छत्तीसगढ़मुख्य समाचार

ध्रुवीकरण के अलावा भाजपा के पास कोई मुद्दा नहीं : रमेश

इंडिगो की दिल्ली-मिजोरम उड़ान की उद्घोषणा में चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन किया गया: रमेश

रायपुर/नयी दिल्ली/जम्मू. कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने भारतीय जनता पार्टी पर ध्रुवीकरण की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए बुधवार को कहा कि छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में उनके (भाजपा के) पास इसके अलावा कोई मुद्दा नहीं है, लेकिन राज्य के लोग ऐसी विभाजनकारी विचारधारा को कतई स्वीकार नहीं करेंगे.

पार्टी के प्रदेश कार्यालय राजीव भवन में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की नीतियां छत्तीसगढ़ के लोगों के हित में नहीं हैं. उन्होंने कहा, ”छत्तीसगढ़ में भाजपा मुद्दाविहीन हो गई है. उसके पास राज्य में ध्रुवीकरण के अलावा कोई मुद्दा नहीं है. राज्य में केंद्रीय गृहमंत्री और असम के मुख्यमंत्री के भाषणों में केवल ध्रुवीकरण का मुद्दा उठा.” रमेश ने कहा, ”कांग्रेस पार्टी ने भारत निर्वाचन आयोग को एक ज्ञापन सौंपकर छत्तीसगढ़ में रैलियों के दौरान दिए गए बयानों के लिए केंद्रीय गृहमंत्री (अमित शाह) और असम के मुख्यमंत्री (हिमंत विश्व शर्मा) के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है और निर्वाचन आयोग ने उन्हें नोटिस जारी किये हैं.”

उन्होंने कहा, ”प्रधानमंत्री, गृहमंत्री, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री.. सभी ध्रुवीकरण के मुद्दे को बढ़ावा देने के लिए समान मानसिकता के साथ चुनाव प्रचार में उतर रहे हैं. कांग्रेस पार्टी इससे डरेगी नहीं और इसके खिलाफ लड़ेगी. भाजपा और आरएसएस (राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ) विभाजनकारी राजनीति में विश्वास करते हैं तथा सांप्रदायिक सद्भाव को बिगाड़ने और वोट हासिल करने के लिए लोगों को धर्म, जाति और भाषा के आधार पर विभाजित करने की कोशिश करते हैं. वे उत्तर प्रदेश, राजस्थान और मध्य प्रदेश में भी यही काम कर रहे हैं.” पूर्व केंद्रीय मंत्री रमेश ने दावा किया कि मणिपुर में जो कुछ भी हुआ वह उसी विभाजनकारी राजनीति का नतीजा है.

छत्तीसगढ़ चुनाव में कांग्रेस की जीत पर भरोसा जताते हुए उन्होंने कहा, ”लोग विभाजनकारी और ध्रुवीकरण की विचारधारा को स्वीकार नहीं करेंगे.” रमेश ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह पर राज्य के लोगों को गुमराह करने का आरोप लगाते हुए कहा कि दोनों नेताओं ने नगरनार इस्पात संयंत्र का निजीकरण न किये जाने की बात कही है, लेकिन उसे बेचने का प्रयास किया जा रहा है.

उन्होंने कहा, ”केंद्र नगरनार इस्पात संयंत्र (बस्तर में एनएमडीसी की इकाई, जिसका हाल में प्रधानमंत्री ने उद्घाटन किया था) को बेचने में लगा हुआ है, लेकिन अब प्रधानमंत्री और गृहमंत्री ने कहा है कि इसका निजीकरण नहीं किया जाएगा. अगर उन्हें मौका मिला तो वे (छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिला स्थित) भिलाई इस्पात संयंत्र का भी निजीकरण कर देंगे. सार्वजनिक संपत्ति का निजीकरण किया जा रहा है और किसके पक्ष में किया जा रहा है, मैं इसमें नहीं पड़ना चाहता. अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली सरकार के दौरान कोरबा (छत्तीसगढ़) स्थित बालको संयंत्र का निजीकरण किया गया था. केंद्र की निजीकरण की नीति छत्तीसगढ़ के लोगों के हित में नहीं है.”

रमेश ने कहा, ”प्रधानमंत्री गलती से भी सच नहीं बोल सकते हैं.” उन्होंने कहा, ”रेलगाड़ियों के अनियमित परिचालन का खामियाजा छत्तीसगढ़ की जनता भुगत रही है. सबसे ज्यादा ट्रेन के रद्द होने और रेलगाड़ियों के परिचालन में देरी की घटनाएं छत्तीसगढ़ में होती हैं.” उन्होंने आरोप लगाया कि निजी कंपनियों को फायदा पहुंचाने के लिए कोयला ढुलाई करने वाली मालगाड़ियों को प्राथमिकता दिए जाने के कारण ऐसा हो रहा है.

कांग्रेस नेता ने कहा कि उनकी पार्टी ने अब तक छत्तीसगढ़ में लोगों को 17 चुनावी गारंटी दी है, जिनमें से एक प्रति एकड़ 20 क्विंटल धान की खरीद बुधवार से ही लागू की जा रही है. छत्तीसगढ़ में धान की खरीद एक नवंबर से शुरू हो रही है. राज्य की 90 विधानसभा सीट के लिए सात और 17 नवंबर को दो चरणों में मतदान प्रस्तावित है.

इंडिगो की दिल्ली-मिजोरम उड़ान की उद्घोषणा में चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन किया गया: रमेश

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने बुधवार को दावा किया कि दिल्ली और मिजोरम के बीच संचालित निजी विमानन सेवा कंपनी ‘इंडिगो’ की फ्लाइट में पिछले दिनों चालक दल की उद्घोषणा के दौरान ‘नियमित चीजों’ को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का जिक्र किया गया और निर्वाचन आयोग का उल्लेख किए बिना मतदान की अपील की गई, जो चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन है. मिजोरम विधानसभा की 40 सीट के लिए सात नवंबर को मतदान होना है. फिलहाल रमेश के दावे पर ‘इंडिगो’ की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है.

