राज्य में आदिवासी समूहों को योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है: साय
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को लिखा पत्र
नयी दिल्ली. छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर अवगत कराया कि अयोध्या में ‘प्राण प्रतिष्ठा’ समारोह को लेकर भगवान राम के ननिहाल छत्तीसगढ़ में भी खुशी का माहौल है और कहा कि उनकी सरकार ‘राम राज्य’ के आदर्श को पूरा करने के लिए आदिवासियों के लिए बनाई गई केंद्रीय योजनाओं का त्वरित कार्यान्वयन सुनिश्चित करेगी.
साय ने मोदी को लिखे अपने पत्र में छत्तीसगढ़ की जनता की ओर से आभार व्यक्त किया. इसके साथ ही अयोध्या मंदिर में राम लला की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा के समारोह के बाद अपने संबोधन के दौरान एक आदिवासी महिला ‘शबरी’ को याद करने के लिए उन्होंने प्रधानमंत्री को धन्यवाद दिया जिसका विश्वास था कि भगवान राम आएंगे. प्राणा प्रतिष्ठा समारोह में अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने शबरी की भक्ति और धैर्य का जिक्र किया था.
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था, ”जैसे ही मैं सुदूर जंगल में एक झोपड़ी में जीवन व्यतीत करने वाली अपनी आदिवासी माता शबरी के बारे में सोचता हूं तो एक अविश्वसनीय विश्वास जाग जाता है. माता शबरी युगों-युगों से कहती आ रही थीं, ‘राम आएंगे’. हर भारतीय का यही विश्वास, भक्ति, सेवा और समर्पण की भावना ही समर्थ, गौरवशाली और दिव्य भारत का आधार बनेगी.”
मुख्यमंत्री ने शिवरीनारायण और पूरे प्रदेश की जनता की भावनाओं को साझा करते हुए लिखा, ”आपके इन सुंदर शब्दों ने शबरी धाम में रहने वाले शिवरीनारायण के हजारों लोगों, छत्तीसगढ़ के करोड़ों लोगों और देश भर में रहने वाले करोड़ों वनवासियों के दिलों को छू लिया है. इसके लिए हम माता शबरी के इस धाम की ओर से आपका आभार व्यक्त करते हैं.”
साय ने लिखा, ”श्री राम ने हम सभी के लिए राम राज्य के आदर्श स्थापित किए हैं. आपके मार्गदर्शन और प्रेरणा से हम भगवान राम की ननिहाल छत्तीसगढ़ में राम राज्य की संकल्पना को साकार करने के लिए आदिवासी समूहों के खातिर केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई योजनाओं का लाभ तेजी से इन लक्षित समूहों तक पहुंचा रहे हैं.” मुख्यमंत्री ने 25 जनवरी को लिखे पत्र में कहा कि छत्तीसगढ़ भगवान राम की ननिहाल भी है, इसलिए राज्य के लोगों की खुशी की कोई सीमा नहीं है. उन्होंने कहा कि प्रतिष्ठा समारोह का दिन पूरे छत्तीसगढ़ में रामोत्सव के रूप में मनाया गया.
उन्होंने कहा, ”इस अवसर पर, मैंने माता शबरी के पवित्र निवास स्थान शिवरीनारायण से प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रम देखने का निर्णय लिया. जब आपने अभिजीत मुहूर्त के शुभ क्षणों में श्री रामलला का अभिषेक किया तो यह हम सभी के लिए खुशी, भावनात्मक और गौरव का क्षण था.” प्रधानमंत्री मोदी ने 22 जनवरी को अयोध्या में नवनिर्मित श्री राम जन्मभूमि मंदिर में श्रीरामलला की मूर्ति की ‘प्राण प्रतिष्ठा’ (प्रतिष्ठापन) के समारोह में भाग लिया था. उन्होंने मंदिर के निर्माण में योगदान देने वाले श्रमिकों से भी बातचीत की.