वेंटिलेटर मास्क और टेस्टिंग किट का दाम होगा कम

vedantbhoomidigital
0 0
Read Time:1 Minute, 53 Second

वित्त मंत्रालय के मुताबिक, कोरोना महामारी के दौर में वेंटिलेटर्स और अन्य चिकित्सा उपकरणों की बहुत मांग है। ऐसे में सरकार इनके आयात पर लगने वाली ड्यूटी और सेस को तत्काल वापस ले रही है। इन्हें बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाले वस्तुओं पर कस्टम ड्यूटी और हेल्थ सेस नहीं लिया जाएगा। सरकार की मंशा है कि महामारी कोरोना वायरस से लड़ने के लिए हर किसी तक इन सभी उपकरणों की उपलब्धता पर्याप्त मात्रा में हो। बता दें, भारत में करीब 80 फीसदी मेडिकल उपकरण इंपोर्ट किए जाते हैं।फिलहाल, वेंटिलेटर और टेस्टिंग किट पर 10 फीसदी कस्टम ड्यूटी लगती है। वहीं, सर्जिकल और फेस मास्क पर 7.5%, पीपीई किट पर 7.5 से 10% कस्टम ड्यूटी लगती है। इसके अलावा इन सभी उपकरणों पर 5 फीसदी मेडिकल सेस अलग से वसूला जाता है।

30 सितंबर तक इन सभी उपकरणों से कस्टम ड्यूटी, सेस हटाने का फैसला लिया गया है। इस फैसले के बाद देश में वेंटिलेटर्स और टेस्टिंग किट की पर्याप्त आपूर्ति बनी रहेगी। साथ ही पर्सनल प्रोटेक्शन इक्विपमेंट (पीपीई) किट और सभी तरह के मास्क की कीमतें भी कम हो जाएंगी।

कोरोना वायरस से निपटने के लिए केंद्र सरकार तमाम कोशिशें कर रही है। महामारी से लड़ने के लिए सरकार ने यह अहम फैसला किया है।

Happy
Happy
0 %
Sad
Sad
0 %
Excited
Excited
0 %
Sleepy
Sleepy
0 %
Angry
Angry
0 %
Surprise
Surprise
0 %

Average Rating

5 Star
0%
4 Star
0%
3 Star
0%
2 Star
0%
1 Star
0%

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Next Post

भारत में पिछले 24 घंटों में 1,000 से अधिक कोरोना के मामले दर्ज किए गए, जबकि मरने वालों की संख्या 200 से अधिक है

पिछले 24 घंटों में उपन्यास कोरोनोवायरस के 1,000 से अधिक सकारात्मक मामलों ने शुक्रवार की रात तक भारत में  6,872 से अधिक का कोरोना पीड़ित हो गए है, जबकि मृत्यु का आंकड़ा 200-अंक तक पहुंचने वाला है।इंडियन काउंसिल फॉर मेडिकल रिसर्च की नवीनतम रिलीज़ के अनुसार, भारत में सकारात्मक कोरोना […]