तुष्टीकरण से सरकार चलाने वाले आज न घर के रहे, न घाट के: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सपा के 'पीडीए पाठशाला' अभियान पर निशाना साधा

मुरादाबाद. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष पर तीखा प्रहार करते हुए बुधवार को कहा कि जो लोग तुष्टीकरण की राजनीति करके सत्ता में आए थे, ”वे आज न घर के हैं न घाट के.” मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने मुरादाबाद में 79 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित अटल आवासीय विद्यालय का उद्घाटन करते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की योजनाएं तुष्टीकरण नहीं, संतुष्टीकरण पर आधारित हैं जो बिना भेदभाव के हर व्यक्ति तक पहुंचती हैं.
उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा, ”एक दौर था जब तुष्टीकरण की राजनीति करने वालों के लिए सत्ता केवल एक दुकान थी. उन्होंने शिक्षा को नकल, अराजकता और जातिवाद का अड्डा बना दिया था. लेकिन आज वही लोग संतुष्टीकरण को लेकर परेशान हैं.” मुख्यमंत्री ने कहा, ”हमारी सरकार तुष्टीकरण नहीं, संतुष्टीकरण के मार्ग पर चलती है. इसीलिए जनता का विश्वास आज भाजपा के साथ है.” उन्होंने कहा, ”जो लोग तुष्टीकरण की राजनीति करके सत्ता में आए थे, वे आज न घर के हैं न घाट के. ऐसे लोग न तो समाज के साथ खड़े हो पाए, न ही भविष्य की पीढ़ी के साथ.” समाजवादी पार्टी को आड़े हाथों लेते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज समाजवादी पार्टी को ‘पीडीए’ की अचानक चिंता सताने लगी है, जबकि अतीत में उन्हीं की सरकार में शिक्षा के क्षेत्र में किस प्रकार का व्यवहार हुआ, यह किसी से छिपा नहीं है.
एक बयान के मुताबिक मुख्यमंत्री ने मुरादाबाद के लोगों को रक्षाबंधन, श्रीकृष्ण जन्माष्टमी और स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं और घोषणा की कि आठ, नौ, 10 अगस्त को प्रदेश की सभी बहनों को रोडवेज बसों में मुफ्त यात्रा सुविधा दी जाएगी. मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने रक्षाबंधन से ठीक पहले अटल आवासीय विद्यालय को मुरादाबाद मंडल के बच्चों और श्रमिक परिवारों को सर्मिपत करते हुए इसे अटल जी की स्मृति को सर्मिपत आदर्श शिक्षा मंदिर बताया. इस विद्यालय को अटल बिहारी वाजपेयी के जन्मशताब्दी वर्ष में शुरू किया गया है.
योगी ने कहा कि यह विद्यालय न केवल शिक्षा का केंद्र है, बल्कि संस्कार, अनुशासन और आत्मनिर्भरता का भी स्रोत बनेगा.
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब तक प्रदेश में 18 अटल आवासीय विद्यालय बनाए जा चुके हैं जिनमें 18,000 से अधिक श्रमिक और अनाथ बच्चों को नि:शुल्क, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दी जा रही है.
उन्होंने बताया कि इन विद्यालयों में आधुनिक शिक्षण तकनीक, छात्रावास, संपूर्ण आवासीय सुविधा, खेल, प्रयोगशाला और कौशल विकास की व्यापक व्यवस्थाएं हैं. उन्होंने इसे शिक्षा के प्रति सरकार की अटल प्रतिबद्धता बताया. योगी आदित्यनाथ ने कहा, ”कक्षा 12वीं के बाद उच्च शिक्षा का पूरा खर्च भी सरकार उठाएगी चाहे वो मेडिकल हो या आईआईटी.”
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सपा के ‘पीडीए पाठशाला’ अभियान पर निशाना साधा
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को समाजवादी पार्टी (सपा) के ‘पीडीए पाठशाला’ अभियान पर निशाना साधते हुए तल्ख टिप्पणी की. आदित्यनाथ ने मुरादाबाद में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा, ”समाजवादी पार्टी और कांग्रेस अपने संस्कारों के अनुरूप शिक्षा की व्यवस्था को चौपट करने के लिए फिर से ‘पीडीए पाठशाला’ के नाम पर दुष्प्रचार कर रही हैं.” सपा पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक के लिए ‘पीडीए’ शब्द का इस्तेमाल करती है.
उन्होंने कहा, ”कल्याण सिंह जी की सरकार ने 1991 और 1997 में व्यवस्था की थी कि ‘ग’ से गणेश पढ़ाया जाएगा. गणेश विघ्नहर्ता हैं. शिक्षा क्षेत्र के विघ्न और बाधाएं दूर हों इसलिए ‘ग’ से गणेश पढ़ाया जाए, मगर उसके बाद समाजवादी पार्टी की दुर्भाग्य से सरकार आई तो उसने कहा कि ‘ग’ से गणपति नहीं, ‘ग’ से तो गधा पढ़ाया जाएगा.” मुख्यमंत्री ने तंज करते हुए कहा, ”गधे जैसी बुद्धि वालों ने बच्चों के मन में भी उसी प्रकार का भाव पैदा करने का प्रयास किया और आज ‘पीडीए पाठशाला’ में भी वे यही पढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं.” उत्तर प्रदेश सरकार ने 50 से कम छात्र-छात्राओं वाले 10 हजार से ज्यादा प्राथमिक और उच्चतर प्राथमिक स्कूलों का पास के ही स्कूलों में विलय करने की कवायद शुरू की है.
सपा समेत सभी विपक्षी दलों ने इसे गरीब बच्चों को शिक्षा से वंचित करने की साजिश करार देते हुए इसका विरोध किया है. समाजवादी पार्टी ने प्रदेश के उन गांवों में ‘पीडीए पाठशालाएं’ खोलकर बच्चों को पढ़ाने का अभियान शुरू किया है जहां राज्य सरकार की विलय की नीति की वजह से स्कूल बंद हुए हैं.
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने हाल में इस सिलसिले में कहा था कि पार्टी सदस्य उन गांव में ‘पीडीए पाठशाला’ खोलें जहां स्कूल बंद होने वाले हैं और क्षेत्र के शिक्षित नौजवानों व सेवानिवृत्त शिक्षकों को भी इस अभियान से जोड़ें. हालांकि, राज्य सरकार ने ‘पीडीए पाठशालाओं’ के खिलाफ कार्रवाई भी शुरू की है. मऊ जिले में अनधिकृत रूप से पीडीए पाठशाला में बच्चों को पढ़ाने और सहारनपुर में बच्चों को ऐसी ही पाठशाला में राजनीतिक ककहरा सिखाने के आरोप में मुकदमे भी दर्ज किए गए हैं.
