आईएमडी के पांच अक्टूबर तक भारी बारिश के पूर्वानुमान को लेकर ओडिशा में अलर्ट

भुवनेश्वर. बंगाल की खाड़ी के ऊपर निम्न दबाव का क्षेत्र बनने के कारण ओडिशा के अधिकतर क्षेत्रों में भारी वर्षा होने के बाद राज्य सरकार ने सभी जिलों को अलर्ट पर रखा है. अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी. अपने नवीनतम बुलेटिन में भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने कहा, ”पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना निम्न दबाव का क्षेत्र उत्तर-उत्तरपश्चिम की ओर बढ़ गया है तथा अवदाब में संघनित हो गया है.” मौसम विज्ञानियों का कहना है कि उसके फलस्वरूप भारी वर्षा हुई एवं आंधी आई.
राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के सूत्रों ने बताया कि मौजूदा मौसम तंत्र के कारण राज्य के कई हिस्सों में बारिश हो रही है.
आईएमडी ने एक अक्टूबर के लिए ओडिशा के सभी 30 जिलों में हल्की से मध्यम बारिश की चेतावनी जारी की है, जबकि गंजाम, गजपति, रायगढ़ा, कोरापुट, मलकानगिरि और नबरंगपुर में भारी बारिश होने की संभावना है.
दो अक्टूबर के लिए, आईएमडी ने पुरी और जगतसिंहपुर जिलों में 20 सेमी से अधिक वर्षा का ‘रेड’ अलर्ट जारी किया है, 14 जिलों के लिए ‘ओरेंज’ अलर्ट (7 सेमी से 20 सेमी वर्षा) और शेष 14 जिलों के लिए ‘येलो’ अलर्ट (7 सेमी से 11 सेमी वर्षा) जारी किया है.
अधिकारियों ने बताया कि राज्य सरकार ने सभी जिलाधिकारियों से संभावित जलभराव, अचानक बाढ़, भूस्खलन और संबंधित गतिविधियों से निपटने के लिए र्किमयों और मशीनरी को तैयार रखने को कहा है. मछुआरों को एक अक्टूबर से तीन अक्टूबर तक आसपास समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है.
आईएमडी के बुलेटिन में कहा गया है,”गहरे दबाव के प्रभाव के कारण, एक अक्टूबर को बंगाल की खाड़ी के मध्य और उससे सटे उत्तर क्षेत्र में 40-50 किमी प्रति घंटे से 60 किमी प्रति घंटे तक की रफ्तार से हवा चलने की संभावना है. यह धीरे-धीरे बढ़ेगी… दो अक्टूबर की दोपहर से तीन अक्टूबर की सुबह तक बंगाल की खाड़ी के पश्चिम-मध्य और उससे सटे उत्तर-पश्चिम हिस्से में 55-65 किमी प्रति घंटे से 75 किमी प्रति घंटे तक की रफ्तार से हवा चलेगी.” आईएमडी ने राज्य के सभी बंदरगाहों पर ‘स्थानीय चेतावनी संकेत संख्या-ककक’ (एलसी-3) लगाने का भी सुझाव दिया है.
आईएमडी के बुलेटिन में कहा गया है, ”यह अवदाब संबंधी तंत्र लगभग 11.30 बजे विशाखापत्तनम (आंध्र प्रदेश) से लगभग 400 किलोमीटर पूर्व-दक्षिणपूर्व, गोपालपुर (ओडिशा) से 420 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिणपूर्व, पुरी (ओडिशा) से 450 किलोमीटर दक्षिण और पारादीप (ओडिशा) से 500 किलोमीटर दक्षिण में केंद्रित था.” भुवनेश्वर स्थित मौसम विज्ञान केंद्र की निदेशक मनोरमा मोहंती ने कहा,”इसके उत्तर-उत्तरपश्चिम की ओर बढ़ते रहने और तीव्र होकर गहरे दबाव के क्षेत्र में बदलने एवं तीन अक्टूबर की सुबह गोपालपुर और पारादीप के बीच ओडिशा और उससे सटे आंध्र प्रदेश के तटों को पार करने की प्रबल संभावना है.”
आईएमडी के वैज्ञानिक यू एस दास ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ”वार्षिक मानसून सीजन मंगलवार को समाप्त होने के एक दिन बाद भी ओडिशा में बारिश जारी है.” इस बीच, कटक से मिली एक रिपोर्ट के अनुसार, दुर्गा पूजा समारोह के लिए रेवेंशॉ विश्वविद्यालय के पास बनाया गया 30 फुट ऊंचा एक सजावटी द्वार भारी बारिश के कारण आंशिक रूप से गिर गया लेकिन इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ. ढांचे के ढहने के बाद वाहनों और पैदल यात्रियों की आवाजाही स्थगित कर दी गई है.

