एसआईटी प्रमुख ने करूर में टीवीके की रैली में हुई भगदड़ की जांच की
करूर. भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के वरिष्ठ अधिकारी असरा गर्ग के नेतृत्व वाले विशेष जांच दल (एसआईटी) ने तमिलनाडु के करूर में 27 सितंबर को तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) प्रमुख विजय की रैली में मची भगदड़ की रविवार को जांच की. भगदड़ में 41 लोगों की मौत हो गई थी और 60 घायल हो गए थे. मद्रास उच्च न्यायालय के आदेश पर घटना की जांच के लिए तीन अक्टूबर को एसआईटी का गठन किया गया था.
गर्ग ने बताया कि एसआईटी में दो पुलिस अधीक्षक (एसपी) सहित 11 पुलिस अधिकारी शामिल हैं. इससे पहले, दिन में उन्होंने वेलुसामीपुरम में उस जगह का दौरा किया, जहां भगदड़ मची थी. गर्ग ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा, ”माननीय उच्च न्यायालय ने एसआईटी का गठन किया है. जैसा कि आप सभी देख रहे हैं, हम आज घटनास्थल पर जाकर जांच कर रहे हैं.” एक सवाल के जवाब में गर्ग ने कहा कि उनके अलावा दो पुलिस अधीक्षक, एक अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, दो पुलिस उपाधीक्षक और पांच निरीक्षक एसआईटी का हिस्सा हैं. उन्होंने कहा, ”मैं आज कोई और विवरण साझा नहीं कर सकता.”
टीवीके प्रमुख विजय के प्रचार वाहन के चालक के खिलाफ 27 सितंबर की दुर्घटनाओं के संबंध में मामला दर्ज
अभिनेता-राजनेता विजय के प्रचार वाहन के चालक के खिलाफ 27 सितंबर को करूर रैली के दौरान हुई दुर्घटना के संबंध में मामला दर्ज किया गया है जहां भगदड़ में 41 लोगों की मौत हो गई थी. पुलिस ने यह जानकारी दी. पुलिस ने बताया कि तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) प्रमुख विजय के प्रचार वाहन को भी प्राथमिकी में शामिल किया गया है.
यह मामला उस घटना से जुड़ा है, जिसमें विजय के कुछ प्रशंसक प्रचार वाली बस के करीब मोटरसाइकिल चला रहे थे ताकि वे अभिनेता की एक झलक पा सकें और इसी दौरान कथित तौर पर दुर्घटना हुई. इस हादसे का एक वीडियो कई टीवी चैनलों पर दिखाया गया था और सोशल मीडिया पर भी व्यापक रूप से साझा किया गया था. उच्च न्यायालय ने इस बात पर भी सवाल उठाया कि करूर जाते समय हुई दुर्घटना में कथित संलिप्तता के लिए बस के चालक के खिलाफ कोई कार्रवाई क्यों नहीं की गई, जहां रैली में भगदड़ मचने से 41 लोगों की मौत हो गई थी और लगभग 60 लोग घायल हो गए थे.
न्यायालय ने अपने आदेश में कहा, “यह भी न्यायालय के संज्ञान में लाया गया कि याचिकाकर्ता के वरिष्ठ अधिवक्ता द्वारा प्रस्तुत वीडियो जिसे मीडिया में व्यापक रूप से प्रसारित किया गया, में स्पष्ट रूप से नजर आ रहा है कि विजय को ले जाने वाली बस दुर्घटना में शामिल थी.” न्यायालय ने कहा, “वीडियो में यह स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है कि दो मोटरसाइकिलें दुर्घटना में शामिल थीं और बस चालक घटना के बाद मौके से फरार हो गया.” न्यायालय ने कहा कि इसी तरह, बस के पिछले हिस्से से जुड़ी एक और दुर्घटना भी एक वीडियो क्लिप के माध्यम से सामने आई. इस घटना को बस में बैठे एक व्यक्ति ने देखा था.
न्यायालय ने कहा कि दोनों ही मामलों में पुलिस द्वारा ‘हिट एंड रन’ अपराधों के लिए कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई थी. न्यायालय ने कहा, “यह न्यायालय अधिकारियों की नि्क्रिरयता पर नाराजगी और चिंता व्यक्त करता है. भले ही पीड़ित पक्षों की ओर से कोई औपचारिक शिकायत न की गई हो लेकिन राज्य का यह कर्तव्य है कि वह स्वत? संज्ञान लेकर प्राथमिकी दर्ज करे और सुनिश्चित करे कि आरोपी पर कानून के अनुसार मुकदमा चलाया जाए.” करूर पुलिस अधीक्षक कार्यालय और वेलायुथमपलयम थाने के कई सूत्रों ने रविवार को ‘पीटीआई-भाषा’ को पुष्टि की कि वीडियो में दिखाई दे रहे इन दुर्घटनाओं के मामलों में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है, जिनमें उस बस से टक्कर की दृश्य दिखाई दे रहे है जिसमें विजय यात्रा कर रहे थें.

