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ईडी की छापेमारी प्रधानमंत्री की डिग्री को लेकर उठे सवालों से ध्यान भटकाने की रणनीति: आप

नयी दिल्ली. आम आदमी पार्टी (आप) ने सौरभ भारद्वाज के परिसर पर मंगलवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की छापेमारी को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की डिग्री को लेकर उठ रहे सवालों से ”ध्यान भटकाने की रणनीति” बताया और दावा किया कि पार्टी की दिल्ली इकाई के प्रमुख के खिलाफ मामला पूरी तरह झूठा है. आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा कि उनकी पार्टी मोदी सरकार द्वारा केंद्रीय जांच एजेंसियों के इस ”दुरुपयोग” से भयभीत नहीं होगी.

आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि ईडी स्वास्थ्य अवसंरचना परियोजनाओं में कथित घोटाले से संबंधित धन शोधन की जांच के तहत दिल्ली के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री सौरभ भारद्वाज (45) और अन्य से जुड़े कई परिसरों पर छापेमारी कर रही है. उन्होंने बताया कि धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के प्रावधानों के तहत राष्ट्रीय राजधानी में कम से कम 13 स्थानों पर छापेमारी की जा रही है.
‘आप’ के नेताओं ने दावा किया कि जब अस्पताल निर्माण का निर्णय लिया गया था तब भारद्वाज मंत्री भी नहीं थे. पूर्व मुख्यमंत्री केजरीवाल ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि जिस तरह से ”आप” को निशाना बनाया जा रहा है, ऐसा इतिहास में किसी पार्टी के साथ नहीं किया गया.

उन्होंने कहा, ”आप को इसलिए निशाना बनाया जा रहा है क्योंकि मोदी सरकार की गलत नीतियों और भ्रष्ट कामों के खिलाफ सबसे मुखर आवाज ”आप” की है. मोदी सरकार हमारी आवाज दबाना चाहती है. यह कभी नहीं होगा.” उन्होंने कहा, ”आप भारतीय जनता पार्टी के इन छापों से डरने वाली नहीं. हम हमेशा की तरह देश हित में गलत नीतियों और भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाते रहेंगे.” पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस छापेमारी को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की शैक्षणिक योग्यता पर पूरे देश में हो रही बहस से जोड़ दिया.

उन्होंने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ”सौरभ भारद्वाज के परिसर पर ईडी द्वारा मंगलवार को छापेमारी इसलिए की गई क्योंकि सोमवार से ही पूरे देश में इस बात पर बहस हो रही है कि क्या मोदी जी की डिग्री फर्जी है. यह छापेमारी ध्यान भटकाने के लिए की गई थी.” मान ने कहा, ”याद कीजिए सत्येंद्र जैन को तीन साल जेल में रखा गया था और बाद में सीबीआई और ईडी ने अदालत में मामला बंद करने के लिए रिपोर्ट दाखिल कर दी थी. इससे साबित होता है कि आप नेताओं के खिलाफ सभी मामले मनगढ़ंत और झूठे हैं.” पार्टी के वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया ने दावा किया कि भारद्वाज के खिलाफ मामला झूठा है.

आप द्वारा जारी बयान में उन्होंने कहा, ”यह छापेमारी केवल ध्यान भटकाने की कोशिश है. मामला उस समय का है जब भारद्वाज किसी मंत्री पद पर भी नहीं थे. यह मामला झूठा और बेबुनियाद है.” भारद्वाज (45) के खिलाफ ईडी की जांच जून में दिल्ली की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (एसीबी) द्वारा दर्ज की गई एक प्राथमिकी से सामने आई है. एसीबी ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली आप सरकार द्वारा स्वास्थ्य अवसंरचना परियोजनाओं में भ्रष्टाचार के आरोप में भारद्वाज, उनकी पार्टी के सहयोगी और पूर्व स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन, निजी ठेकेदारों और अज्ञात सरकारी अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया था.

