भाजपा को धर्मनिरपेक्षता न सिखाए कांग्रेस: हिमंत विश्व शर्मा
राहुल 'अनपढ बच्चा', उन्हें राजनीति का कोई ज्ञान नहीं: असम के मुख्यमंत्री
रायपुर/गुवाहाटी. असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने बुधवार को प्रदेश में सत्तारूढ़ कांग्रेस पर हमला बोला और कहा कि पार्टी भाजपा को धर्मनिरपेक्षता न सिखाए क्योंकि इसकी आड़ में लव जिहाद, धर्मांतरण और हिंदुओं की हत्या को उचित नहीं ठहराया जा सकता है. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि असम में बहुविवाह पर प्रतिबंध लगाने के लिए वह एक कानून लाने जा रहे हैं .
छत्तीसगढ़ के कवर्धा विधानसभा क्षेत्र में एक रैली को संबोधित करते हुए भारतीय जनता पार्टी के नेता ने भूपेश बघेल सरकार पर भी निशाना साधा और आरोप लगाया कि राज्य में लव जिहाद एवं धर्मांतरण की घटनाएं बढ़ रही है. शर्मा ने कहा कि यदि कांग्रेस सत्ता में वापस आती है तो ऐसे मुद्दे अगले स्तर तक पहुंच जाएंगे.
उन्होंने कहा, ”देश में लव जिहाद की शुरुआत कांग्रेस शासन के दौरान हुई. असम और छत्तीसगढ़ में आदिवासियों को प्रतिदिन धर्म परिवर्तन (ईसाई धर्म अपनाने) के लिए प्रोत्साहित किया जाता है, जब लोग (छत्तीसगढ़ में) इसके खिलाफ आवाज उठाते हैं, तो भूपेश बघेल कहते हैं कि वह धर्मनिरपेक्ष हैं. क्या हिंदुओं को मारना आपकी धर्मनिरपेक्षता है. यह देश हिंदुओं का है और हिंदुओं का ही रहेगा. धर्मनिरपेक्षता की परिभाषा हमें मत सिखाइये.”
असम के मुख्यमंत्री ने कहा, ”हमारी धर्मनिरपेक्षता की अवधारणा बाबा साहब आम्बेडकर और हमारी हिंदू संस्कृति द्वारा दी गई है. हम इसकी अवधारणा जानते हैं.” भाजपा नेता ने आगे कहा, ”असम में वह मुसलमानों को यह कहते हुए अपने समुदाय की महिलाओं से शादी करने के लिए कहते हैं कि अगर वे हिंदू महिलाओं से शादी करेंगे तो उनके समुदाय की महिलाओं का क्या होगा.” उन्होंने कहा, ”दिसंबर में मैं असम में बहुविवाह पर प्रतिबंध लगाने के लिए एक कानून बनाने जा रहा हूं.” उन्होंने कांग्रेस पर बाबर की पूजा करने (मुस्लिम आक्रमणकारी का जिक्र) और अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए कदम नहीं उठाने का आरोप लगाया.
उन्होंने कहा, ”ये लोग बाबर के हैं, भगवान श्री राम के नहीं. जो भगवान श्री राम के हैं, वे अपने वादे पूरे करते हैं. प्रधानमंत्री (नरेंद्र) मोदी ने लोगों से किए अपने सभी वादे पूरे किए.” उन्होंने शराबबंदी के अपने वादे को पूरा नहीं करने के लिए कांग्रेस सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि भूपेश बघेल सरकार शराब बेचने के लिए देश में मशहूर हो गई है.
उन्होंने लोगों से छत्तीसगढ़ को ‘लव जिहाद’ और धर्मांतरण से बचाने के लिए भाजपा उम्मीदवार विजय शर्मा को वोट देने और अकबर को विदा करने का आग्रह किया. कांग्रेस ने कवर्धा सीट से अपने वरिष्ठ नेता और मंत्री मोहम्मद अकबर को फिर से उम्मीदवार बनाया है. छत्तीसगढ़ की 90 सीटों के लिए दो चरणों में सात और 17 नवंबर को मतदान होना है.
राहुल ‘अनपढ बच्चा’, उन्हें राजनीति का कोई ज्ञान नहीं: असम के मुख्यमंत्री
असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने वंशवाद की राजनीति पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी की हालिया टिप्पणी को लेकर उनकी आलोचना की और उन्हें एक ‘अनपढ बच्चा’ बताया, जिसे राजनीति के बारे में कोई ज्ञान नहीं है. गांधी ने मंगलवार को चुनावी राज्य मिजोरम में संवाददाता सम्मेलन के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बेटे के भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) में पद का जिक्र किया था.
गांधी ने एक प्रश्न पर कहा था, ”अमित शाह का बेटा क्या करता है? वास्तव में वह क्या कर रहा है? (रक्षा मंत्री) राजनाथ सिंह का बेटा क्या करता है? मैंने सुना था कि अमित शाह का बेटा भारतीय क्रिकेट को संचालित कर रहा है…भाजपा के नेताओं को देखें और खुद से सवाल पूछें कि उनके बच्चे क्या कर रहे हैं? उनके कई बच्चे वंशवाद से आए हैं.” गृह मंत्री के बेटे जय शाह बीसीसीआई के सचिव और एशियाई क्रिकेट परिषद के अध्यक्ष हैं, जबकि सिंह के बेटे उत्तर प्रदेश विधानसभा से सदस्य हैं.
शर्मा ने यहां संवाददाताओं से कहा, ”अमित शाह का बेटा कैसे सामने आया? वह भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में नहीं हैं, लेकिन राहुल का पूरा परिवार राजनीति में है…राहुल को लगता है कि बीसीसीआई भाजपा की एक शाखा है. मुझसे उनके बारे में ज्यादा मत पूछिए, वह एक ‘अनपढ बच्चा’ हैं.” शर्मा ने कहा, ”क्या राजनाथ सिंह के बेटे, जो अभी यूपी में विधायक हैं, की तुलना (कांग्रेस महासचिव) प्रियंका गांधी से की जा सकती है? क्या वह भाजपा को नियंत्रित करते हैं?” मुख्यमंत्री ने कहा कि राहुल गांधी को नए लोगों को मौका देना चाहिए, फिर वंशवाद की राजनीति पर बात करनी चाहिए.
शर्मा ने कहा, ”राहुल को राजनीति के बारे में कोई ज्ञान नहीं है और यह अहसास नहीं है कि वह वंशवाद की राजनीति के मूल में हैंङ्घएक परिवार से हर कोई राजनीति में रहा है- मां, पिता, पड़दादा, बहन, भाई…और पार्टी को नियंत्रित करते रहे हैं. लेकिन, वह भाजपा से उसकी तुलना कैसे कर सकते हैं?”
