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छत्तीसगढ़ में कांग्रेस ‘परिवार की तरह’ एकजुट, मुख्यमंत्री पद के लिए बघेल सबसे आगे: सिंहदेव

नयी दिल्ली. छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री टी. एस. सिंहदेव ने रविवार को कहा कि कांग्रेस की राज्य इकाई ”एक परिवार की तरह” एकजुट है और यदि पार्टी विधानसभा चुनाव जीतती है तो मुख्यमंत्री भूपेश बघेल शीर्ष पद के लिए ”सबसे आगे” होंगे और आलाकमान की ओर से लिया गया कोई भी निर्णय सभी को स्वीकार्य होगा.

सिंहदेव अंबिकापुर निर्वाचन क्षेत्र से फिर से चुनाव मैदान में हैं. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पद के ढाई-ढाई साल के कार्यकाल की खबरों के बीच बघेल और उन्होंने अपने-अपने समर्थकों की ओर ”जबरदस्त दबाव” का दौर देखा था, लेकिन उन्होंने कभी भी इसका शासन-प्रशासन पर किसी भी तरह से प्रभाव नहीं पड़ने दिया.

सिंहदेव ने ‘पीटीआई-भाषा’ के साथ साक्षात्कार में कहा कि यदि कांग्रेस को केवल पांच साल में किये गये कई कल्याणकारी कार्यों के दम पर विधानसभा चुनाव में दो-तिहाई बहुमत नहीं मिलता है तो उन्हें निराशा होगी. उन्होंने कांग्रेस सरकार पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की आलोचना करते हुए कहा कि यह बहुत दुखद है कि निर्वाचित शासन के उच्चतम स्तर पर बैठे लोग आरोप लगा रहे हैं.

उन्होंने कहा, ”उनके पास कार्रवाई करने का पूरा मौका है. एक प्रधानमंत्री या गृह मंत्री से आरोप लगाने की उम्मीद नहीं की जाती है. आपके पास राष्ट्रीय स्तर पर ऐसा तंत्र है जो इस तरह की जांच कर सकता है. उन्होंने ऐसा क्यों नहीं किया.” सिंहदेव ने कहा कि उस स्तर पर आरोप लगाना बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है और यह प्रधानमंत्री या गृह मंत्री के पद की प्रतिष्ठा के अनुरूप नहीं है.

पिछले पांच वर्ष में सरकार के कार्यकाल के दौरान उनके और मुख्यमंत्री बघेल के बीच अनबन की खबरों के बारे में पूछे जाने पर सिंहदेव ने कहा कि ऐसा कोई मतभेद नहीं है. उपमुख्यमंत्री ने कहा, ”पूरा मामला मीडिया में छाया हुआ था, ढाई-ढाई साल के लिए (मुख्यमंत्री पद) साझा करने की बात थी और इससे हम दोनों पर बहुत दबाव बना. मेरे कार्यकर्ता और सहयोगी मुझे फोन कर रहे थे, 100 से अधिक कॉल का मुझे जवाब देना पड़ रहा था.. मैंने उनसे (अपने समर्थकों) कहा था कि यह फैसला करना आलाकमान का काम है, यह उनका फैसला है, ऐसा कुछ भी नहीं है जिसके बारे में मुझे जानकारी हो आदि.”

उन्होंने अंबिकापुर से फोन पर ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ”यह हमारे लिए बहुत दबाव का दौर था, लेकिन उन्होंने कभी इसका शासन-प्रशासन पर किसी भी तरह से प्रभाव नहीं पड़ने दिया.” यह पूछे जाने पर कि क्या पार्टी की छत्तीसगढ़ इकाई एकजुट है, सिंहदेव (70) ने कहा, ”हां, जैसे कोई परिवार होता है. हम सभी के परिवार हैं, हमारे माता-पिता, पति-पत्नी का रिश्ता है, हमारे भाई-बहन के बीच रिश्ते हैं, दोस्तों के बीच रिश्ते हैं…क्या सब कुछ हमेशा सही होता है. हमेशा सब सही नहीं होता, यह मानव स्वभाव का हिस्सा है जो कभी कभी बदलता है और हमें इतना परिपक्व होना होता है कि संबंध मजबूत बनें.”

