताकत है. आपके अपार स्नेह, आशीर्वाद और शुभकामनाओं के लिए मैं हृदय से आभार व्यक्त करती हूं.”
दिल्ली की मुख्यमंत्री पर अचानक हुए हमले से सभी हैरान थे, हमलावर को तुरंत काबू किया गया: चश्मदीद
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर बुधवार सुबह उनके कैंप कार्यालय में ‘जन सुनवाई’ के दौरान अचानक हमला हुआ और सुरक्षार्किमयों ने तुरंत हमलावर को काबू किया. चश्मदीदों ने यह जानकारी दी. हमले के एक चश्मदीद ने कहा कि अचानक हुई इस घटना से मौके पर मौजूद सभी लोग हैरान रह गए.
सुनवाई में मौजूद एक अन्य महिला ने कहा, ”हम सब बैठे थे. एक व्यक्ति जिसकी (अपनी शिकायत व्यक्त करने की) बारी आई, उसने मुख्यमंत्री से बात करना शुरू किया और अचानक उन पर हमला कर दिया. हमने एक तेज आवाज सुनी और पुलिस ने तुरंत उस व्यक्ति को हिरासत में ले लिया.” घटनास्थल पर मौजूद एक महिला शिकायतकर्ता ने बताया कि मुख्यमंत्री पर हमला और सुरक्षार्किमयों द्वारा हमलावर को काबू करना, यह सब कुछ ही पलों में हुआ. उन्होंने कहा, ”जब हमला हुआ, तब मुख्यमंत्री लोगों से बातचीत कर रही थीं और उनकी शिकायतें सुन रही थीं. यह बहुत तेजी से हुआ. (मुख्यमंत्री पर) हमला होने के बाद, पुलिस ने तुरंत हमलावर को पकड़ लिया और अपने साथ ले गई.”
दिल्ली की मुख्यमंत्री पर हमला करने वाला व्यक्ति कुत्ता प्रेमी है : राजकोट पुलिस
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर बुधवार को हुए हमले के आरोपी व्यक्ति के खिलाफ गुजरात के राजकोट शहर में पांच प्राथमिकी दर्ज हैं और वह कुत्ता प्रेमी भी है. पुलिस ने यह जानकारी दी. पुलिस ने बताया कि हमले का आरोपी व्यक्ति कुत्तों के लिए आश्रय स्थल बनाना चाहता है.
पुलिस उपायुक्त जगदीश बंगरवा ने यहां बताया कि आरोपी ऑटो चालक राजेश सकारिया (41) के पड़ोसियों के अनुसार, उसे हमले और आपराधिक धमकी के मामलों में अदालतों द्वारा बरी कर दिया गया था और वह अपने परिवार से ज्यादा आवारा कुत्तों की परवाह करता था. अधिकारी ने बताया कि सकारिया के खिलाफ भक्तिनगर पुलिस थाने में 2017 से 2024 के बीच पांच प्राथमिकी दर्ज की गईं.
भक्तिनगर पुलिस थाने के निरीक्षक एमएम सरवैया ने बताया कि इनमें से दो प्राथमिकी मारपीट और आपराधिक धमकी, जबकि तीन प्राथमिकी शराब रखने और उसकी तस्करी से संबंधित हैं.
‘जन सुनवाई’ के दौरान मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर हमला, आरोपी गिरफ्तार; हत्या के प्रयास का मामला दर्ज
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर बुधवार को सुबह सिविल लाइंस स्थित उनके कार्यालय पर आयोजित ‘जन सुनवाई’ कार्यक्रम के दौरान एक व्यक्ति ने हमला कर दिया. मुख्यमंत्री के कार्यालय ने यह जानकारी दी. मुख्यमंत्री कार्यालय ने इस हमले को ”मुख्यमंत्री की हत्या की सुनियोजित साजिश” का हिस्सा बताया.
पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, राजकोट (गुजरात) निवासी 41 वर्षीय आरोपी सकरिया राजेशभाई खिमजीभाई को हिरासत में लिया गया है और उससे खुफिया ब्यूरो (आईबी) और दिल्ली पुलिस की संयुक्त टीम पूछताछ कर रही है. उन्होंने बताया कि हमला सुबह करीब आठ बजकर 15 मिनट पर हुआ. पीडब्ल्यूडी (लोक निर्माण विभाग) मंत्री प्रवेश वर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री के हाथ, कंधे और सिर में चोटें आई हैं. जांच से जुड़े एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि यह एक गंभीर हमला था और जानलेवा भी हो सकता था.
अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ”हम आईबी, विशेष प्रकोष्ठ और खुफिया एजेंसियों के साथ संयुक्त पूछताछ कर रहे हैं. उस पर पांच आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें चाकू से हमले के दो और आबकारी अधिनियम के तीन मामले शामिल हैं.” उन्होंने कहा कि पुलिस ने अभी तक उस पर साजिश का आरोप नहीं लगाया है. आरोपी के पास कोई हथियार नहीं था क्योंकि वह जानता था कि कड़ी जांच होगी. उसके पास एक बैग था जिसमें कपड़े और कुछ कागज थे.
पुलिस ने हमले के सिलसिले में हत्या के प्रयास के आरोप में एक प्राथमिकी दर्ज की है. पुलिस उपायुक्त (उत्तर) राजा बंठिया ने एक बयान में बताया कि सिविल लाइंस थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 109(1) (हत्या का प्रयास) के तहत मामला दर्ज किया गया है. उस पर कथित तौर पर हमला करने और लोक सेवक को उसके कर्तव्य निर्वहन में बाधा डालने का भी मामला दर्ज किया गया है. सूत्रों ने बताया कि खिमजीभाई दो दिन पहले दिल्ली आया था और उत्तरी दिल्ली के सिविल लाइंस में रुका था.
दिल्ली के मंत्री कपिल मिश्रा ने कहा कि यह कोई साधारण हमला नहीं है. उन्होंने कहा कि हमलावर ने ”मुख्यमंत्री को जमीन पर गिराने और उन्हें पीटने” की कोशिश की.
मिश्रा ने संवाददाताओं से कहा, ”किसी पर भी खासकर एक महिला मुख्यमंत्री पर जो 24 घंटे जनता के कामों के लिए सर्मिपत हैं, उस पर ऐसा हमला दिल्ली में कभी नहीं सुना था.” मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) के अधिकारियों ने कहा कि मुख्यमंत्री की चिकित्सकों ने जांच की और वह फिलहाल निगरानी में हैं. बाद में उनकी एमएलसी (मेडिको लीगल केस) जांच की गई. आधिकारिक सूत्रों ने शालीमार बाग स्थित गुप्ता के आवास से मिले सीसीटीवी फुटेज का हवाला देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री पर हमला एक ‘सुनियोजित साजिश’ का हिस्सा था.
उन्होंने बताया कि सीसीटीवी फुटेज से साफ पता चलता है कि हमलावर ने हमले की तैयारी कम से कम 24 घंटे पहले से शुरू कर दी थी. सीसीटीवी फुटेज में बुधवार को आरोपी मुख्यमंत्री आवास की ओर जाते हुए दिख रहा है. वीडियो में आरोपी परिसर की रेकी करता, मुख्यमंत्री आवास के दृश्य रिकॉर्ड करता और बाद में हमला करने की कोशिश करता हुआ दिख रहा है. फुटेज में, वह एक दिन पहले अपने दौरे के दौरान किसी से फोन पर बात करता हुआ दिख रहा है. सूत्रों ने बताया कि पुलिस घटना की विस्तृत जांच कर रही है और पुलिस को सीसीटीवी फुटेज सौंप दी गई है.
इस बीच, आरोपी की मां भानुबेन सकारिया ने राजकोट में दावा किया कि उनका बेटा किसी भी राजनीतिक दल से नहीं जुड़ा है और आवारा कुत्तों पर उच्चतम न्यायालय के आदेश के खिलाफ एक प्रदर्शन में हिस्सा लेने के लिए वह राष्ट्रीय राजधानी गया था. उन्होंने यह भी दावा किया कि उनके बेटे को ”कुत्तों से बहुत प्यार” है.
आरोपी की मां ने कहा, ”वह पशु प्रेमी है. उसे कुत्तों, गायों और पक्षियों से बहुत प्यार है. इसीलिए उच्चतम न्यायालय द्वारा दिल्ली के सभी आवारा कुत्तों को पकड़ने के आदेश के बाद वह परेशान था.” उन्होंने बताया कि वह कुछ दिन पहले हरिद्वार गया था और उसने उन्हें फोन पर बताया था कि वह उच्चतम न्यायालय के आदेश के खिलाफ प्रदर्शन में हिस्सा लेने के लिए दिल्ली जाएगा. भानुबेन ने बताया, ”जब हमने पूछा कि वह कब लौटेगा, तो उसने फोन पर इससे ज्यादा कुछ नहीं बताया.” पुलिस सूत्रों ने बताया कि पुलिस द्वारा घटना की विस्तृत रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद गृह मंत्रालय (एमएचए) मुख्यमंत्री गुप्ता की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा कर सकता है.
