‘हिट-एंड-रन’ मामलों पर नए कानून को लेकर बस और ट्रक चालकों ने किया प्रदर्शन
रायपुर. छत्तीसगढ. के कई हिस्सों में यात्री बसों के चालकों ने ‘हिट-एंड-रन’ मामलों से संबंधित नए कानून को वापस लेने की मांग को लेकर काम बंद किया जिससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा. सोमवार को हुए विरोध प्रदर्शन में ट्रक चालक भी शामिल थे जिससे सामान ढुलाई प्रभावित हुई. ट्रक चालकों की हड़ताल के कारण पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति प्रभावित होने के भय से शहरों में पेट्रोल पंप के सामने लोगों की लंबी-लंबी कतारें लग गईं.
राज्यभर में संचालित 12 हजार से अधिक निजी बसों के चालक सोमवार को काम पर नहीं थे. बस चालकों की हड़ताल के कारण राज्य के रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, राजनांदगांव सहित प्रमुख शहरों के बस स्टेशनों पर यात्री फंस गए. उन्हें अपने गंतव्य तक जाने के लिए वैकल्पिक साधनों की व्यवस्था करनी पड़ी. राजधानी रायपुर के अंतरराज्यीय बस स्टैंड भाठागांव में यात्रियों ने लंबी दूरी की यात्रा करने के लिए भी टैक्सी और ऑटो रिक्शा का सहारा लिया.
छत्तीसगढ. वाहन चालक संघ के संयोजक जितेंद्र शुक्ला ने बताया कि यात्री बस, ट्रक और स्कूल बसों के संचालन में जुड़े लगभग एक लाख वाहन चालकों ने ‘स्टीयरिंग छोड़ो आंदोलन’ में हिस्सा लिया और सोमवार को विरोध-प्रदर्शन किया. उन्होंने बताया कि ‘हिट एंड रन’ मामलों को लेकर नए कानून के खिलाफ मंगलवार से विभिन्न जिलों में चक्का जाम किया जाएगा.
भारतीय न्याय संहिता, जो भारतीय दंड संहिता की जगह लेगी, में प्रावधान है कि ऐसे वाहन चालकों के लिए 10 साल तक की सजा का प्रावधान है जिनके लापरवाही से गाड़ी चलाने के कारण गंभीर सड़क दुर्घटनाएं होती हैं, लेकिन वे पुलिस या प्रशासन को सूचित किए बिना ही वहां से भाग जाते हैं. शुक्ला ने कहा कि नए कानून के अनुसार ‘हिट-एंड-रन’ मामलों में 10 साल की जेल की सजा और सात लाख रुपये का जुर्माना हो सकता है, जो बहुत कठोर है. उन्होंने कहा कि जब तक यह कानून वापस नहीं लिया जाएगा तब तक विरोध जारी रहेगा.