दिल्ली विधानसभा में विपक्ष की नेता आतिशी ने कहा कि आप नेताओं के खिलाफ सभी मामले ”राजनीति से प्रेरित” हैं. आतिशी ने एक संवाददाता सम्मेलन में सवाल उठाया कि दिल्ली विश्वविद्यालय प्रधानमंत्री के शैक्षणिक रिकॉर्ड को सार्वजनिक रूप से प्रर्दिशत करने से क्यों कतरा रहा है. उन्होंने कहा, ”ये कैसा विश्वविद्यालय है जिसे इस बात पर गर्व नहीं कि देश के प्रधानमंत्री ने यहीं से पढ़ाई की है? खुद भाजपा कहती है कि प्रधानमंत्री मोदी दुनिया के सबसे सफल नेता हैं, फिर भी उन्हीं का विश्वविद्यालय उन्हें अपना बताने पर गर्व नहीं करता.” आतिशी ने कहा, ”मेरा मानना ??है कि दुनिया में ऐसा कोई विश्वविद्यालय नहीं होगा जो यह कहने में गर्व महसूस न करे कि उसका पूर्व छात्र देश का प्रधानमंत्री है.” उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को पदभार ग्रहण करने पर दिल्ली विश्वविद्यालय द्वारा सम्मानित किया गया था.

आतिशी ने कहा, ”जब मैं मुख्यमंत्री बनी तो सेंट स्टीफंस कॉलेज, जहां मैंने पढ़ाई की थी, उन्होंने मुझे आमंत्रित किया और मेरा अभिनंदन किया. मेरे पूर्व विश्वविद्यालय ‘ऑक्सफोर्ड यूनिर्विसटी’ ने एक समाचार पत्र प्रकाशित किया कि उनकी एक पूर्व छात्र दिल्ली की मुख्यमंत्री बन गई हैं. ” उन्होंने आरोप लगाया, ”लेकिन दिल्ली विश्वविद्यालय ये छुपाना चाहता है कि प्रधानमंत्री मोदी उनके छात्र थे. पूरा देश इस पर चर्चा कर रहा है और ध्यान भटकाने के लिए सौरभ भारद्वाज के घर पर फर्जी ईडी छापेमारी का आदेश दिया गया.” आतिशी ने कहा कि ईडी द्वारा उद्धृत मामले में कोई दम नहीं है.

उन्होंने कहा, ”ये छापेमारी पूरी तरह से फर्जी है क्योंकि जिस समय अस्पताल निर्माण के फ.ैसले लिए गए थे तब सौरभ भारद्वाज मंत्री भी नहीं थे. वह दो साल बाद मंत्री बने हैं.” आतिशी ने कहा, ”यह कोलगेट घोटाले या 2जी घोटाले को लेकर प्रधानमंत्री मोदी के घर पर छापा मारने जैसा है. या कॉमनवेल्थ गेम्स या सीएनजी फिटनेस जैसे घोटालों के लिए रेखा गुप्ता पर छापा मारना, जो कांग्रेस के ज.माने से पहले के हैं.” आप के राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने भी इसी तरह के बयान दिए.

उन्होंने कहा, ”आज छापे क्यों मारे जा रहे हैं? पूरा देश मोदी जी की डिग्री के बारे में पूछ रहा है और ध्यान भटकाने के लिए भारद्वाज को निशाना बनाया जा रहा है. आप नेताओं को झुकाने की कोशिश की गई है. यह मामला झूठा और निराधार है.” दिल्ली उच्च न्यायालय ने सोमवार को केंद्रीय सूचना आयोग के उस आदेश को रद्द कर दिया जिसमें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की स्नातक की डिग्री से संबंधित विवरण सार्वजनिक करने का निर्देश दिया गया था. न्यायालय ने कहा कि सिर्फ इसलिए कि वह एक सार्वजनिक पद पर हैं, इसका मतलब यह नहीं है कि उनकी सभी ”निजी जानकारी” सार्वजनिक कर दी जाए.

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