यह पूछे जाने पर कि कांग्रेस ने मुख्यमंत्री पद के लिए कोई चेहरा घोषित नहीं किया है, लेकिन मौजूदा मुख्यमंत्री बघेल इस दौड़ में सबसे आगे हैं, सिंहदेव ने कहा, ”वह (बघेल) निश्चित रूप से सबसे आगे होंगे. ये आलाकमान द्वारा लिए गए निर्णय हैं और आलाकमान जो भी निर्णय लेता है, हम सभी इसका पालन करेंगे.’ सिंहदेव ने कहा कि चुनाव के संदर्भ में अब तक जो तय हुआ है वह यह है कि संयुक्त नेतृत्व चुनाव अभियान का नेतृत्व करेगा और मुख्यमंत्री बघेल टीम का नेतृत्व करेंगे.

सिंहदेव ने छत्तीसगढ़ में कांग्रेस द्वारा टिकट वितरण को न्यायसंगत बताया है. उन्होंने जाति आधारित गणना की भी वकालत की और कहा कि पार्टी के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी पहले ही घोषणा कर चुके हैं कि अगर कांग्रेस सरकार में वापस आती है तो ओबीसी सर्वेक्षण होगा.

उन्होंने कहा, ”तो हम निश्चित रूप से एक जाति आधारित गणना कराएंगे. यह वह आधार उपलब्ध कराता है जिसके अनुसार आप लक्ष्य कर सकते हैं और बता सकते हैं कि समाज के किस वर्ग को सरकार से सबसे ज्यादा मदद की जरूरत है.” यह पूछे जाने पर कि कांग्रेस प्रधानमंत्री के तेजतर्रार अभियान का मुकाबला कैसे करेगी, सिंहदेव ने कहा, ”श्री मोदी मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी या छत्तीसगढ़ के शासन के लिए नहीं लड़ रहे हैं. हमने पिछले पांच वर्ष की लगभग पूरी अवधि में श्री मोदी को छत्तीसगढ़ में नहीं देखा है.ह्व सिंहदेव ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के शीर्ष नेता आते हैं, प्रचार करते हैं, उनमें एक आकर्षण होता है, लोग आते हैं और उन्हें सुनते हैं, लेकिन जब वे वोट करते हैं तो परिपक्व मतदाता इस बात पर गौर करता है कि कौन काम करेगा.
सिंहदेव ने यह भी कहा कि संभवत: यह उनका आखिरी चुनाव है.

उन्होंने कहा, ”यह वह समय था जब मैं सोच रहा था कि अगली पीढ़ी को आगे आना चाहिए लेकिन हमारे कार्यकर्ताओं की दृढ़ राय थी कि इस बार नहीं. इसलिए मैंने उनकी सलाह, उनकी मांग, उनके फैसले पर गौर किया और चुनाव लड़ने का फैसला किया.” यह पूछे जाने पर कि कांग्रेस कितनी सीट जीतेगी, सिंहदेव ने कहा कि अगर पार्टी को दो-तिहाई बहुमत नहीं मिला तो उन्हें निराशा होगी.

उन्होंने कहा, ”मुझे व्यक्तिगत रूप से बहुत निराशा होगी अगर हमारे पास दो-तिहाई यानी 90 में से 60 सीट नहीं होंगी. कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं को 75 से अधिक सीट पर जीत मिलने की उम्मीद है.” सिंहदेव ने कहा कि इस आत्मविश्वास का कारण यह है कि पार्टी ने शासन के मामले में जमीन पर बहुत अच्छा प्रदर्शन किया है. छत्तीसगढ़ की 90 सदस्यीय विधानसभा के लिए दो चरणों में सात और 17 नवंबर को मतदान होगा और मतगणना तीन दिसंबर को होगी.

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