एक महीने से कम समय में भारत में भी शुरू होगा \’ट्विटर ब्लू\’ : मस्क

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नयी दिल्ली/सैन फ्रांसिस्को. ट्विटर पर सत्यापन के बाद जारी किए जाने वाले बैज ‘ब्लू टिक’ के लिए भारत में उपयोगकर्ताओं से हर महीने शुल्क लेने की शुरुआत एक महीने से भी कम समय में हो सकती है. सोशल मीडिया मंच के नए मालिक उद्योगपति एलन मस्क ने यह कहा है.
इस महीने की शुरुआत में मस्क ने कहा था कि ट्विटर पर सत्यापन के बाद जारी किए जाने वाले ‘ब्लू टिक’ बैज के लिए उपयोगकर्ताओं को हर महीने आठ डॉलर का शुल्क देना होगा. दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति मस्क ने लंबे विवाद के बाद गत 27 अक्टूबर को 44 अरब डॉलर में ट्विटर का अधिग्रहण किया था.

उन्होंने इस सोशल मीडिया मंच की कमान संभालते ही कंपनी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) पराग अग्रवाल और कानूनी मामलों एवं नीति प्रमुख विजया गड्डे समेत चार शीर्ष अधिकारियों को निकाल दिया था. इसके बाद ट्विटर ने दुनिया भर में बड़े पैमाने पर छंटनी के हिस्से के रूप में भारत में भी अपने 200 से अधिक कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया.

मस्क ने अब कहा है कि भारत में एक महीने के भीतर ट्विटर पर ब्लू टिक के लिए हर माह शुल्क लगाने की उम्मीद की जा सकती है.
मस्क ने एक ट्विटर उपयोगकर्ता के \’भारत में ट्विटर ब्लू सेवा शुरू होने के समय के बारे में पूछे गए सवाल के जवाब में ट्वीट किया, \”उम्मीद है, एक महीने से भी कम समय में.\” हालांकि, भारत में इसका मूल्य तय करने को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है. एक ब्लू टिक यह दर्शाता है कि कोई खाता सत्यापित है क्योंकि यह सरकार, समाचार, मनोरंजन या किसी अन्य निर्दिष्ट श्रेणी में उल्लेखनीय है. ट्विटर जानी-मानी हस्तियों के खातों को सत्यापित करने के लिए ब्लू टिक बैज का इस्तेमाल करता है, ताकि आम लोगों को खातों की वैधता के बारे में पता चल सके.

ट्विटर इस्तेमाल करने वालों को 7.99 मासिक शुल्क पर मिलेगा ‘ब्लू टिक’

ट्विटर ने 7.99 डॉलर प्रति माह के शुल्क पर सत्यापित खातों को दिए जाने वाले ‘ब्लू टिक’ (नीला निशान) के साथ सब्सक्रिप्शन सेवा शुरू करने की घोषणा की है. अमेरिका में मध्यावधि चुनाव से पहले कंपनी के मालिक एलन मस्क द्वारा खाते को सत्यापित करने की प्रणाली में बदलाव करने की कोशिशों के बीच यह कदम उठाया गया है.

अमेरिका, कनाडा, आॅस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड और ब्रिटेन में एप्पल आईओएस उपकरणों के लिए ट्विटर ने ताजा जानकारी देते हुए कहा कि जो उपयोगकर्ता ‘सत्यापन के साथ ट्विटर ब्लू’ पर ‘अब नया खाता बनाएंगे’, वे जानी-मानी हस्तियों, कंपनियों और नेताओं के खाते की तरह अपने खातों में नीला निशान प्राप्त कर सकेंगे.

बहरहाल, ट्विटर के कर्मचारी एश्थर क्रोफोर्ड ने शनिवार को ट्वीट किया कि ‘नयी ब्लू सेवा अभी शुरू नहीं हुई है, लेकिन यह जल्द की शुरू होगी. लोग हमें नए ‘अपडेट’ लाते देख सकते हैं, क्योंकि हम परीक्षण और बदलाव की दिशा में सक्रिय हैं.’ अभी यह स्पष्ट नहीं है कि सब्सक्रिप्शन सेवा कब से शुरू होगी. क्रोफोर्ड ने ट्विटर पर एक संदेश में बताया कि यह ‘‘अभी शुरू नहीं हुई है, लेकिन जल्द ही शुरू होगी.’’ ट्विटर ने इस मामले में अभी कोई टिप्पणी नहीं की है.

हर किसी के नीला निशान हासिल कर सकने से भ्रम की स्थिति पैदा हो सकती है और मंगलवार को अमेरिका में चुनाव से पहले इसका दुष्प्रचार के लिए इस्तेमाल हो सकता है, लेकिन मस्क ने फर्जीवाड़ा करने वालों द्वारा नेताओं एवं निर्वाचन अधिकारियों आदि के सत्यापित खातों को अपना खाता बता सकने की आशंका से जुड़े सवाल पर शनिवार को कहा, ‘‘ट्विटर किसी और की पहचान को अपनी पहचान दिखाने की कोशिश करने वालों का खाता निलंबित कर देगा और पैसा रख लेगा.’’

उन्होंने कहा, ‘‘यानी अगर धोखेबाज लोग 10 लाख बार ऐसा करते हैं तो इससे मुफ्त में काफी धन मिलेगा.’’ ट्विटर ने अपने कर्मचारियों की बड़े पैमाने पर छंटनी की है और कई लोगों को आशंका है कि इससे सोशल मीडिया मंच पर सत्यापन संबंधी प्रणाली पर असर पड़ेगा. इस मंच का इस्तेमाल सार्वजनिक एजेंसियां, चुनाव बोर्ड, पुलिस विभाग और समाचार संस्थान लोगों को विश्वसनीय सूचना देने के लिए करते हैं.

यह बदलाव ट्विटर द्वारा 2009 में शुरू की गई मौजूदा सत्यापन प्रणाली को खत्म कर देगा, जो इस मकसद से शुरू की गई थी कि धोखेबाज लोग हाई-प्रोफाइल एवं जानी-मानी हस्तियों के खातों को अपने खातों के रूप में न दिखा पाएं. ट्विटर पर इस समय 4,23,000 सत्यापित खाते हैं. मस्क ने लंबे विवाद के बाद 27 अक्टूबर को 44 अरब डॉलर में ट्विटर का अधिग्रहण पूरा किया था. ट्विटर जानी-मानी हस्तियों के खातों को सत्यापित करने के लिए ब्लू टिक बैज का इस्तेमाल करता है, ताकि आम लोगों को खातों की वैधता के बारे में पता चल सके.

भारत समेत दुनियाभर में माइक्रो-ब्लॉंिगग मंच ट्विटर के कर्मचारियों की छंटनी के बीच मस्क ने अपने कदम को सही ठहराते हुए कहा था कि कंपनी के हर दिन लाखों डॉलर का नुकसान झेलने की स्थिति में उनके पास छंटनी के अलावा कोई विकल्प ही नहीं बचा था.
ट्विटर को अप्रैल-जून की तिमाही में 27 करोड़ डॉलर का शुद्ध घाटा हुआ था, जबकि एक साल पहले की समान तिमाही में उसे 6.6 करोड़ डॉलर का लाभ हुआ था.