आप नेता सौरभ भारद्वाज ने ईडी की आलोचना की, उपराज्यपाल पर साजिश रचने का आरोप लगाया
नयी दिल्ली. आम आदमी पार्टी (आप) की दिल्ली इकाई के प्रमुख सौरभ भारद्वाज ने बुधवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की आलोचना की जिसने धन शोधन मामले की जांच के तहत उनसे जुड़े परिसरों पर छापेमारी की है. भारद्वाज ने दिल्ली के उपराज्यपाल वी के सक्सेना पर उन्हें झूठे मामले में फंसाने की साजिश रचने का आरोप लगाया. इन आरोपों पर ईडी या उपराज्यपाल कार्यालय की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आयी.
केंद्रीय जांच एजेंसी ने दिल्ली में आप सरकार के दौरान स्वास्थ्य बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में कथित घोटाले से जुड़ी धन शोधन जांच के तहत मंगलवार को दिल्ली के पूर्व मंत्री भारद्वाज और कुछ निजी ठेकेदारों के परिसरों पर छापेमारी की. धन शोधन रोधी अधिनियम (पीएमएलए) के तहत राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में कम से कम 13 स्थानों पर छापेमारी की गई. बुधवार को एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए भारद्वाज ने कहा कि ईडी की टीम सुबह करीब 7.15 बजे उनके आवास पर पहुंची.
उन्होंने आरोप लगाया, ”पहले उन्होंने मेरे घर की तलाशी ली और फिर मुझे बयान दर्ज करने के लिए बैठाया. उन्होंने मुझसे 43 सवाल पूछे और मैंने उन सभी के जवाब दिए. मेरा बयान दर्ज करने के बाद उन्होंने वह बयान कहीं भेज दिया. मुझे नहीं पता कि उन्होंने उसे कहां भेजा, लेकिन बाद में वे लोग मेरे पास आए और मुझसे मेरे बयान का एक हिस्सा हटाने को कहा.” भारद्वाज ने कहा कि उनके परिवार को यह आभास दिया गया था कि बयान बदलने से इनकार करने पर उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा. उन्होंने कहा, “ईडी इसी तरह काम करता है. वे आपको मानसिक रूप से प्रभावित करते हैं, दबाव और धमकी का इस्तेमाल करते हैं. ईडी कैसे तय कर सकती है कि मैं अपने बयान में क्या कहूं?”
आप नेता भारद्वाज ने कहा कि वह 9 मार्च, 2023 को मंत्री बने और 22 मार्च को अस्पताल परियोजनाओं में देरी पर एक बैठक की. भारद्वाज ने कहा कि इसके बाद उन्होंने कई बैठकें कीं और कई निर्देश जारी किए. उन्होंने दावा किया, “उपराज्यपाल ने सुनिश्चित किया कि अधिकारी निर्देशों का पालन नहीं करें. उन्होंने मुझे फंसाने के लिए अधिकारियों के साथ मिलकर साजिश रची.” भारद्वाज ने कहा कि उन्हें पता है कि उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया जाएगा. उन्होंने कहा, “जब मैं जेल में रहूंगा, मेरे वकील सच्चाई उजागर करेंगे.”