कबीरधाम: ‘गौ सेवक’ हत्या मामले में आरोपियों के खिलाफ यूएपीए के तहत कार्रवाई
कवर्धा. छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले में एक गौ सेवक की हत्या के आरोपियों के खिलाफ पुलिस ने गैर कानूनी गतिविधि निवारण अधिनियम (यूएपीए) के तहत कार्रवाई की है. पुलिस के मुताबिक दो आरोपियों ने कथित तौर पर संदिग्ध आतंकवादी संगठनों के लोगों से मुलाकात की थी तथा अयोध्या में राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा से पहले शहर में आतंक फैलाने के लिए आईएसआईएस की शैली में गला रेतकर एक गौ सेवक की हत्या की थी.
जिला मुख्यालय कवर्धा के बाहरी इलाके में 20 जनवरी को साधराम यादव (48) की छह लोगों ने कथित तौर पर उस समय हत्या कर दी थी, जब वह साइकिल से अपने गांव लालपुर जा रहा था. बाद में पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था. कबीरधाम जिले के पुलिस अधीक्षक अभिषेक पल्लव ने बताया कि इस मामले के दो आरोपियों अयाज खान और इदरीस खान की संदिग्ध गतिविधियों के बारे में जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने रविवार को गैर कानूनी गतिविधि निवारण अधिनियम की धाराएं लगायीं.
पल्लव ने बताया, ”मामले की जांच से पता चला कि छह आरोपियों (सभी मुसलमानों) ने अयोध्या में राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह से पहले कवर्धा शहर में आतंक फैलाने के लिए आईएसआईएस शैली में गला काटकर यादव की हत्या कर दी थी.” पुलिस के मुताबिक आरोपियों की ‘कॉल डिटेल’, सोशल मीडिया पोस्ट और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड की जांच के बाद मामले में यूएपीए की धारा 16 जोड़ी गई.
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि यह अधिनियम आतंकवादी कृत्यों के सिलसिले में लगाया जाता है.
पल्लव ने बताया कि जांच के दौरान जानकारी मिली कि अयाज और इदरीस ने पिछले साल दिसंबर में कश्मीर और कुछ राज्यों का दौरा किया था तथा कथित तौर पर कुछ संदिग्ध लोगों से मुलाकात की थी जिनका संबंध कुछ आतंकवादी संगठनों से था. हत्या की घटना के बाद अधिकारियों ने पिछले महीने कवर्धा शहर में अयाज खान के घर का एक हिस्सा भी गिरा दिया था. इस घटना में मारे गए गौ सेवक की पत्नी ने पिछले सप्ताह सरकार द्वारा वित्तीय सहायता के रूप में दिए गए पांच लाख रुपए को वापस कर दिया और अपने पति की हत्या के आरोपियों को मौत की सजा देने की मांग की.