हाल ही में मिजोरम का दौरा करने वाले रमेश ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ”पिछले हफ्ते मैंने आइजोल और फिर वहां से वापस दिल्ली के लिए इंडिगो की फ्लाइट ली. दोनों ही तरफ से चालक दल के सदस्यों द्वारा घोषणा की गई, जिसमें कुछ नियमित और बेहद मामूली चीजों को लेकर प्रधानमंत्री ‘श्री नरेंद्र मोदी जी’ के नेतृत्व का जिक्र किया जा रहा था.”

उन्होंने दावा किया, ”इनमें से एक उद्घोषणा के तुरंत बाद वोट अपील की जा रही थी. इसमें यात्रियों से आगामी विधानसभा चुनावों में वोट देने के लिए कहा जा रहा था. यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि इस घोषणा में चुनाव आयोग का कोई उल्लेख नहीं था.” रमेश ने आरोप लगाया कि यह आदर्श आचार संहिता का स्पष्ट रूप से उल्लंघन है.

जम्मू कश्मीर आतंकी हमला: कांग्रेस ने बेगुनाहों की सुरक्षा में ‘विफलता’ को लेकर केंद्र पर साधा निशाना

कांग्रेस की जम्मू कश्मीर इकाई के प्रमुख विकार रसूल वानी ने घाटी में श्रृंखलाबद्ध लक्षित आतंकवादी हमलों को लेकर बुधवार को केंद्र की आलोचना की और सरकार से निर्दोषों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में “विफलता” पर स्पष्टीकरण की मांग की. कश्मीर में पिछले तीन दिनों के दौरान तीन अलग-अलग आतंकी हमलों में पुलिस के एक हेड कांस्टेबल और एक गैर-स्थानीय मजदूर की मौत हो गई तथा एक पुलिस निरीक्षक घायल हो गया.

आतंकी हमलों की निंदा करते हुए वानी ने कहा कि जम्मू कश्मीर की सुरक्षा सीधे गृह मंत्रालय के नियंत्रण में है, इसलिए केंद्र को यहां निर्दोषों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में अपनी ‘विफलता’ के लिए स्पष्टीकरण देना चाहिए. उन्होंने कहा, “सरकार को निर्दोषों की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए और आतंकवाद पर रोक लगानी चाहिए.” कांग्रेस नेता ने केंद्र और जम्मू कश्मीर प्रशासन से केंद्र शासित प्रदेश में “पूरी तरह से सामान्य स्थिति के बड़े-बड़े दावे करने के बजाय आतंकवाद की बढ.ती गतिविधियां रोकने” पर ध्यान केंद्रित करने को कहा.

कांग्रेस ने मणिपुर संबंधी बयान को लेकर रक्षा मंत्री पर निशाना साधा

कांग्रेस ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह द्वारा मणिपुर के राजनीतिक दलों पर हिंसा को लेकर राजनीति करने का आरोप लगाए जाने के बाद बुधवार को उन पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि वह ”अपनी नौकरी बचाने की कोशिश कर रहे हैं.” कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने यह सवाल भी किया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हिंसा प्रभावित राज्य का दौरा क्यों नहीं किया और शांति बहाल करने में विफल रहने के बावजूद मणिपुर के मुख्यमंत्री बीरेन सिंह अपने पद पर क्यों बने हुए हैं?

उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ”हम सभी जानते हैं कि ऐसी बातें कहने की रक्षा मंत्री की मजबूरी है ताकि वह अपनी नौकरी बचा सकें. दो सबसे प्रासंगिक प्रश्न हैं कि प्रधानमंत्री मणिपुर क्यों नहीं गए और मणिपुर के मुख्यमंत्री अब भी पद पर क्यों हैं?” राजनाथ सिंह ने बुधवार को मणिपुर में मेइती और कुकी समुदायों से अपील की कि वे परस्पर बने ‘अविश्वास’ के माहौल को खत्म करने के लिए साथ बैठें और ‘दिल’ से बात करें.

एप्पल मामले पर चिदंबरम ने कहा: शक की सुई सरकारी एजेंसी की तरफ

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने कई विपक्षी नेताओं द्वारा उनके आईफोन में ‘सरकार प्रायोजित सेंधमारी के प्रयास’ का दावा किए जाने का हवाला देते हुए बुधवार को कहा कि पेगासस के रहस्य के बाद अब शक की सुई सरकार की एजेंसी की तरफ जा रही है.
चिदंबरम ने यह भी कहा कि फिलहाल यह सिर्फ संदेह है.

पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ”इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि सैकड़ों विपक्षी नेताओं को एप्पल से उनके फोन को खतरे में डालने के सरकार प्रायोजित प्रयास के बारे में अलर्ट मिला. केवल विपक्षी नेता ही क्यों? विपक्षी नेताओं के फोन के साथ छेड़छाड़ करने में किसकी दिलचस्पी होगी.” कांग्रेस नेता ने कहा, “पेगासस के रहस्य (आज तक नहीं सुलझा) के बाद, शक की सुई एक सरकारी एजेंसी की ओर उठ रही है. फिलहाल यह केवल एक संदेह है.”

admin

Vedant Bhoomi is a trusted name in the real estate industry, dedicated to crafting sustainable, elegant, and high-quality living spaces. With a deep understanding of design, nature, and community living, we aim to create projects that inspire a harmonious and fulfilling lifestyle.

Related Articles

Back to top button