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साय ने राहुल की न्याय यात्रा पर कसा तंज कसते हुए कहा, पहले अपनी पार्टी के नेताओं के साथ करें न्याय

रायपुर. छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बृहस्पतिवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी की ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ पर कटाक्ष किया और कहा कि उन्हें पहले अपनी पार्टी के नेताओं के साथ न्याय करना चाहिए. दिल्ली से लौटने के बाद रायपुर के स्वामी विवेकानंद हवाई अड्डे पर पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि कथित छत्तीसगढ़ राज्य लोक सेवा आयोग (सीजीपीएससी) घोटाले के आरोपियों को बख्शा नहीं जाएगा. गांधी की यात्रा बृहस्पतिवार को ओडिशा से छत्तीसगढ़ में प्रवेश करने वाली है.

नवंबर 2023 के विधानसभा चुनावों के बाद यह गांधी की छत्तीसगढ़ की पहली यात्रा होगी, जिसमें उनकी पार्टी राज्य में सत्ता से बाहर हो गई थी. कांग्रेस का जन संपर्क कार्यक्रम 14 जनवरी को मणिपुर से शुरू हुआ और 20 मार्च को मुंबई में समाप्त होगा. गांधी की यात्रा पर एक सवाल के जवाब में, मुख्यमंत्री साय ने कहा, “आप सभी ने भारत जोड़ो यात्रा का प्रभाव देखा है और अब उन्होंने न्याय यात्रा निकाली है. राज्य विधानसभा चुनावों (छत्तीसगढ़ में) के बाद, कई (कांग्रेस) उम्मीदवारों ने पार्टी छोड़ दी. इसलिए उन्हें पहले उनके साथ न्याय करना चाहिए.ह्व उन्होंने कहा, “मैं बुधवार शाम को दिल्ली गया और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात की और उन्हें राज्य में ‘मोदी की गारंटी’ (भाजपा के चुनाव पूर्व वादे) को पूरा करने के लिए किए जा रहे प्रयासों के बारे में जानकारी दी.” .

आगामी संसदीय चुनावों पर किसी चर्चा के बारे में पूछे जाने पर साय ने कहा कि यहां भाजपा के प्रदेश प्रभारी ओम माथुर और सह प्रभारी नितिन नबीन के साथ चुनावों पर चर्चा होगी और चुनाव की तैयारियां जोरों पर चल रही हैं. उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के प्रचार के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कथित सीजीपीएससी घोटाले की जांच का वादा किया था.

साय ने कहा, “हमने इसकी सीबीआई जांच की सिफारिश की है और (राज्य की आर्थिक अपराध शाखा द्वारा बुधवार को) एक प्राथमिकी दर्ज की गई है. आरोपियों को बख्शा नहीं जाएगा.” सरकारी बयान में पहले कहा गया था, गृह विभाग द्वारा दो फरवरी को राज्य ईओडब्ल्यू/भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के निदेशक को लिखे पत्र के अनुसार, प्रथम दृष्टया यह पाया गया कि सीजीपीएससी के तत्कालीन अध्यक्ष तमन सिंह सोनवानी, तत्कालीन सचिव जीवन किशोर ध्रुव, सीजीपीएससी के तत्कालीन परीक्षा नियंत्रक और अन्य लोक सेवकों और राजनेताओं ने अपने पदों और राजनीतिक प्रभाव का दुरुपयोग किया, और सहायक प्रोफेसर चयन परीक्षा 2021 सहित 2020 और 2021 में भर्ती प्रक्रिया में चयन प्रक्रिया में हेरफेर की और योग्य उम्मीदवारों के स्थान पर उनके बेटे, बेटी और रिश्तेदारों का चयन कराया गया.

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