मुख्यमंत्री गुप्ता को दिल्ली पुलिस की ‘जेड’ श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की गई थी. यह गृह मंत्रालय की ‘येलो बुक’ में उल्लिखित सुरक्षा दिशानिर्देशों के अनुरूप है, जिसमें विशिष्ट व्यक्तियों (वीआईपी) और अति विशिष्ट व्यक्तियों (वीवीआईपी) के लिए सुरक्षा प्रोटोकॉल का विवरण दिया गया है. पुलिस सूत्रों ने बताया कि आरोपी के मोबाइल फोन से ‘जन सुनवाई’ के दो वीडियो बरामद किए गए हैं.
पुलिस के एक सूत्र ने कहा, ”अब तक हमें पता चला है कि आरोपी ‘जन सुनवाई’ के वीडियो रिकॉर्ड कर रहा था, जिसमें शालीमारबाग स्थित मुख्यमंत्री आवास और उनके कार्यालय का एक वीडियो भी शामिल है. वह इस हमले की साजिश रच रहा था और आज जब उसे मौका मिला, तो उसने मुख्यमंत्री पर हमला कर दिया.” सूत्र ने बताया कि खिमजीभाई ने पूरे इलाके की रेकी की और मुख्यमंत्री के सुरक्षा घेरे को समझने और हमले का मौका तलाशने के लिए ‘जन सुनवाई’ की कार्यवाही पर नजर रख रहा था. आरोपी अपनी शिकायत दर्ज कराने के लिए शिकायतकर्ता के वेश में उनके कार्यालय गया था. भाजपा की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद पत्रकारों से कहा कि मुख्यमंत्री गुप्ता इस घटना से ”स्तब्ध” हैं, लेकिन वह ठीक हैं.
सचदेवा ने बताया, ”आज सुबह ‘जन सुनवाई’ के दौरान मुख्यमंत्री हमेशा की तरह जनता से बातचीत कर रही थीं तभी एक व्यक्ति उनके पास आया. उसने उन्हें कुछ कागज दिए और अचानक उनका हाथ पकड़कर उन्हें अपनी ओर खींचने की कोशिश की.” उन्होंने कहा, ”हाथापाई के बाद लोगों ने उसे पकड़ लिया… पुलिस उसकी पहचान और अन्य जानकारियों की जांच कर रही है.” दिल्ली भाजपा अध्यक्ष ने उन खबरों का खंडन किया कि मुख्यमंत्री को थप्पड़ मारा गया या उन पर पत्थर फेंके गए. उन्होंने कहा कि राजनीति में ऐसी घटनाएं अस्वीकार्य हैं और ‘जन सुनवाई’ जारी रहेगी.
उन्होंने कहा कि वह अभी आराम कर रही हैं और उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि वह अपने निर्धारित कार्यक्रम रद्द नहीं करेंगी.
‘जन सुनवाई’ में मौजूद एक प्रत्यक्षदर्शी ने कहा, ”हम सभी बैठे थे. जिस व्यक्ति की बारी आई, वह मुख्यमंत्री के साथ बैठा था… वह मुख्यमंत्री से बात कर रहा था और अचानक उसने उन पर हमला कर दिया. हमने तेज आवाज सुनी और पुलिस ने तुरंत उस व्यक्ति को हिरासत में ले लिया.” दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्रियों अरविंद केजरीवाल और आतिशी ने गुप्ता पर हमले की निंदा की.
दिल्ली विधानसभा में विपक्ष की नेता आतिशी ने घटना की निंदा करते हुए उम्मीद जताई कि मुख्यमंत्री सुरक्षित होंगीं और पुलिस दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करे. आप के राष्ट्रीय संयोजक केजरीवाल ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में मतभेद और विरोध स्वीकार्य हैं, लेकिन हिंसा के लिए कोई जगह नहीं हो सकती.
उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ”दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर हुआ हमला बेहद निंदनीय है. लोकतांत्रिक व्यवस्था में विचारों का मतभेद और विरोध स्वीकार्य है, लेकिन हिंसा के लिए कोई स्थान नहीं हो सकता. मुझे विश्वास है कि दिल्ली पुलिस उचित कार्रवाई करेगी. आशा है कि मुख्यमंत्री पूरी तरह सुरक्षित और स्वस्थ हों.” दिल्ली पुलिस आयुक्त एसबीके सिंह ने उस कार्यालय का दौरा किया जहां यह घटना हुई थी.
