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‘वोट चोरी’ के खिलाफ विपक्ष ने दिखाई एकजुटता, संसद से निकाला मार्च

दुनिया ने लोकतंत्र की 'हत्या' देखी: विपक्षी सांसदों को हिरासत में लिए जाने पर उद्धव ने कहा

नयी दिल्ली/मुंबई/हैदराबाद/चेन्नई. विपक्षी दलों के सांसदों ने बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और कथित ”वोट चोरी” के खिलाफ सोमवार को संसद भवन परिसर से मार्च निकाला. हालांकि, पुलिस ने उन्हें संसद मार्ग पर ही रोक दिया तथा बाद में हिरासत में ले लिया. विपक्षी दलों ने एकजुटता दिखाने के साथ ही यह भी कहा कि देश साफ-सुथरी मतदाता सूची चाहता है और चुनाव आयोग ‘चुराव आयोग’ नहीं हो सकता.

वहीं, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दल देश में अराजकता पैदा करना चाहते हैं तथा लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी संविधान विरोधी गतिविधियों में लिप्त लोगों के नेता बन गए हैं. लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, राज्यसभा में विपक्ष के नेता एवं कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा और कई विपक्षी सांसदों को हिरासत में ले लिया गया. विरोध प्रदर्शन में राकांपा(शरद पवार) के अध्यक्ष शरद पवार ने भी हिस्सा लिया. हिरासत में लिए गए नेताओं को संसद मार्ग थाने ले जाया गया, हालांकि पुलिस ने बाद में उन्हें छोड़ दिया.

राहुल गांधी ने कहा, ”सच्चाई देश के सामने है. यह लड़ाई राजनीतिक नहीं है, यह संविधान को बचाने की लड़ाई है, ‘एक व्यक्ति एक वोट’ की लड़ाई है. हम एक साफ-सुथरी और सही मतदाता सूची चाहते हैं.” खरगे ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ”भाजपा की कायराना तानाशाही नहीं चलेगी. ये जनता के वोट के अधिकार को बचाने की लड़ाई है. यह लोकतंत्र को बचाने का संघर्ष है. ‘इंडिया’ गठबंधन के साथी संविधान की धज्जियां उड़ाने वाली इस भाजपाई साज.शि को बेनक.ाब करके ही रहेंगे.” संसद के मकर द्वार के सामने मार्च शुरू करने से पहले विपक्षी सांसदों ने राष्ट्रगान गाया.

पुलिस ने निर्वाचन सदन तक किये जाने वाले उनका मार्च रोकने के लिए संसद मार्ग पर ‘पीटीआई बिल्डिंग’ के सामने अवरोधक (बैरिकेड) लगा रखे थे. पुलिस द्वारा रोके जाने पर विपक्षी दलों के सांसद सड़क पर ही बैठ गए और ”वोट चोरी बंद करो”, ”तानाशाही नहीं चलेगी”, ”मोदी सरकार हाय-हाय” जैसे नारे लगाने लगे. सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पुलिस के रोके जाने के बाद बैरिकेड फांदकर दूसरी तरफ चले गए.

उन्होंने कहा, ”हम वोट बचाने के लिए बैरिकेड फांद रहे हैं. जिन लोगों ने वोट काटे हैं, उनके खिलाफ चुनाव आयोग को कार्रवाई करनी चाहिए. 18 हजार वोटों को मतदाता सूची से हटाया था, जिनकी सूची मैंने खुद दी है. आयोग ने हलफनामा मांगा, हमने दे दिया. हर किसी को मतदान करने का अवसर मिलना चाहिए.” उधर, पुलिस अधिकारियों को लाउडस्पीकर पर सांसदों को रोकने के संबंध में घोषणा करते सुना गया.

तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा और सागरिका घोष, कांग्रेस सांसद ज्योतिमणि और संजना जाटव पुलिस द्वारा लगाए गए बैरिकेड पर खड़ी हो गईं और उन्होंने सरकार के खिलाफ नारे लगाए. इन चारों महिला सांसदों ने साड़ी पहन रखी थी. तृणमूल कांग्रेस सांसद मिताली बाघ विरोध-प्रदर्शन के दौरान बेहोश हो गईं. राहुल गांधी और कई अन्य सांसदों ने उनकी मदद की. बाद में, तृणमूल सांसद को अस्पताल में भर्ती कराया गया. आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह भी मार्च में शामिल थे. पार्टी ने हाल में ‘इंडिया’ गठबंधन से अलग होने की घोषणा की थी. सांसदों ने सिर पर सफेद रंग की टोपी पहन रखी थी जिस पर ‘एसआईआर’ और ‘वोट चोरी’ लिखा था तथा उन पर लाल रंग के क्रॉस का निशान भी था. राहुल गांधी नारेबाजी कर रहे सांसदों को पानी की बोतल वितरित करते हुए देखे गए.

करीब आधे घंटे तक नारेबाजी के बाद विपक्षी नेताओं को बसों से संसद मार्ग थाना ले जाया गया और बाद में उन्हें छोड़ दिया गया.
मार्च शुरू होने से पहले दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि किसी ने भी इस प्रदर्शन के लिए अनुमति नहीं मांगी थी.
राहुल गांधी द्वारा मतदाता सूची में कथित धांधली का आरोप लगाए जाने और इस संबंध में कुछ खुलासे करने का दावा किए जाने के बाद विपक्षी दलों का यह पहला विरोध प्रदर्शन है.

