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छत्तीसगढ़ में असंगठित श्रमिकों को कैशलेस इलाज की सुविधा के लिए 106 निजी चिकित्सालयों से अनुबंध

रायपुर: छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य में ‘अटल श्रम सशक्तीकरण योजना’ के तहत असंगठित श्रमिकों को ‘कैशलेस’ इलाज की सुविधा प्रदान करने हेतु 106 निजी चिकित्सालयों से अनुबंध किया है। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी।

अधिकारियों ने बताया कि असंगठित श्रमिकों और उनके परिवारों के समग्र विकास के लिए एक छत्र योजना के रूप में ‘अटल श्रम सशक्तीकरण योजना’ प्रारंभ की गई है। अधिकारियों ने बताया कि प्रवासी श्रमिकों को सहयोग और मार्गदर्शन देने के लिए प्रथम चरण में पांच राज्यों-उत्तर प्रदेश, तेलंगाना, ओडिशा, गुजरात और महाराष्ट्र में ‘मोर चिन्हारी भवन’ का निर्माण किया जाएगा। इन राज्यों में बड़ी संख्या में छत्तीसगढ़ के श्रमिक रहते हैं।

इसके अलावा, श्रमिकों को कैशलेस इलाज की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए 106 निजी चिकित्सालयों से अनुबंध किया गया है जिससे उन्हें हृदय रोग, किडनी रोग, मस्तिष्क रोग, जटिल सर्जरी आदि के लिए सुपर स्पेशियलिटी अस्पतालों में उपचार की सुविधा मिल सकेगी।

श्रम विभाग की इस योजना के अंतर्गत, श्रमिकों और उनके परिवारों को एक ही स्थान पर सरकार की सभी योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने हेतु ‘श्रमेव जयते’ पोर्टल तैयार किया गया है। उन्होंने बताया कि पंजीकृत श्रमिकों द्वारा आर्थिक गतिविधियों के खातिर बैंक से लिए गए ऋण पर ब्याज अनुदान देने के लिए शीघ्र ही एक नयी योजना प्रारंभ की जाएगी ताकि वे आत्मनिर्भर बनकर स्वयं का व्यवसाय स्थापित कर सकें।

इसके अतिरिक्त, असंगठित श्रमिकों के कल्याण के लिए संचालित योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन और सतत निगरानी हेतु राज्य के प्रत्येक संभाग में श्रम कल्याण कार्यालयों की स्थापना की जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि श्रमिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए तिल्दा, उरला (रायपुर), लारा, खरसिया (रायगढ़) जैसे श्रमिक बाहुल्य क्षेत्रों में नए औषधालयों की स्थापना की जा रही है।

वहीं, बीमित हितग्राहियों को चिकित्सा सुविधाएं कैशलेस आधार पर उपलब्ध कराने हेतु कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) ने राज्य के 106 निजी चिकित्सालयों से अनुबंध किया है। इसके अलावा, अस्पताल में भर्ती मरीजों के लिए विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने हेतु रायपुर तथा कोरबा में 100 बिस्तरों वाले एक-एक चिकित्सालय का निर्माण किया गया है, जिनमें ओपीडी सुविधा शुरू हो चुकी है। भिलाई तथा रायगढ़ में 100 बिस्तरों वाले चिकित्सालयों का निर्माण कार्य प्रगति पर है, जबकि बिलासपुर में ऐसे एक चिकित्सालय की स्वीकृति कर्मचारी राज्य बीमा निगम द्वारा दी गई है।

श्रमिकों को उनके कार्यस्थल के निकट ही सस्ता भोजन उपलब्ध कराने के लिए ‘शहीद वीर नारायण ंिसह श्रम अन्न योजना’ शुरू की गई है। इन केंद्रों में श्रमिकों को पांच रुपये में भरपेट भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। पहले चरण में रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, बिलासपुर, रायगढ़, महासमुंद और सूरजपुर में कुल 21 केंद्र प्रारंभ किए गए हैं।

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