भाजपा ने कर्नाटक सरकार पर RSS की गतिविधियों पर अंकुश लगाकर ध्यान भटकाने का आरोप लगाया
बेंगलुरु. भाजपा ने रविवार को कर्नाटक की कांग्रेस सरकार पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की गतिविधियों जैसे पथ संचलन पर प्रतिबंध लगाकर अपनी कथित विफलताओं से ”जनता का ध्यान भटकाने” का आरोप लगाया. पार्टी ने कलबुर्गी जिले के चित्तपुर में आरएसएस के पथ संचलन पर उच्च न्यायालय के निर्देश का स्वागत किया, जहां अधिकारियों ने रविवार को अनुमति देने से इनकार कर दिया था.
हालांकि, मंत्री प्रियंक खरगे ने आरोप लगाया कि भाजपा नेता अदालत के निर्देशों की गलत व्याख्या कर रहे हैं और गलत सूचना फैला रहे हैं. कर्नाटक उच्च न्यायालय ने रविवार को आरएसएस के प्रतिनिधियों से चित्तपुर में दो नवंबर को पथ संचलन आयोजित करने की अनुमति के लिए एक नया आवेदन दायर करने को कहा. न्यायालय ने अधिकारियों से आवेदन पर विचार करने और 24 अक्टूबर को अदालत को रिपोर्ट सौंपने को भी कहा.
कर्नाटक सरकार पर निशाना साधते हुए, वरिष्ठ भाजपा नेता और केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि मुख्यमंत्री सिद्धरमैया और उनके कैबिनेट सहयोगियों को विनम्रता सीखने की जरूरत है. एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, ”मैं उच्च न्यायालय के फैसले का स्वागत करता हूं तथा हम सभी संविधान और न्यायपालिका में विश्वास करते हैं. यह हमारा अधिकार है और उसने (उच्च न्यायालय ने) इसे दिया है, मैं इसका स्वागत करता हूं.” कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष के नेता आर. अशोक ने कांग्रेस सरकार पर अपनी ”विफलताओं” से ध्यान भटकाने के लिए आरएसएस को लेकर विवाद पैदा करने का आरोप लगाया.
अशोक ने कहा, ”मैं बस यही सलाह देना चाहूंगा कि अहंकार का ये प्रदर्शन जनहित में नहीं है और यही अहंकार उद्योग जगत के लोगों के प्रति भी दिखाया जा रहा है, जिसके कारण कई उद्योग कर्नाटक और सिलिकॉन सिटी जैसे बेंगलुरु में निवेश करने के बजाय वहां से जा रहे हैं. इन सभी मुद्दों को छिपाने के लिए यह (आरएसएस का मुद्दा) खड़ा किया जा रहा है.” भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार पाकिस्तान की प्रशंसा करने वालों का समर्थन करती है और ‘भारत माता की जय’ कहने वालों का विरोध करती है.