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने बेंगलुरु के महादेवपुरा विधानसभा क्षेत्र के आंकड़े सामने रखते हुए सात अगस्त को आरोप लगाया था कि मतदाता सूची में हेरफेर करके ”वोट चोरी” का मॉडल भाजपा को फायदा पहुंचाने के लिए लागू किया गया है. उन्होंने दिल्ली में संवाददाताओं के समक्ष महादेवपुरा विधानसभा क्षेत्र के मतदाता सूची के आंकड़े प्रस्तुत किए थे. गांधी ने आरोप लगाया था कि बेंगलुरु मध्य लोकसभा सीट के महादेवपुरा विधानसभा क्षेत्र में 1,00,250 मतों की चोरी की गई जबकि यह सीट पिछले लोकसभा चुनाव में भाजपा ने 32,707 मतों के अंतर से जीती थी.

दुनिया ने लोकतंत्र की ‘हत्या’ देखी: विपक्षी सांसदों को हिरासत में लिए जाने पर उद्धव ने कहा
शिवसेना (उबाठा) के प्रमुख उद्धव ठाकरे ने सोमवार को निर्वाचन आयोग के खिलाफ मार्च के दौरान विपक्षी सांसदों को दिल्ली में हिरासत में लिए जाने को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत केंद्र सरकार पर निशाना साधा और कहा कि दुनिया ने देखा कि भारत में लोकतंत्र की ‘हत्या’ की जा रही है.

ठाकरे ने मुंबई में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि भाजपा नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार ने ”वोट चोरी” मुद्दे पर निर्वाचन आयोग के खिलाफ प्रदर्शन करने वाले सांसदों को हिरासत में लेकर अपने हाथों से लोकतंत्र को कलंकित किया.
विरोध मार्च को निर्वाचन आयोग के खिलाफ लड़ाई करार देते हुए महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि अब यह स्पष्ट है कि सरकार प्रदर्शन में हस्तक्षेप क्यों कर रही है. उन्होंने कहा, ”आप (सरकार) लोकतंत्र की लड़ाई को कुचल रहे हैं. भारत को सबसे बड़ा लोकतंत्र माना जाता है. पूरी दुनिया ने देखा है कि भारत में लोकतंत्र की दिनदहाड़े हत्या की जा रही है.”

जेल विपक्ष के नेता की आवाज नहीं दबा सकती : राहुल गांधी को हिरासत में लिए जाने पर रेवंत रेड्डी

तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी ने चुनावों में कथित “वोट चोरी” के खिलाफ दिल्ली में विपक्ष के प्रदर्शन के दौरान लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और अन्य कांग्रेस नेताओं को हिरासत में लिए जाने को लेकर केंद्र सरकार पर सोमवार को तीखा प्रहार किया. उन्होंने कहा कि “जेलें” राहुल की आवाज को नहीं दबा सकतीं. रेड्डी ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “जब राहुल गांधी ने लोकतंत्र और हर भारतीय के वोट के पवित्र अधिकार की बहाली के लिए लड़ाई शुरू की… तब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने उन्हें, प्रियंका गांधी और अन्य कांग्रेस नेताओं को हिरासत में लेने का कायराना कृत्य किया. जेलें राहुल गांधी के संकल्प को कुचल नहीं सकतीं या उनकी आवाज को दबा नहीं सकतीं.”

‘वोट चोरी’ का आरोप: स्टालिन ने राहुल गांधी का समर्थन किया
कांग्रेस नेता राहुल गांधी के ‘वोट चोरी’ के आरोप पर उनके साथ एकजुटता व्यक्त करते हुए तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन ने सोमवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर निर्वाचन आयोग को ”चुनावी धांधली मशीनरी” में बदलने का आरोप लगाया और जांच की मांग की.

स्टालिन ने कहा कि द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) इस लड़ाई में कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है. उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, “जब भाजपा दिनदहाड़े भारत के लोकतंत्र को लूट रही है, तब हम चुपचाप नहीं देखेंगे.” द्रमुक प्रमुख स्टालिन ने प्रत्येक राज्य के लिए मशीन द्वारा पठनीय सम्पूर्ण मतदाता सूची तत्काल जारी करने, “राजनीतिक रूप से प्रेरित नाम हटाने पर रोक लगाने, तथा हमारे लोकतंत्र के इस विध्वंस की स्वतंत्र जांच कराने” की मांग की.

उन्होंने आरोप लगाया, “भाजपा ने निर्वाचन आयोग को अपनी चुनावी धांधली मशीनरी बना लिया है. बेंगलुरु के महादेवपुरा में जो हुआ वह कोई प्रशासनिक चूक नहीं थी, बल्कि जनादेश चुराने की एक सोची-समझी साजिश थी. राहुल गांधी द्वारा प्रस्तुत वोट चोरी के सबूतों ने धोखाधड़ी के पैमाने को उजागर कर दिया.”

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