राजनांदगांव: नक्सली हमले में दो पुलिसकर्मी बलिदान
राजनांदगांव. छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में सोमवार को एक जांच चौकी के करीब नक्सलियों ने पुलिस दल पर घात लगाकर हमला कर दिया, जिससे इस हमले में दो पुलिसकर्मी बलिदान हो गए . पुलिस अधिकारियों ने यह जानकारी दी.
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जिले के बोरतलाव थाना क्षेत्र के अंतर्गत महाराष्ट्र सीमा से लगे जांच चौकी के करीब नक्सलियों ने आज सुबह पुलिसर्किमयों पर हमला कर दिया और इस हमले में जिला बल के प्रधान आरक्षक राजेश ंिसह राजपूत और छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल के आरक्षक अनिल कुमार शहीद हो गए .
उन्होंने बताया कि नक्सली हमले के बाद महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश की पुलिस ने तीनों राज्यों के सीमावर्ती क्षेत्रों में हमलावर नक्सलियों को पकड़ने के लिए संयुक्त अभियान शुरू किया है. राजनांदगांव जिले के पुलिस अधीक्षक अभिषेक मीणा ने बताया कि बोरतलाव थाना क्षेत्र में छत्तीसगढ़-महाराष्ट्र सीमा पर बने चेक पोस्ट में सुबह सात से आठ बजे के बीच नक्सलियों ने हमला कर दिया.
मीणा ने बताया कि बोरतलाव पुलिस शिविर से लगभग चार किलोमीटर दूर स्थित चेक पोस्ट घने जंगलों से गुजरने वाली सड़क पर स्थित है. यह चेक पोस्ट शराब के अवैध परिवहन की जांच के लिए बनाया गया है. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार जब राजपूत और कुमार बोरतलाव शिविर से चेक पोस्ट के बाहर पहुंचे तब एके-47 और इंसास राइफल सहित अत्याधुनिक हथियारों से लैस नक्सलियों के एक छोटे दल ने गोलीबारी शुरू कर दी.
उन्होंने बताया कि दोनों पुलिसर्किमयों के पास हथियार नहीं थे इसलिए वे जवाबी कार्रवाई नहीं कर सके और उनमें से एक की मौके पर ही मौत हो गई, वहीं दूसरे पुलिसकर्मी की मृत्यु अस्पताल ले जाते समय रास्ते में हुई. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि दोनों के पास हथियार क्यों नहीं थे, इसकी जांच की जाएगी.
उन्होंने बताया कि घटनास्थल से भागने से पहले नक्सलियों ने पुलिसर्किमयों की मोटरसाइकिल में भी आग लगा दी. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि घटना के बाद क्षेत्र में तलाश अभियान शुरू किया गया है. उन्होंने बताया कि पुलिस को आशंका है कि दर्रेकसा दलम या प्लाटून नंबर एक के माओवादियों ने इस हमले को अंजाम दिया है.
राजनांदगांव जिले का एक बड़ा हिस्सा महाराष्ट्र के गोंदिया और गढ़चिरौली तथा मध्यप्रदेश के बालाघाट जिले से लगा हुआ है . यहां लगातार माओवादी गतिविधियों की सूचना मिलती रही है. पिछले वर्ष राजनादंगांव जिले से दो नए जिले मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी और खैरागढ़-छुईखदान-गंडई अलग होने के बाद ज्यादातर नक्सल प्रभावित क्षेत्र इन नए जिलों में आ गया है. नक्सलियों ने जिस क्षेत्र में सोमवार को हमला किया वह माओवादियों के एमएमसी (मध्य प्रदेश-महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़) क्षेत्र के अंतर्गत आता है. यहां वह अपना नया आधार स्थापित करने की कोशिश कर रहे हैं.
इससे पहले वर्ष 2020 में राजनांदगांव के मानपुर क्षेत्र में नक्सलियों के साथ हुई मुठभेड़ में एक पुलिस उप निरीक्षक की मौत हो गई थी. इस मुठभेड़ में चार नक्सली मारे गए थे. यह क्षेत्र अब मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले में आता है. वहीं 2019 में राजनांदगांव जिले के बोरतलाव थाना क्षेत्र से लगे बाघनदी पुलिस थाना क्षेत्र में सुरक्षा बलों ने मुठभेड़ में सात नक्सलियों, जिनमें से ज्यादातर दर्रेकसा एरिया कमेटी और माओवादियों के प्लाटून नंबर एक से संबंधित थे, को मार गिराया था.
महाराष्ट्र के गढ़चिरौली के पुलिस उप महानिरीक्षक संदीप पाटिल ने बताया है कि घटना के बाद छत्तीसगढ़ सीमा पर तैनात पुलिस दल को जांच चौकियों की निगरानी के दौरान मानक प्रक्रियाओं का पालन करने के लिए सतर्क कर दिया गया है. पाटिल ने कहा है कि यह हमला महाराष्ट्र के गोंदिया जिले की सीमा से एक किलोमीटर की दूरी पर हुआ है. जहां नक्सलियों के दो दलम ने पुलिसर्किमयों पर हमला किया है.
उन्होंने कहा कि पुलिसर्किमयों के पास हथियार नहीं थे, जिसके कारण उन्हें नक्सलियों ने आसानी से निशाना बनाया. पुलिस अधिकारी ने कहा है कि हमले के बाद नक्सली महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश की सीमा की ओर जा सकते हैं. इसे ध्यान में रखते हुए महाराष्ट्र पुलिस, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ पुलिस के साथ संयुक्त अभियान चला रही है.
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि जवानों की शहादत व्यर्थ नहीं जाएगी. बघेल ने ट्वीट कर कहा है, ”राजनांदगांव जिले के बोरतलाव थाना क्षेत्र के समीप नक्सली हमले में दो जवानों की शहादत का समाचार दुखद है. हमारे जवानों की शहादत व्यर्थ नहीं जाएगी. ईश्वर उनके परिवारों को शक्ति दे. हम सब साथ हैं. ओम् शांति:.”