छत्तीसगढ़ में गत दो महीने के दौरान 54 नक्सली घटनाएं, आठ जवान हुए बलिदान : उप मुख्यमंत्री शर्मा
छत्तीसगढ़ की 33 में से 24 जेलों में क्षमता से अधिक कैदी: उपमुख्यमंत्री शर्मा
रायपुर. छत्तीसगढ़ में पिछले दो महीनों के दौरान 54 नक्सली घटनाओं में सुरक्षाबलों के कुल आठ जवान बलिदान हुए हैं तथा 53 जवान घायल हुए हैं. विधानसभा में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी. उन्होंने बताया कि इस दौरान आठ नक्सली भी मारे गए हैं.
राज्य के गृह विभाग भी संभाल रहे शर्मा ने नेता प्रतिपक्ष डॉक्टर चरण दास महंत के सवाल के लिखित जवाब में बताया कि एक दिसंबर 2023 से 31 जनवरी 2024 तक राज्य में 54 नक्सली घटनाएं और नक्सलियों के साथ मुठभेड़ की घटनाएं हुई हैं. इन घटनाओं में पुलिस और केंद्रीय सुरक्षाबल के सात जवान तथा एक ‘गोपनीय सैनिक’ बलिदान हुआ है. इस दौरान 53 जवान घायल हुए तथा आठ नक्सली भी मारे गए हैं.
शर्मा ने बताया कि इस दौरान हुए नक्सली घटनाओं में सुकमा जिले में चार जवान बलिदान हुए हैं तथा 25 जवान घायल हुए हैं. वहीं बीजापुर जिले में दो जवान बलिदान हुए हैं तथा 21 जवान घायल हुए हैं. जिले में मुठभेड़ में चार नक्सली भी मारे गए हैं. उन्होंने बताया कि इसी तरह दंतेवाड़ा जिले में छह जवान घायल हुए हैं तथा जवानों ने मुठभेड़ में चार नक्सलियों को मार गिराया है. राज्य के नक्सल प्रभावित नारायणपुर जिले में मुठभेड़ में एक जवान की मृत्यु हुई तथा एक अन्य घायल हुआ है. वहीं कांकेर जिले में एक जवान की मृत्यु हुई है.
उन्होंने बताया कि 30 जनवरी को सुकमा और बीजापुर जिलों की सीमा पर नक्सलियों के साथ हुई मुठभेड़ में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की कोबरा बटालियन के दो कमांडो समेत तीन जवानों की मृत्यु हो गई थी तथा 17 अन्य घायल हुए थे.
छत्तीसगढ़ की 33 में से 24 जेलों में क्षमता से अधिक कैदी: उपमुख्यमंत्री शर्मा
छत्तीसगढ़ की जेलों की मौजूदा क्षमता 14,383 की तुलना में 18 हजार से अधिक कैदी बंद हैं. राज्य के उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने बृहस्पतिवार को विधानसभा में यह जानकारी दी. राज्य के गृह विभाग भी संभाल रहे शर्मा ने भाजपा विधायक संपत अग्रवाल के सवाल के लिखित जवाब में बताया, ”इस वर्ष 31 जनवरी तक राज्य के केंद्रीय, जिला और उप जेलों में 14,383 की क्षमता के मुकाबले 18,442 कैदी बंद थे.” उन्होंने बताया कि राज्य में पांच केंद्रीय जेल, 20 जिला जेल और आठ उप जेल हैं. इन 33 जेलों में से, सभी पांच केंद्रीय जेलों, 14 जिला जेलों और पांच उप जेलों सहित 24 जेलों में क्षमता से अधिक कैदी हैं. अन्य नौ जेलों में क्षमता से कम कैदी हैं.
शर्मा ने बताया, ”रायपुर की केंद्रीय जेल में 1,586 की क्षमता के मुकाबले 3,076 कैदी हैं, जबकि दुर्ग की केंद्रीय जेल में 2006 की क्षमता के मुकाबले 2031 कैदी हैं.” उन्होंने बताया, ”बिलासपुर की केंद्रीय जेल में 2,870 कैदी हैं, हालांकि इसमें केवल 2,290 को रखने की सुविधा है. जगदलपुर (बस्तर) के केंद्रीय जेल में 1,462 कैदी और अंबिकापुर (सरगुजा) के जेल में 2,013 कैदी हैं. जबकि क्षमता क्रमश: 1451 और 1320 है.” अपने जवाब में गृह मंत्री ने बताया कि नौ जेलों में बैरक के निर्माण के लिए 1195 लाख रुपये मंजूर किए गए थे. इनमें अंबिकापुर और जगदलपुर स्थित केंद्रीय जेल, राजनांदगांव, कबीरधाम, सूरजपुर, जशपुर, गरियाबंद स्थित जिला जेल और मनेंद्रगढ़ तथा नारायणपुर में स्थित उप जेल शामिल हैं.
